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पति ने कहा ‘बंदरिया’ तो फांसी से झूल गयी नाराज पत्नी, मॉडल बनना चाहती थी तनु

पति ने कहा ‘बंदरिया’ तो फांसी से झूल गयी नाराज पत्नी, मॉडल बनना चाहती थी तनु
पति ने कहा 'बंदरिया' तो फांसी से झूल गयी नाराज पत्नी (Pic Credit- X @tusharcrai)

लखनऊ के सहादतगंज में मॉडलिंग की तैयारी कर रही 23 वर्षीय युवती तनु सिंह ने पति द्वारा मजाक में कही गई बात से आहत होकर आत्महत्या कर ली। घटना ने रिश्तों में संवेदनशीलता, शब्दों की ताकत और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

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Dipali Kumari
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Modeling Student Suicide: लखनऊ की गलियों में बुधवार को एक ऐसी खबर ने सन्नाटा पसरा दिया, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया कि शब्द कितने भारी पड़ सकते हैं। सहादतगंज थाना क्षेत्र के लकड़मंडी इलाके में रहने वाली 23 वर्षीय तनु सिंह, जो मॉडलिंग की दुनिया में अपने सपनों को पंख देना चाहती थी, ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जीवन समाप्त कर लिया। शुरुआती जांच में सामने आई वजह न सिर्फ चौंकाने वाली है, बल्कि समाज के रिश्तों और संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े करती है।

बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच चल रहे हंसी-मजाक के दौरान पति द्वारा कहे गए एक शब्द ने तनु को इस कदर आहत कर दिया कि उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। यह घटना बताती है कि कभी-कभी मजाक की आड़ में कही गई बात किसी की पूरी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।

चार साल पहले प्रेम से बंधा था रिश्ता

तनु सिंह का विवाह चार साल पहले इंदिरानगर के तकरोही इलाके में रहने वाले राहुल श्रीवास्तव से हुआ था। यह विवाह दोनों की रजामंदी से हुआ था। राहुल पेशे से ऑटो चालक है, जबकि तनु अपने आत्मविश्वास और खूबसूरती के दम पर मॉडलिंग के क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रही थी। वह बाकायदा मॉडलिंग का प्रशिक्षण ले रही थी और परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं।

परिजनों के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच सामान्य दांपत्य जीवन चल रहा था। छोटी-मोटी नोकझोंक तो होती थी, लेकिन कभी ऐसा नहीं लगा कि हालात इस हद तक बिगड़ जाएंगे।

हंसी के माहौल में कही बात

घटना वाले दिन दोपहर करीब 1:30 बजे घर में सामान्य माहौल था। तनु, उसका पति राहुल, उसकी बड़ी बहन और बहन का बेटा कमरे में मौजूद थे। सभी आपस में बातचीत और मजाक कर रहे थे। इसी दौरान राहुल ने हंसी-ठिठोली में तनु को ‘बंदरिया’ कह दिया।

मॉडलिंग की तैयारी कर रही तनु अपने लुक्स और पर्सनैलिटी को लेकर बेहद संवेदनशील थी। पति की यह बात उसे अंदर तक चुभ गई। उसने इसे अपमान के रूप में लिया और बिना कुछ कहे दूसरे कमरे में चली गई।

राहुल को लगा कि यह मामूली नाराजगी है, जो थोड़ी देर में खत्म हो जाएगी। उसने तनु को मनाने की कोशिश नहीं की और खाना लेने के लिए घर से बाहर चला गया। घर में मौजूद अन्य लोग भी अपनी-अपनी बातों में लग गए।

करीब आधे घंटे बाद जब राहुल वापस लौटा और तनु के कमरे का दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई हलचल नहीं हुई, जिससे अनहोनी की आशंका होने लगी।

रोशनदान से लटका मिला शव

जब परिजनों ने खिड़की से झांककर देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। तनु का शव रोशनदान से कपड़े के सहारे लटका हुआ था। आनन-फानन में दरवाजा तोड़ा गया और उसे नीचे उतारकर तत्काल अस्पताल ले जाया गया।

उसे डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इस खबर से पूरे परिवार में कोहराम मच गया।

पुलिस जांच में क्या आया सामने

अस्पताल से सूचना मिलने पर सहादतगंज पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला है, जो आपसी तकरार और मानसिक आघात के कारण हुआ।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या पति-पत्नी के बीच पहले से किसी तरह का तनाव था या यह पूरी घटना उसी दिन हुए मजाक तक सीमित थी। परिवार के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मोबाइल कॉल डिटेल्स समेत अन्य पहलुओं की भी जांच हो रही है।

घटना के बाद से लकड़मंडी इलाके में शोक का माहौल है। पड़ोसी और जानने वाले स्तब्ध हैं कि हंसती-खेलती युवती ऐसा कदम कैसे उठा सकती है। लोग यह भी कह रहे हैं कि समय रहते अगर नाराजगी को गंभीरता से लिया जाता, तो शायद आज एक जिंदगी बच सकती थी।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।