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हजारीबाग: दिनदहाड़े बैंक में डकैती, 10 मिनट में 7 करोड़ का सोना और लाखों रुपये ले भागे बदमाश

हजारीबाग: दिनदहाड़े बैंक में डकैती, 10 मिनट में 7 करोड़ का सोना और लाखों रुपये ले भागे बदमाश
हजारीबाग: दिनदहाड़े बैंक में डकैती, 10 मिनट में 7 करोड़ का सोना और लाखों रुपये ले भागे बदमाश

झारखंड के हजारीबाग में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में चार नकाबपोश बदमाशों ने दिनदहाड़े 10 मिनट में 7 करोड़ रुपये का सोना और 5 लाख नकद लूट लिया। ग्राहक बनकर घुसे अपराधियों ने हथियार के बल पर कर्मचारियों को बंधक बनाकर वारदात को अंजाम दिया, पुलिस जांच जारी है।

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Dipali Kumari
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Bank Robbery in Hazaribagh: झारखंड के हजारीबाग जिले में शुक्रवार दोपहर एक ऐसी घटना हुई, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया।बरही थाना क्षेत्र में हजारीबाग रोड स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में दिनदहाड़े डकैती को अंजाम दिया गया। महज 10 मिनट के भीतर चार नकाबपोश बदमाश करीब 7 करोड़ रुपये का सोना और लगभग 5 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए।

अकाउंट खुलवाने का बहाना बनाकर पहुंचे थे बदमाश

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना पूरी तरह से प्लान्ड थी। दो बदमाश पहले ग्राहक बनकर बैंक पहुंचे और करंट अकाउंट खुलवाने का बहाना करने लगे। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ ही देर में उनके दो और साथी अंदर आ गए। अचानक चारों ने हथियार निकाल लिए और पूरे माहौल को खौफ में बदल दिया। बैंक में मौजूद कर्मचारी और ग्राहक कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उन्हें एक जगह इकट्ठा कर लिया गया।

बैंक मैनेजर के साथ मारपीट

बदमाशों ने कर्मचारियों को धमकाते हुए कहा कि कोई भी हरकत जानलेवा साबित हो सकती है। इस दौरान बैंक मैनेजर के साथ मारपीट भी की गई, जिससे वहां मौजूद लोगों में और ज्यादा डर फैल गया। एक कर्मचारी ने बताया कि उस वक्त ऐसा लग रहा था जैसे समय थम गया हो हर कोई सहमा हुआ था और बस किसी तरह इस खौफनाक पल के गुजरने का इंतजार कर रहा था।

महज 10 मिनट में डकैती

घटना का समय भी बेहद चौंकाने वाला है। बदमाश दोपहर 3 बजकर 19 मिनट पर बैंक में दाखिल हुए और 3 बजकर 29 मिनट तक पूरी डकैती को अंजाम देकर निकल गए। इतनी तेजी से सब कुछ हुआ कि किसी को प्रतिक्रिया देने का मौका तक नहीं मिला। लुटेरे गोल्ड लोन और लॉकर में रखा सोना अपने साथ ले गए, साथ ही कैश काउंटर से नकदी भी समेट ली।

जाँच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके में नाकेबंदी कर दी गई। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों की पहचान की कोशिश जारी है। पुलिस को शक है कि यह किसी संगठित गिरोह का काम है, जिसने पहले से बैंक की रेकी की थी।

बरही के एसडीपीओ अजीत कुमार विमल ने बताया कि चारों डकैतों की तलाश जारी है और आसपास के क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, हजारीबाग के एसपी अमन कुमार ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।