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रांची: 59 दिनों से लापता कन्हैया की तलाश तेज, 7 राज्यों में एक साथ चल रही छापेमारी

रांची: 59 दिनों से लापता कन्हैया की तलाश तेज, 7 राज्यों में एक साथ चल रही छापेमारी
रांची: 59 दिनों से लापता कन्हैया की तलाश तेज (File Photo)

रांची के ओरमांझी से 59 दिनों से लापता 12 वर्षीय कन्हैया कुमार की तलाश में पुलिस की एसआईटी सक्रिय है। झारखंड समेत सात राज्यों में छापेमारी जारी है। मानव तस्करी गिरोह पर शक गहराया है, जबकि परिवार अब भी बेटे की सकुशल वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है।

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Dipali Kumari
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Kanhaiya Kumar Missing Case: झारखंड की राजधानी रांची के ओरमांझी थाना क्षेत्र से लापता 12 वर्षीय कन्हैया कुमार की तलाश अब एक बड़े और संगठित अभियान का रूप ले चुकी है। 59 दिन बीत जाने के बावजूद जब मासूम का कोई सुराग नहीं मिला, तो रांची पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम यानी एसआईटी को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। अब यह मामला सिर्फ एक बच्चे की गुमशुदगी नहीं, बल्कि संभावित मानव तस्करी के एक संगठित नेटवर्क से जुड़ता नजर आ रहा है।

सात राज्यों में एक साथ चल रही छापेमारी

रांची पुलिस की एसआईटी ने गुरुवार देर रात से झारखंड समेत सात राज्यों में एक साथ छापेमारी शुरू की है। झारखंड में सिल्ली थाना क्षेत्र के टुटकी गांव, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला और पलामू में पुलिस टीमें सक्रिय हैं। वहीं बिहार के औरंगाबाद, राजस्थान के जयपुर, महाराष्ट्र के मुंबई, पश्चिम बंगाल और दिल्ली तक मानव तस्करों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

इस अंतरराज्यीय कार्रवाई से साफ है कि पुलिस अब इस मामले को बेहद गंभीर मान रही है और किसी भी सिरे को अनदेखा नहीं करना चाहती। जांच एजेंसियों का मानना है कि कन्हैया को बहला-फुसलाकर या किसी साजिश के तहत रांची से बाहर ले जाया गया हो सकता है।

गुलगुलिया परिवारों से पूछताछ, तस्करी गिरोह पर शक

जांच के दौरान सिल्ली थाना क्षेत्र के टुटकी गांव से पांच से छह गुलगुलिया परिवारों के लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में यूपी के मिर्जापुर से जुड़े एक मानव तस्कर गिरोह का नाम सामने आ रहा है, जिसका कनेक्शन पहले भी बच्चों की तस्करी के मामलों से जुड़ चुका है।

धुर्वा से गायब हुए अंश और अंशिका के मामले में भी इसी गिरोह की संलिप्तता सामने आई थी। उसी केस में गिरफ्तार आरोपियों से मिले सुरागों के आधार पर कन्हैया मामले में भी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

एसआईटी की कमान ग्रामीण एसपी के हाथ में

इस पूरे अभियान का नेतृत्व रांची के ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर कर रहे हैं। उनकी टीम में सिटी एसपी पारस राणा, ट्रैफिक एसपी राकेश कुमार सिंह, कई डीएसपी और विभिन्न थानों के प्रभारी शामिल हैं। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि प्रशासन इस केस को हल्के में नहीं ले रहा।

एसआईटी लगातार तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, संदिग्ध कॉल रिकॉर्ड और पुराने मामलों से जुड़े लिंक की जांच कर रही है।

एसएसपी कर रहे हैं सीधे मॉनिटरिंग

रांची के एसएसपी राकेश रंजन खुद इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। हर दिन जांच की प्रगति की समीक्षा की जा रही है ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में ठोस सफलता मिलने की उम्मीद है।

पोस्टर और इनाम की घोषणा

कन्हैया की तलाश को तेज करने के लिए ओरमांझी पुलिस ने रांची-बिहार-यूपी-बंगाल रूट पर चलने वाली बसों और सार्वजनिक स्थानों पर कन्हैया की तस्वीर वाले पोस्टर लगाए हैं। सूचना देने वाले को उचित इनाम देने की घोषणा भी की गई है।

पुलिस ने साफ किया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। कन्हैया के भाई और पुलिस अधिकारियों के नंबर सार्वजनिक किए गए हैं ताकि कोई भी व्यक्ति बिना डर के जानकारी साझा कर सके।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।