महाराष्ट्र में वनार्टी ने पीएचडी शोधार्थियों के लिए 17 अतिरिक्त अधिछात्रवृत्ति सीटों को दी मंजूरी

Vanarti PhD Fellowship 17 Additional Seats: वनार्टी ने वीजेएनटी वर्ग के पीएचडी शोधार्थियों के लिए 17 अतिरिक्त अधिछात्रवृत्ति सीटों को मंजूरी दी है। इसके लिए नए आवेदन नहीं लिए जाएंगे। महाज्योति के पास वर्ष 2025 में आए पात्र आवेदनों में से उम्मीदवार चुने जाएंगे। जेआरएफ में 37 हजार और एसआरएफ में 42 हजार रुपये प्रति माह दिए जाने का प्रावधान है।
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वीजेएनटी शोधार्थियों के लिए 17 अतिरिक्त सीटों को मंजूरी
Vanarti PhD Fellowship 17 Additional Seats: विमुक्त जाति (वीजे-ए) तथा घुमंतू जनजाति बी, सी और डी (एनटी-बी, एनटी-सी, एनटी-डी) वर्ग के पीएच.डी. शोधार्थियों के लिए वसंतराव नाईक शोध एवं प्रशिक्षण संस्था (वनार्टी) ने 17 अतिरिक्त अधिछात्रवृत्ति सीटों को मंजूरी दी है। यह निर्णय संस्था के संचालक मंडल की हाल ही में हुई बैठक में लिया गया।
शैक्षणिक वर्ष 2025 के लिए महाज्योति द्वारा पीएच.डी. अधिछात्रवृत्ति की 100 सीटों का विज्ञापन पहले जारी किया गया था, जिसमें 35 सीटें वीजेएनटी वर्ग के लिए आरक्षित थीं। वनार्टी का पंजीकरण 23 जनवरी 2026 को होने तथा वर्ष 2026-27 में सीमित बजटीय प्रावधान के कारण अलग से विज्ञापन जारी नहीं किया गया। इस बीच वीजेएनटी वर्ग के शोधार्थियों की ओर से बड़ी संख्या में आवेदन एवं निवेदन प्राप्त हुए, जिसके बाद संचालक मंडल ने 17 अतिरिक्त सीटें मंजूर कीं।
इन सीटों के लिए नए सिरे से आवेदन नहीं मंगाए जाएंगे। शैक्षणिक वर्ष 2025 के लिए महाज्योति के पास पहले से प्राप्त आवेदनों में शामिल पात्र वीजेएनटी उम्मीदवारों में से ही चयन होगा, जो शासन के नियमों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार होगा।
पात्र शोधार्थियों को मिलेगी पांच वर्ष तक आर्थिक सहायता
मंजूर 17 सीटों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की 9, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान की 4, अंतरविषयक अध्ययन की 2 तथा वाणिज्य एवं प्रबंधन की 2 सीटें शामिल हैं। अधिछात्रवृत्ति की अधिकतम अवधि पांच वर्ष होगी। शुरुआती दो वर्ष जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) के तहत 37 हजार रुपये प्रतिमाह और उसके बाद वरिष्ठ शोध अधिछात्रवृत्ति (एसआरएफ) के तहत 42 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। दिव्यांग विद्यार्थियों को अतिरिक्त 2 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
राज्य के अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण मंत्री एवं वनार्टी अध्यक्ष अतुल सावे ने कहा, “मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में वीजेएनटी वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और शोध के अधिक अवसर देने के लिए सरकार प्रयासरत है।” उन्होंने विद्यार्थियों से इस अवसर का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।
वनार्टी के प्रबंध निदेशक प्रशांत वावगे ने भी पात्र शोधार्थियों से निर्धारित प्रक्रिया का लाभ लेने का आह्वान किया।
आगे की प्रक्रिया के तहत अब महाज्योति के पास मौजूद 2025 के आवेदनों में से पात्र वीजेएनटी उम्मीदवारों की सूची तैयार कर चयन किया जाएगा।
रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

