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नागपुर और मुंबई के सरकारी मेडिकल कॉलेजों को स्वायत्तता देने के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित, जयंत बांठिया बने अध्यक्ष

नागपुर और मुंबई के सरकारी मेडिकल कॉलेजों को स्वायत्तता देने के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित, जयंत बांठिया बने अध्यक्ष
Maharashtra government medical college autonomy committee: नागपुर मेडिकल कॉलेज और मुंबई के ग्रांट मेडिकल कॉलेज को स्वायत्तता देने हेतु महाराष्ट्र सरकार ने उच्चस्तरीय समिति गठित की। जयंत बांठिया अध्यक्ष नियुक्त। (Photo Source GMB)

Maharashtra government medical college autonomy committee: महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर और मुंबई के प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों को स्वायत्त बनाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाई है। पूर्व मुख्य सचिव जयंत कुमार बांठिया इसकी अध्यक्षता करेंगे। समिति प्रशासन, पढ़ाई, शोध और अस्पताल सेवाओं का अध्ययन करेगी और तीन महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद है।

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Asfi Shadab
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नागपुर और मुंबई के सरकारी मेडिकल कॉलेजों को स्वायत्त बनाने के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन

Maharashtra government medical college autonomy committee: मुंबई/नागपुर। महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर स्थित शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH) तथा मुंबई के ग्रांट शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय और सर जे. जे. समूह अस्पताल को स्वायत्तता प्रदान करने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर लिया गया है। चिकित्सा शिक्षा एवं औषधि विभाग द्वारा इस संबंध में हाल ही में शासन निर्णय जारी किया गया है।

राज्य के पूर्व मुख्य सचिव जयंत कुमार बांठिया को इस समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। समिति में निम्नलिखित विशेषज्ञ सदस्य शामिल हैं —

  • डॉ. राजेंद्र बडवे — पूर्व निदेशक, टाटा मेमोरियल अस्पताल
  • डॉ. संजय ओक — पूर्व निदेशक, के.ई.एम. अस्पताल
  • डॉ. रणजीत माणकेश्वर
  • डॉ. राजेश कार्यकर्ते
  • महाराष्ट्र आरोग्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलसचिव

सरकार ने शैक्षणिक गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लिया बड़ा निर्णय

मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया कि स्वायत्तता के माध्यम से राज्य की प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थाओं की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान क्षमता और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।

समिति के कार्यक्षेत्र: समिति इन संस्थानों की वर्तमान प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था का गहन अध्ययन करेगी। साथ ही एम्स, पीजीआई चंडीगढ़ और टाटा मेमोरियल जैसे देश-विदेश के सफल संस्थानों की प्रबंधन प्रणालियों का विश्लेषण भी किया जाएगा।

समिति स्वायत्त संस्थाओं के लिए निदेशक मंडल, शैक्षणिक परिषद, वित्तीय स्वतंत्रता, आंतरिक राजस्व व्यवस्था, लेखा परीक्षण प्रणाली तथा कर्मचारियों एवं शिक्षकों की नई सेवा शर्तों पर सरकार को सुझाव देगी। इसके अतिरिक्त आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक बदलावों की सिफारिश भी की जाएगी।

समिति को तकनीकी सहयोग चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संचालनालय (DMER) द्वारा प्रदान किया जाएगा। सदस्यों को शासन के नियमानुसार मानदेय, यात्रा व्यय और अन्य भत्ते भी दिए जाएंगे।

समिति तीन माह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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