IIM नागपुर को मिली आधिकारिक इन्क्यूबेशन सेंटर की मान्यता, विदर्भ में स्टार्टअप पारिस्थितिकी को मिलेगी नई गति

IIM Nagpur incubation center Maharashtra State Innovation Society: नागपुर के भारतीय प्रबंधन संस्थान को इन्क्यूबेशन केंद्र का दर्जा मिलने से विदर्भ क्षेत्र में स्टार्टअप को बढ़ावा मिलेगा। महाराष्ट्र राज्य नवाचार सोसायटी के साथ हुए समझौते से युवाओं को नए अवसर, मार्गदर्शन और संसाधन मिलेंगे। यह पहल क्षेत्रीय विकास और रोजगार के नए रास्ते खोलने में मदद करेगी।
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नागपुर के प्रबंधन संस्थान को मिला इन्क्यूबेशन केंद्र का दर्जा
IIM Nagpur incubation center Maharashtra State Innovation Society: नागपुर। विदर्भ क्षेत्र की स्टार्टअप पारिस्थितिकी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए, महाराष्ट्र राज्य नवाचार सोसायटी और भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), नागपुर के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके साथ ही IIM नागपुर को आधिकारिक रूप से राज्य समर्थित इन्क्यूबेशन सेंटर का दर्जा प्रदान किया गया।
यह एमओयू महाराष्ट्र शासन के कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार विभाग के अंतर्गत आयोजित एक दो दिवसीय रणनीतिक कार्यशाला के दौरान हस्ताक्षरित हुआ। इस कार्यशाला में राज्यभर के इन्क्यूबेशन केंद्र प्रमुख, शैक्षणिक संस्थान और विभिन्न हितधारक शामिल हुए।
कार्यशाला में मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा, “राज्य सरकार एक मजबूत और समावेशी स्टार्टअप पारिस्थितिकी के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।” अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा वर्मा ने प्रारंभिक स्तर के नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए संस्थागत क्षमता को अनिवार्य बताया।
नवउद्योग को मिलेगा नया सहारा और युवाओं को बढ़ेंगे अवसर
महाराष्ट्र राज्य नवाचार सोसायटी के सीईओ डॉ. श्रीकांत पाटील ने बताया कि फिलहाल राज्य में 29 इन्क्यूबेशन केंद्र सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि IIM नागपुर के साथ इस सहयोग से स्थानीय उद्यमियों को मार्गदर्शन, संसाधन और नए अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
इस पहल से विदर्भ में नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। IIM नागपुर अब राज्य के इन्क्यूबेशन नेटवर्क का हिस्सा बनकर क्षेत्रीय स्टार्टअप्स को संस्थागत सहयोग प्रदान करेगा।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

