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नागपुर सहित विदर्भ में 1 नवंबर तक डीजे पर सख्ती, हाईकोर्ट ने दिए कार्रवाई के निर्देश

नागपुर सहित विदर्भ में 1 नवंबर तक डीजे पर सख्ती, हाईकोर्ट ने दिए कार्रवाई के निर्देश
Vidarbha DJ Ban Till November 1 High Court Order: नागपुर सहित विदर्भ में 1 नवंबर तक डीजे पर सख्ती, हाईकोर्ट ने दिए कार्रवाई के निर्देश (Image: AI)

विदर्भ में 1 नवंबर तक डीजे पर प्रतिबंध: नागपुर खंडपीठ ने विदर्भ में 11 सितंबर से 1 नवंबर 2026 तक ध्वनि प्रदूषण नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। प्रतिबंधित डीजे सिस्टम के इस्तेमाल पर कार्रवाई होगी। पोला जुलूस के वीडियो में तय सीमा से अधिक ध्वनि मिलने के बाद पुलिस को निर्देश दिए गए। पूर्व विधायक संदीप जोशी ने फैसले का स्वागत किया।

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Asfi Shadab
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1 नवंबर तक विदर्भ में डीजे पर सख्ती

विदर्भ में 1 नवंबर तक डीजे पर प्रतिबंध: नागपुर। मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने विदर्भ के सभी जिलों में ध्वनि प्रदूषण नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार को 11 सितंबर से 1 नवंबर 2026 तक विदर्भ में इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। प्रतिबंधित क्षमता वाले डीजे (DJ) साउंड सिस्टम इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई का आदेश नागपुर पुलिस आयुक्त को दिया गया है।

न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फाल्के और न्यायमूर्ति राज डी. वाकोडे की खंडपीठ के समक्ष 11 सितंबर को सुनवाई हुई। नागपुर पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील ने 2 सितंबर को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता बीएनएसएस (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया था। कोर्ट में इसके प्रभावी क्रियान्वयन का मुद्दा उठाया गया।

राज्य सरकार के शपथपत्र के अनुसार, प्रतिबंधित उपकरणों में टॉप, मिड और बास यूनिट वाले मल्टी-स्पीकर डीजे (DJ) सिस्टम, प्लाज्मा साउंड सिस्टम, प्रेशर-मिड साउंड सिस्टम तथा इनके परिवहन के लिए संशोधित वाहन शामिल हैं। दहीहंडी, पोला, तान्हा पोला, ताजुद्दीन बाबा उर्स, गणेशोत्सव, दुर्गादेवी मंडलों के कार्यक्रम और धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस जैसे आयोजनों के लिए यह आदेश लागू किया गया है।

नियम तोड़ने पर पुलिस करेगी कार्रवाई

याचिकाकर्ता ने पोला जुलूस के दौरान नियमों के उल्लंघन का वीडियो कोर्ट के समक्ष पेश किया, जिसमें तय सीमा से अधिक ध्वनि स्तर पाया गया। इसके बाद पुलिस आयुक्त और संबंधित पुलिस उपायुक्तों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल आदेश जारी करना पर्याप्त नहीं, उसका प्रभावी क्रियान्वयन भी जरूरी है।

पूर्व विधायक संदीप जोशी ने कहा, “डीजे (DJ) पर प्रतिबंध केवल कुछ समय के लिए नहीं, बल्कि स्थायी होना चाहिए।” उन्होंने बताया कि आईएमए (IMA), टीआरएडब्ल्यू (TRAW), कैग (CAG), टैक्सपेयर्स एसोसिएशन, खेल प्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं की पहल से शुरू हुए डीजे (DJ) बंदी आंदोलन को हाईकोर्ट के फैसले से मजबूती मिली है।

मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर 2026 को होगी।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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