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महाराष्ट्र मंत्रिमंडल पर कांग्रेस का बड़ा हमला – ‘भोंदू बाबा खरात प्रकरण अभी जारी, 100 से ज्यादा वीडियो दबाए जा रहे हैं’

Bhondu Baba Kharat case Maharashtra cabinet Congress allegation: कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे का आरोप - महाराष्ट्र मंत्रिमंडल भोंदू बाबा खरात प्रकरण दबा रहा है, 100 से ज्यादा वीडियो सामने आए। (Photo by Reporter Jassi)

Bhondu Baba Kharat case Maharashtra cabinet Congress allegation: नागपुर में मंत्रियों पर लगे गंभीर आरोपों ने राजनीति को गरमा दिया है। अतुल लोंढे ने अनैतिक गतिविधियों, वीडियो और मामले को दबाने की बात कही है। ‘ओष्णोजल’ और बंगलों से जुड़े सवाल भी उठे हैं। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है। अब सबकी नजर सरकार की कार्रवाई पर है।

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Asfi Shadab
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नागपुर में मंत्रियों पर लगे गंभीर आरोपों से बढ़ा विवाद

Bhondu Baba Kharat case Maharashtra cabinet Congress allegation: नागपुर। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे ने बुधवार को नागपुर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि भोंदू बाबा खरात प्रकरण अभी भी जारी है और अब इस मामले में एक नया पहलू सामने आया है।

लोंढे ने सीधा आरोप लगाया कि मंत्रिमंडल के कुछ मंत्रियों और उनसे जुड़े लोगों ने “अनैतिकता और अश्लीलता की सारी हदें पार कर दी हैं।” उन्होंने दावा किया कि मंत्रियों के सरकारी बंगलों में तृतीयपंथियों के साथ अश्लील हरकतें किए जाने की बातें सामने आ रही हैं।

‘ओष्णोजल’ कनेक्शन पर उठाए सवाल

लोंढे ने यह भी सवाल उठाया कि क्या ये तमाम लोग कुख्यात ‘ओष्णोजल’ प्रतिष्ठान के ग्राहक हैं, जहां पहले बड़े-बड़े लोगों की गाड़ियां देखी गई थीं। उन्होंने कहा कि माफी मांगने के बजाय पूरे मामले को दबाने और छिपाने की कोशिश की जा रही है।

मामले को दबाने के आरोपों के बीच जांच की मांग तेज

मनोहर कुलकर्णी के बयान का जिक्र

मनोहर कुलकर्णी के एक बयान का हवाला देते हुए लोंढे ने कहा कि “खरात को मार देने की बात की जा रही है, ताकि कई लोगों के पाप छिपाए जा सकें।”

उन्होंने दावा किया कि अब तक 100 से ज्यादा वीडियो सामने आ चुके हैं, जिन्हें दबाने की कोशिश हो रही है।

महाराष्ट्र की परंपरा का अपमान – कांग्रेस

लोंढे ने इन घटनाओं को शिव, शाहू, फुले और आंबेडकर की विचारधारा के खिलाफ बताते हुए तीखा सवाल किया – “यह महाराष्ट्र का मंत्रिमंडल है या ‘ओष्णोजल’ मंत्रिमंडल?”

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं के कारण राज्य की महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।

इस मामले में सरकार या संबंधित मंत्रियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।