Rashtra Bharat Logo

Nagpur News: गोरेवाड़ा चिड़ियाघर की दीवार ऊँची होगी, दाभा में तेंदुए की घुसपैठ रोकने के निर्देश – विधानसभा में बड़ी घोषणा

Nagpur News: गोरेवाड़ा चिड़ियाघर की दीवार ऊँची होगी, दाभा में तेंदुए की घुसपैठ रोकने के निर्देश – विधानसभा में बड़ी घोषणा
Gorewada Zoo compound wall height increase Nagpur leopard attack: विधानसभा में वन मंत्री गणेश नाईक ने गोरेवाड़ा चिड़ियाघर की दीवार ऊँची करने और दाभा में तेंदुए की घुसपैठ रोकने के निर्देश दिए। (Photo Source: GMB)

Gorewada Zoo compound wall height increase Nagpur leopard attack: नागपुर में गोरेवाड़ा प्राणीसंग्रहालय की दीवार ऊँची करने का फैसला लिया गया है ताकि तेंदुए की घुसपैठ रोकी जा सके। दाभा और आसपास के इलाकों में सफाई, रोशनी और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए सख्त कदम उठाने की बात कही है।

Updated:
·by
Asfi Shadab
Asfi Shadab
Share:

विषयसूची

गोरेवाड़ा प्राणीसंग्रहालय की दीवार ऊँची होगी, तेंदुए की समस्या पर बड़ा फैसला

Gorewada Zoo compound wall height increase Nagpur leopard attack: नागपुर। महाराष्ट्र विधानसभा में बुधवार को पश्चिम नागपुर के नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा हुई। वन मंत्री श्री गणेश नाईक ने सदन में ऐलान किया कि गोरेवाड़ा प्राणीसंग्रहालय की कंपाउंड वॉल की ऊँचाई आवश्यकता के अनुसार बढ़ाई जाएगी। साथ ही, दाभा और आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए की घुसपैठ को स्थायी रूप से रोकने के लिए तत्काल प्रभावी उपाय लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

यह घोषणा पश्चिम नागपुर के विधायक और नागपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विकास ठाकरे के लगातार प्रयासों और अनुसरण के बाद हुई। दाभा क्षेत्र में तेंदुए के बार-बार दिखने की घटनाओं को देखते हुए विधायक ठाकरे ने पहले ही कई स्थानीय उपाय सुनिश्चित किए थे – जिनमें खाली प्लॉट्स में झाड़ियाँ और ऊँची घास की सफाई, हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइट्स की स्थापना, तथा वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा नियमित गश्त शामिल हैं।

इसी सत्र में विधायक ठाकरे ने पूर्व नागपुर के पारडी क्षेत्र में हुई तेंदुए की घटना और हवाई अड्डे के निकट तेंदुए के दिखे जाने का मामला भी सदन में प्रमुखता से उठाया।

तेंदुए की बढ़ती घटनाओं के बीच सरकार ने उठाया सख्त कदम

विधायक ठाकरे ने कहा, “नागरिकों की सुरक्षा ही मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

अब देखना यह होगा कि वन विभाग कंपाउंड वॉल के निर्माण-कार्य की समय-सीमा कब तय करता है और दाभा क्षेत्र में गश्त व्यवस्था कितनी जल्दी सुदृढ़ होती है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।
Asfi Shadab

Asfi Shadab

असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।