बाल मामलों में संवेदनशील होकर काम करे पुलिस, नागपुर में बाल सुरक्षा कानूनों पर कार्यशाला

Nagpur Child Protection Police Workshop: नागपुर पुलिस आयुक्तालय में बाल सुरक्षा कानूनों को लेकर जनजागृति कार्यशाला आयोजित की गई। पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने पुलिस अधिकारियों से बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशील होकर काम करने की अपील की। कार्यशाला में बाल न्याय अधिनियम, पॉक्सो कानून, बच्चों के अधिकार, अपराध रोकने और अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जानकारी दी गई।
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बाल सुरक्षा कानूनों के सही पालन पर दिया जोर
Nagpur Child Protection Police Workshop: नागपुर पुलिस आयुक्तालय में बाल न्याय अधिनियम और बालकों का लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) को लेकर जनजागृति कार्यशाला आयोजित की गई। पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने कार्यशाला में कहा कि बालकों से संबंधित मामलों में कानूनी प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन करने के साथ ही पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बालकों के प्रति अधिक संवेदनशील एवं बाल-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाकर कार्य करना चाहिए।
यह कार्यशाला महाराष्ट्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, हॉप फॉर चिल्ड्रेन इंडिया तथा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय के अंतर्गत जिला बाल संरक्षण कक्ष, नागपुर के संयुक्त तत्वावधान में हुई। इसमें नागपुर शहर एवं ग्रामीण पुलिस विभाग के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, बाल पुलिस अधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल कल्याण समिति और बाल न्याय मंडल के अधिकारी शामिल हुए। बालकों के अधिकारों के संरक्षण, लैंगिक अपराधों की रोकथाम, कानूनी प्रावधानों और विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम में आयोग की सदस्य गीतांजली बुटी, सदस्य प्रवीण भुजाडे, पुलिस उपायुक्त (अपराध) राजेंद्र दाभाडे, अपर पुलिस अधीक्षक दीपक अग्रवाल, नागपुर ग्रामीण के अनिल मस्के, बाल न्याय मंडल की अध्यक्ष एवं न्यायाधीश भाग्यश्री कोठावळे, महिला एवं बाल विकास विभाग की विभागीय उपायुक्त अर्पणा कोल्हे, आयोग के पूर्व सदस्य संजय सेंगर, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष छाया राऊत और जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेसरे उपस्थित रहे।
बच्चों के मामलों में संवेदनशील होकर काम करे पुलिस
जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुस्ताक पठाण ने प्रस्तावना में बाल संरक्षण व्यवस्था की वर्तमान स्थिति और विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर जानकारी दी। गीतांजली बुटी, प्रवीण भुजाडे और न्यायाधीश भाग्यश्री कोठावळे ने भी मार्गदर्शन किया।
मान्यवरों ने कहा कि बाल अत्याचार रोकने के लिए कानूनों का प्रभावी पालन, व्यापक जनजागृति और सरकारी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। इस अवसर पर बाल संरक्षण संबंधी जनजागृति पोस्टर का विमोचन भी किया गया।
आगे इस कार्यशाला से मिले दिशा-निर्देशों के आधार पर संबंधित विभाग जमीनी स्तर पर समन्वय बढ़ाने पर काम करेंगे।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

