
President’s Rule Ends in Manipur: मणिपुर राज्य में एक साल से अधिक समय से चल रहा राष्ट्रपति शासन आखिरकार खत्म हो गया है। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज से प्रभावी रूप से राज्य में लगाए गए राष्ट्रपति शासन को वापस ले लिया है। यह फैसला उत्तर पूर्व के इस छोटे से राज्य के लिए एक बड़ी राहत के रूप में सामने आया है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना जारी कर दी है। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की समाप्ति का ऐलान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत जारी की गई अपनी

President’s Rule Ends in Manipur: मणिपुर राज्य में एक साल से अधिक समय से चल रहा राष्ट्रपति शासन आखिरकार खत्म हो गया है। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज से प्रभावी रूप से राज्य में लगाए गए राष्ट्रपति शासन को वापस ले लिया है। यह फैसला उत्तर पूर्व के इस छोटे से राज्य के लिए एक बड़ी राहत के रूप में सामने आया है। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना जारी कर दी है। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की समाप्ति का ऐलान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत जारी की गई अपनी

हिंदू समाज का अस्तित्व दुनिया की सुरक्षा: मोहन भागवत का मणिपुर में विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मणिपुर में आयोजित जनजातीय नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान हिंदू समाज के वैश्विक महत्व पर गहरी टिप्पणी की। उनका यह वक्तव्य केवल धार्मिक भावनाओं का प्रतिनिधित्व नहीं करता, बल्कि भारतीय सभ्यता और उसके निरंतर अस्तित्व पर विचार प्रस्तुत करता है। भागवत का कहना था कि यदि हिंदू समाज नहीं रहेगा, तो दुनिया भी समाप्त हो जाएगी। यह कथन एक चेतावनी की तरह सामने आता है, जो इस समाज की भूमिका, जिम्मेदारी और वैश्विक महत्व पर प्रकाश

हिंदू समाज का अस्तित्व दुनिया की सुरक्षा: मोहन भागवत का मणिपुर में विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मणिपुर में आयोजित जनजातीय नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान हिंदू समाज के वैश्विक महत्व पर गहरी टिप्पणी की। उनका यह वक्तव्य केवल धार्मिक भावनाओं का प्रतिनिधित्व नहीं करता, बल्कि भारतीय सभ्यता और उसके निरंतर अस्तित्व पर विचार प्रस्तुत करता है। भागवत का कहना था कि यदि हिंदू समाज नहीं रहेगा, तो दुनिया भी समाप्त हो जाएगी। यह कथन एक चेतावनी की तरह सामने आता है, जो इस समाज की भूमिका, जिम्मेदारी और वैश्विक महत्व पर प्रकाश

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का मणिपुर दौरा: जातीय अशांति के बीच संगठनात्मक संवाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत 20 से 22 नवंबर तक मणिपुर के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। मई 2023 में उभरी जातीय हिंसा के बाद यह उनका पहला दौरा होगा, जिसने मणिपुर की सामाजिक संरचना और राजनीतिक हलचल को गहराई से प्रभावित किया। उनका यह दौरा न केवल संगठन के शताब्दी वर्ष के समारोह से जुड़ा है, बल्कि उत्तर-पूर्व में आरएसएस की गतिविधियों और सामाजिक पहुंच को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रमुख संवाद: बुद्धिजीवियों, जनजातीय प्रतिनिधियों और युवाओं

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का मणिपुर दौरा: जातीय अशांति के बीच संगठनात्मक संवाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत 20 से 22 नवंबर तक मणिपुर के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। मई 2023 में उभरी जातीय हिंसा के बाद यह उनका पहला दौरा होगा, जिसने मणिपुर की सामाजिक संरचना और राजनीतिक हलचल को गहराई से प्रभावित किया। उनका यह दौरा न केवल संगठन के शताब्दी वर्ष के समारोह से जुड़ा है, बल्कि उत्तर-पूर्व में आरएसएस की गतिविधियों और सामाजिक पहुंच को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रमुख संवाद: बुद्धिजीवियों, जनजातीय प्रतिनिधियों और युवाओं