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Nagpur News: अंबाझरी SLDC में 60 किलोवाट रूफटॉप सोलर प्रणाली शुरू, महापारेषण ने हरित ऊर्जा की दिशा में उठाया ठोस कदम

Nagpur News: अंबाझरी SLDC में 60 किलोवाट रूफटॉप सोलर प्रणाली शुरू, महापारेषण ने हरित ऊर्जा की दिशा में उठाया ठोस कदम
Nagpur SLDC Ambazari rooftop solar project: नागपुर के अंबाझरी SLDC में महापारेषण ने 60 किलोवाट सोलर प्रणाली शुरू की। कार्बन उत्सर्जन घटेगा, बिजली खर्च में बड़ी बचत होगी। (Photo by Reporter Jassi)

Nagpur SLDC Ambazari rooftop solar project: नागपुर के अंबाझरी केंद्र में 60 किलोवाट सौर प्रकल्प शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना और बिजली खर्च कम करना है। इस पहल से स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा और पर्यावरण को लाभ मिलेगा। अधिकारियों ने इसे भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है।

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Asfi Shadab
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अंबाझरी केंद्र में 60 किलोवाट सौर प्रकल्प शुरू

Nagpur SLDC Ambazari rooftop solar project: नागपुर, 24 मार्च 2026। महापारेषण ने सतत ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नागपुर स्थित राज्य भार प्रेषण केंद्र (SLDC), अंबाझरी में 60 किलोवाट क्षमता की आधुनिक रूफटॉप सोलर प्रणाली का उद्घाटन किया। इस परियोजना से केंद्र की ऊर्जा खपत में अक्षय ऊर्जा का हिस्सा बढ़ेगा और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आएगी।

Nagpur SLDC Ambazari rooftop solar project: नागपुर के अंबाझरी SLDC में महापारेषण ने 60 किलोवाट सोलर प्रणाली शुरू की। कार्बन उत्सर्जन घटेगा, बिजली खर्च में बड़ी बचत होगी।
Nagpur SLDC Ambazari rooftop solar project: नागपुर के अंबाझरी SLDC में महापारेषण ने 60 किलोवाट सोलर प्रणाली शुरू की। कार्बन उत्सर्जन घटेगा, बिजली खर्च में बड़ी बचत होगी। (Photo by Reporter Jassi)

उद्घाटन समारोह

कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यकारी निदेशक शशांक जेवळीकर ने की। मुख्य अभियंता सतीश अणे (महापारेषण) और मुख्य अभियंता दिलीप दोडके (महावितरण) ने संयुक्त रूप से परियोजना का उद्घाटन किया। इस अवसर पर महाऊर्जा के विभागीय महाव्यवस्थापक सारंग महाजन तथा मुख्य अभियंता गिरीश पंतोजी भी उपस्थित रहे।

हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

क्या बोले अधिकारी

अपने संबोधन में जेवळीकर ने कहा, “बढ़ती ऊर्जा मांग और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए अक्षय ऊर्जा का उपयोग समय की आवश्यकता है। सौर परियोजनाओं के विस्तार से ग्रिड प्रबंधन में नई चुनौतियां सामने आ रही हैं, जिनके समाधान हेतु आधुनिक तकनीकों को अपनाना जरूरी है।”

टीम का योगदान

इस परियोजना को सफलतापूर्वक पूर्ण करने में अधीक्षक अभियंता वैशाली पाझारे के मार्गदर्शन में टीम ने विशेष भूमिका निभाई। परियोजना से केंद्र के बिजली खर्च में भी उल्लेखनीय बचत होने की उम्मीद है।

महापारेषण की यह पहल राज्य में सौर ऊर्जा के विस्तार और हरित ग्रिड प्रबंधन की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण बन सकती है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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