पॉश कानून का पालन नहीं करने पर महाराष्ट्र के 672 कार्यालयों को कारण बताओ नोटिस

POSH Act Violation Maharashtra 672 Offices Notice: महाराष्ट्र में पॉश कानून-2013 के पालन की जांच के लिए सरकारी और निजी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है। अब तक 6,875 प्रतिष्ठानों की जांच में 672 कार्यालयों को कारण बताओ नोटिस मिला है। नागपुर में 413 प्रतिष्ठानों की जांच के बाद 27 कार्यालयों को नोटिस दिया गया। नियम नहीं मानने पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना लग सकता है।
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पॉश कानून के पालन को लेकर राज्यभर में कार्यालयों की जांच
POSH Act Violation Maharashtra 672 Offices Notice: नागपुर, 11 अगस्त। कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से जुड़े पॉश एक्ट-2013 के प्रावधानों और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए महाराष्ट्र में सरकारी और निजी कार्यालयों का बड़े पैमाने पर निरीक्षण अभियान चल रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने जून महीने से यह कार्रवाई शुरू की है, जिसमें राज्यभर के 4 हजार से अधिक निरीक्षण अधिकारी शामिल हैं।
अब तक राज्य में कुल 6,875 प्रतिष्ठानों 3,579 सरकारी और 3,296 निजी कार्यालयों का निरीक्षण किया जा चुका है। इनमें से 672 कार्यालय (294 सरकारी और 378 निजी) पॉश एक्ट के प्रावधानों का पालन करते नहीं पाए गए, जिन्हें जिला स्तर से कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। तय समय सीमा में अनुपालन न करने पर संबंधित कार्यालयों पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह कार्रवाई संबंधित जिला अधिकारी (पॉश एक्ट-2013) और जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी द्वारा की जा रही है।
नागपुर में नियम नहीं मानने वाले 27 कार्यालयों को नोटिस
नागपुर जिले में भी यह अभियान चलाया गया, जहां 144 सरकारी और 269 निजी कार्यालयों समेत कुल 413 प्रतिष्ठानों की जांच हुई। इनमें से 9 सरकारी और 18 निजी कार्यालयों को अनुपालन न करने पर नोटिस दिया गया है।
विभाग के अनुसार, हर कार्यालय के लिए केंद्र सरकार के शी-बॉक्स (SHE-BOX) पोर्टल पर पंजीकरण, आंतरिक शिकायत समिति आईसीसी(ICC) का गठन, सदस्यों व कर्मचारियों का प्रशिक्षण और वार्षिक रिपोर्ट अपडेट करना अनिवार्य है।
निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का पालन न करने वाले कार्यालयों पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

