अनुब्रत मंडल के घर पर हमले के बाद सियासी पारा चढ़ा, नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज

पश्चिम बंगाल के रेजिनगर में चुनावी रैली के दौरान प्रचार गाड़ी की चपेट में आने से छह साल की बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है।
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अनुब्रत मंडल के घर में घुसने वालों पर सवाल
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। हाल ही में अनुब्रत मंडल के घर पर हुए हमले की घटना को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने इसे योजनाबद्ध नाटक और बेहद कमजोर पटकथा करार दिया गया। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि अनुब्रत मंडल के घर पर इस तरह का हमला हो सकता है यह किसी ने कभी नहीं सोचा था लेकिन अब ऐसा हुआ है। आरोप लगाया गया कि कुछ लोग घर के अंदर घुसे और जाते समय ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाते हुए चले गए। इस पूरे घटनाक्रम को उन्होंने बेहद कमजोर पटकथा बताया ।
ममता बनर्जी की सीटों की संख्या और न्यायपालिका पर टिप्पणी
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच राज्य की सत्ता और विपक्ष के समीकरणों पर भी दिलीप घोष ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रस्ताव पर आपत्ति या सहमति जताने के लिए विधानसभा में एक निश्चित संख्या में सीटों की आवश्यकता होती है जो फिलहाल ममता बनर्जी के पास नहीं है। इसके साथ ही सड़कों की खराब स्थिति जैसे स्थानीय मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए न्यायाधीश के इस्तीफे और ट्रिब्यूनल से जुड़े मामलों पर बयानबाजी करने की बात कही गई है।
आगामी चुनावों और अल्पसंख्यकों के समर्थन पर बड़ा दावा
आगामी चुनावों को लेकर भी उन्होंने तीखे दावे किए। उन्होंने राजनीतिक हालात पर कटाक्ष करते हुए कहा कि चुनाव में सीपीआईएम भी शून्य है और टीएमसी भी शून्य है। उन्होंने खुली चुनौती देते हुए यह भी कहा कि चुनाव में सीपीआईएम, टीएमसी और बीजेपी सभी पार्टियां एक साथ मिलकर चुनाव लड़ लें उसके बाद परिणाम आने पर असली स्थिति का पता चल जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि सौ प्रतिशत अल्पसंख्यक समर्थन के साथ रेजिनगर और नंदीग्राम दोनों सीटों पर बीजेपी की जीत होगी।
रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल
एडिट: शिंकी सिंह

