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150 दिवसीय ई-गवर्नेंस सुधार कार्यक्रम का मूल्यांकन अंतिम चरण में, 26 जनवरी को होगी सर्वश्रेष्ठ कार्यालयों की घोषणा

150 दिवसीय ई-गवर्नेंस सुधार कार्यक्रम का मूल्यांकन अंतिम चरण में, 26 जनवरी को होगी सर्वश्रेष्ठ कार्यालयों की घोषणा
E-Governance Reform: 150 दिवसीय सुधार कार्यक्रम का मूल्यांकन अंतिम चरण में, जानें पूरी जानकारी (File Photo)

150 दिवसीय ई-गवर्नेंस सुधार कार्यक्रम का मूल्यांकन अंतिम चरण में है। भारतीय गुणवत्ता परिषद 10 स्तरों पर कार्यरत शासकीय कार्यालयों का 7 मापदंडों पर मूल्यांकन कर रही है। वेबसाइट, आपले सरकार, ई-ऑफिस, डैशबोर्ड, व्हाट्सएप चैटबॉट, AI, ब्लॉकचेन और GIS के उपयोग पर आधारित यह मूल्यांकन 26 जनवरी 2026 को घोषित होगा।

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Asfi Shadab
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E-Governance Reform 2026: देश में डिजिटल शासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शुरू किए गए 150 दिवसीय ई-गवर्नेंस सुधार कार्यक्रम का मूल्यांकन अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। यह कार्यक्रम सरकारी कार्यालयों में तकनीकी सुधार और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। विभिन्न स्तरों पर कार्यरत शासकीय कार्यालयों का व्यापक मूल्यांकन किया जा रहा है और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कार्यालयों की घोषणा 26 जनवरी 2026 को की जाएगी।

मूल्यांकन प्रक्रिया और मापदंड

इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 10 विभिन्न स्तरों पर कार्यरत सरकारी कार्यालयों का गहन मूल्यांकन किया जा रहा है। भारतीय गुणवत्ता परिषद को इस मूल्यांकन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो अपनी पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए जानी जाती है। द्वितीय चरण के इस मूल्यांकन में कुल 7 प्रमुख मापदंडों को आधार बनाया गया है।

सात प्रमुख मापदंड

पहला मापदंड कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट की गुणवत्ता और उपयोगिता से संबंधित है। इसमें वेबसाइट की सक्रियता, जानकारी की उपलब्धता और नागरिकों के लिए सुविधाओं को परखा जा रहा है। दूसरा महत्वपूर्ण मापदंड ‘आपले सरकार’ प्रणाली का प्रभावी उपयोग है, जो नागरिकों और सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित करती है।

तीसरा मापदंड ई-ऑफिस प्रणाली को लेकर है, जिसने कागजी कार्यवाही को कम करके प्रशासनिक कार्यों में गति लाई है। चौथा मापदंड कार्यालयीन डैशबोर्ड की प्रभावशीलता है, जो वास्तविक समय में कार्य की स्थिति दर्शाता है।

पांचवां मापदंड व्हाट्सएप चैटबॉट का उपयोग है, जो नागरिकों को तुरंत जानकारी उपलब्ध कराने में सहायक है। छठा और बेहद आधुनिक मापदंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग है, जो सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाता है। सातवां मापदंड जीआईएस तकनीक का प्रभावी उपयोग है, जो भौगोलिक आंकड़ों के आधार पर बेहतर योजना बनाने में मदद करता है।

दस श्रेणियों में विभाजन

इस व्यापक मूल्यांकन को दस अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। जिलाधिकारी कार्यालयों में से पांच सर्वश्रेष्ठ कार्यालयों का चयन किया जाएगा। यह श्रेणी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि जिलाधिकारी कार्यालय नागरिकों से सीधे जुड़े होते हैं।

पुलिस अधीक्षक कार्यालयों में भी पांच सर्वश्रेष्ठ कार्यालयों को चुना जाएगा। कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली इस महत्वपूर्ण संस्था का डिजिटलीकरण नागरिक सुरक्षा को नई ऊंचाइयां दे सकता है। महानगरपालिका कार्यालयों में से पांच श्रेष्ठ कार्यालयों का चयन शहरी नागरिक सेवाओं के डिजिटल परिवर्तन को दर्शाएगा।

पुलिस आयुक्त कार्यालयों में से तीन सर्वश्रेष्ठ कार्यालय चुने जाएंगे। संभागीय आयुक्त कार्यालयों और पुलिस परिक्षेत्र महानिरीक्षक कार्यालयों में से दो-दो श्रेष्ठ कार्यालयों को सम्मानित किया जाएगा।

राज्य स्तरीय आयुक्तालय और संचालनालयों में से सात सर्वोत्कृष्ट कार्यालयों का चयन होगा। इसके अलावा राज्य स्तरीय मंडल, महामंडल, प्राधिकरण, अभिकरण, शासकीय और अर्धशासकीय संस्थाओं तथा शासकीय कंपनियों में से दस उत्कृष्ट संस्थानों को पुरस्कृत किया जाएगा। मंत्रालयीन विभागों में से सात विभागों को इस सम्मान के लिए चुना जाएगा।

घोषणा की तिथि और विशेष व्यवस्था

सभी श्रेणियों के सर्वश्रेष्ठ कार्यालयों के नाम 26 जनवरी 2026, सोमवार को सुबह 10 बजे घोषित किए जाएंगे। गणतंत्र दिवस के इस शुभ अवसर पर यह घोषणा डिजिटल भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।

हालांकि, जिला परिषद कार्यालयों की घोषणा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। चुनाव आचार संहिता को देखते हुए सर्वश्रेष्ठ पांच जिला परिषद कार्यालयों की घोषणा 8 फरवरी 2026 को की जाएगी, जब आचार संहिता समाप्त हो जाएगी।

ई-गवर्नेंस का महत्व

E-Governance Reform 2026: यह कार्यक्रम केवल तकनीकी सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों और सरकार के बीच की दूरी कम करने का माध्यम है। डिजिटल प्रणालियों के उपयोग से सरकारी सेवाएं अधिक पारदर्शी, तेज और सुलभ हो रही हैं। भ्रष्टाचार में कमी, समय की बचत और बेहतर सेवा वितरण इसके प्रमुख लाभ हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों का समावेश यह दर्शाता है कि भारत सरकारी सेवाओं में वैश्विक मानकों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। व्हाट्सएप चैटबॉट जैसी सुविधाएं आम नागरिकों को उनकी भाषा में सूचना उपलब्ध कराती हैं।

भविष्य की संभावनाएं

इस मूल्यांकन प्रक्रिया के परिणाम अन्य राज्यों और कार्यालयों के लिए एक मानक स्थापित करेंगे। जो कार्यालय इस मूल्यांकन में पीछे रहेंगे, उन्हें सुधार के लिए मार्गदर्शन मिलेगा। यह प्रतिस्पर्धा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगी और सभी सरकारी कार्यालयों में डिजिटल परिवर्तन को गति देगी।

भारतीय गुणवत्ता परिषद जैसी स्वतंत्र संस्था द्वारा मूल्यांकन यह सुनिश्चित करता है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो। यह पहल डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और नागरिक-केंद्रित शासन की नई परिभाषा गढ़ रही है।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब राष्ट्र भारत में कंटेंट एडिटर और न्यूज़ राइटर हैं। वे क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं, खेल, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाओं से संबंधित समाचारों का संपादन, तथ्य सत्यापन और प्रकाशन कार्य संभालते हैं। उनकी जिम्मेदारी विभिन्न राज्यों से प्राप्त समाचारों को आधिकारिक स्रोतों, उपलब्ध दस्तावेजों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर व्यवस्थित एवं स्पष्ट रूप में पाठकों तक पहुंचाना है। राष्ट्र भारत में वे महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों से प्राप्त समाचारों का संपादन करते हैं तथा उन्हें सरल, सटीक और पाठक-केंद्रित भाषा में प्रस्तुत करने का कार्य करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रकाशित सामग्री संपादकीय मानकों, तथ्यात्मक शुद्धता और विश्वसनीय स्रोतों के अनुरूप हो। मुख्य कार्यक्षेत्र (Core Responsibilities): क्राइम, राजनीति, सरकारी योजनाओं और समसामयिक समाचारों का संपादन। विभिन्न संवाददाताओं और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त सामग्री का तथ्य सत्यापन। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी दस्तावेजों एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर समाचारों का संपादन। स्पष्ट, संतुलित और पाठक-अनुकूल भाषा में समाचार प्रस्तुत करना। राष्ट्र भारत की संपादकीय नीतियों और पत्रकारिता मानकों के अनुरूप सामग्री प्रकाशित करना। संपादकीय दृष्टिकोण (Editorial Approach): असफ़ी शादाब का उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, संतुलित और स्पष्ट समाचार पहुंचाना है। वे प्रकाशित होने वाली प्रत्येक सामग्री की भाषा, संदर्भ और उपलब्ध स्रोतों की समीक्षा करते हैं ताकि समाचार संपादकीय गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मानकों पर खरा उतर सके।