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सरदार पटेल आवास योजना के आवंटियों को बड़ी राहत, अब सिर्फ 25 प्रतिशत राशि देकर मिलेगा फ्लैट का कब्जा

सरदार पटेल आवास योजना के आवंटियों को बड़ी राहत, अब सिर्फ 25 प्रतिशत राशि देकर मिलेगा फ्लैट का कब्जा
LDA Flats: सरदार पटेल योजना के तहत अब केवल 25 प्रतिशत भुगतान पर मिलेगा फ्लैट (File Photo)

लखनऊ विकास प्राधिकरण ने डालीबाग स्थित सरदार पटेल योजना के फ्लैट आवंटियों को बड़ी राहत दी है। अब केवल 25 प्रतिशत राशि यानी ढाई लाख रुपये जमा करके फ्लैट का कब्जा प्राप्त किया जा सकता है। माफिया मुख्तार अंसारी की जमीन पर बने इन 72 फ्लैटों की कुल कीमत 10.70 लाख रुपये है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच नवंबर को आवंटन पत्र सौंपे थे। गरीबों को ऋण दिलाने के लिए लोन मेला भी आयोजित किया गया। एलडीए ने आवंटियों से शीघ्र प्रक्रिया पूर्ण करने का आग्रह किया है।

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Asfi Shadab
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लखनऊ के गरीब परिवारों के लिए खुशखबरी लेकर आई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने डालीबाग स्थित सरदार पटेल आवासीय योजना के तहत फ्लैट आवंटियों को बड़ी राहत देते हुए एक अहम फैसला लिया है। अब आवंटी केवल कुल राशि का 25 प्रतिशत भुगतान करके अपने फ्लैट का कब्जा पा सकेंगे। यह योजना उन गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिन्हें माफिया मुख्तार अंसारी के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर बने आवास आवंटित किए गए हैं।

एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आवंटियों को अब मात्र ढाई लाख रुपये जमा करने होंगे, जिसके बाद वे रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करके अपने घर में प्रवेश कर सकेंगे। यह कदम गरीब वर्ग के लोगों के लिए आवास का सपना साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने सौंपे थे आवंटन पत्र

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच नवंबर को डालीबाग में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सरदार पटेल आवासीय योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को आवंटन पत्र सौंपे थे। इस अवसर पर 72 दुर्बल आय वर्ग के परिवारों को उनके सपनों का घर आवंटित किया गया था। यह योजना गरीब और वंचित वर्ग के लोगों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा था कि राज्य सरकार हर गरीब परिवार को आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। माफियाओं से छीनी गई जमीन पर गरीबों के लिए घर बनाना यह संदेश देता है कि अब उत्तर प्रदेश में कानून का राज है और गरीबों का हक उन तक पहुंचेगा।

आवंटन के बाद भी क्यों नहीं मिला कब्जा

हालांकि आवंटन पत्र मिलने के बाद भी अब तक किसी भी परिवार ने अपने फ्लैट में गृह प्रवेश नहीं किया है। इसका मुख्य कारण यह रहा कि फ्लैटों में पेंटिंग और अन्य आंतरिक कार्य अभी कुछ दिन पहले तक चल रहे थे। साथ ही रजिस्ट्री और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने में भी समय लग रहा था।

एलडीए के अधिकारियों ने बताया कि अब सभी निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं और फ्लैट रहने योग्य स्थिति में हैं। अब केवल औपचारिक प्रक्रियाएं शेष हैं, जिन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जा रहा है। आवंटियों से अनुरोध किया गया है कि वे जल्द से जल्द निर्धारित राशि जमा करके अपने फ्लैट का कब्जा प्राप्त करें।

योजना का विस्तृत विवरण

सरदार पटेल आवासीय योजना के तहत गरीबों के लिए फ्लैटों का निर्माण कार्य दिसंबर 2023 में शुरू हुआ था। मात्र दो वर्षों की अवधि में एलडीए ने डालीबाग क्षेत्र में 2314 वर्गमीटर भूमि पर एक आधुनिक आवासीय परियोजना को साकार किया है।

इस योजना के तहत ग्राउंड प्लस थ्री स्ट्रक्चर के तीन भवन खंडों में कुल 72 फ्लैट तैयार किए गए हैं। प्रत्येक फ्लैट का क्षेत्रफल 36.65 वर्गमीटर है, जो एक छोटे परिवार के रहने के लिए पर्याप्त है। इन फ्लैटों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

फ्लैटों की कीमत और भुगतान योजना

ईडब्ल्यूएस यानी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बनाए गए इन फ्लैटों की कुल कीमत मात्र 10.70 लाख रुपये निर्धारित की गई है। यह कीमत लखनऊ जैसे शहर में बेहद किफायती मानी जा रही है, जहां सामान्य फ्लैटों की कीमत कई गुना अधिक है।

एलडीए की नई नीति के अनुसार, आवंटियों को अब केवल 25 प्रतिशत यानी लगभग ढाई लाख रुपये प्रारंभिक भुगतान के रूप में जमा करने होंगे। शेष राशि का भुगतान वे किस्तों में कर सकेंगे। यह व्यवस्था गरीब परिवारों के लिए बेहद सुविधाजनक है, क्योंकि एकमुश्त बड़ी राशि जुटाना उनके लिए कठिन होता है।

लोन मेले का आयोजन

गरीब आवंटियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए एलडीए ने एक विशेष पहल की है। सोमवार को एलडीए द्वारा एक लोन मेले का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने भाग लिया।

इस मेले में आवंटियों को आवास ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। बैंक अधिकारियों ने बताया कि सरकारी योजनाओं के तहत इन फ्लैटों के लिए आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। ब्याज दरें भी सामान्य आवास ऋण की तुलना में कम रखी गई हैं।

माफिया की जमीन से गरीबों के आशियाने तक

यह परियोजना उत्तर प्रदेश सरकार की उस नीति का प्रतीक है, जिसके तहत माफियाओं और अपराधियों से अवैध रूप से कब्जाई गई संपत्तियों को मुक्त कराकर जनहित में उपयोग किया जा रहा है। मुख्तार अंसारी, जो उत्तर प्रदेश के एक कुख्यात माफिया रहे हैं, के कब्जे से यह जमीन मुक्त कराई गई थी।

योगी सरकार ने माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त किया है। इन संपत्तियों का उपयोग अब सार्वजनिक भलाई के लिए किया जा रहा है। डालीबाग की यह परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

आवंटियों से अपील

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने सभी आवंटियों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द निर्धारित प्रक्रिया को पूरा करें और अपने फ्लैटों का कब्जा लें। उन्होंने कहा कि एलडीए की ओर से सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और कोई भी समस्या आने पर तुरंत समाधान किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि रजिस्ट्री की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और आवंटियों को इसमें किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी। एलडीए कार्यालय में विशेष काउंटर स्थापित किए गए हैं, जहां आवंटी अपने दस्तावेज जमा कर सकते हैं।

लखनऊ विकास प्राधिकरण का यह निर्णय गरीब वर्ग के लिए एक बड़ी राहत है। केवल 25 प्रतिशत राशि जमा करके फ्लैट का कब्जा पाने की सुविधा ने आम लोगों के आवास के सपने को साकार करना आसान बना दिया है। यह योजना न केवल गरीबों को छत मुहैया करा रही है, बल्कि यह भी संदेश दे रही है कि अब माफियाओं की संपत्ति पर जनता का हक है। आने वाले दिनों में जब ये परिवार अपने नए घरों में प्रवेश करेंगे, तो यह योगी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों की एक बड़ी सफलता होगी।

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Asfi Shadab

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।