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अब ‘सारथी’ योजना के तहत छात्रों को मिलेगी साइकिल, बंगाल में बनेगी साइकिल फैक्ट्री

अब ‘सारथी’ योजना के तहत छात्रों को मिलेगी साइकिल, बंगाल में बनेगी साइकिल फैक्ट्री
West Bengal Sarathi scheme cycle distribution: पश्चिम बंगाल में सबूज साथी योजना का नाम बदलकर सारथी किया गया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हावड़ा में छात्रों को बांटी साइकिल। (File Photo)
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Shinki Singh
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800 स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाने की तैयारी

पश्चिम बंगाल में स्कूली छात्रों को साइकिल देने वाली योजना का नाम अब ‘सारथी’ कर दिया गया है। मंगलवार को हावड़ा के बैटर इलाके में योजना की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में साइकिल निर्माण को बढ़ावा देने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि अब छात्रों के लिए दी जाने वाली साइकिलें बंगाल में ही तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा।

बंगाल में साइकिल बनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि साइकिल निर्माण के लिए राज्य में अलग से उद्योग विकसित किया जाएगा। जो उद्योग समूह या कंपनियां इस योजना से जुड़कर साइकिल बनाना चाहती हैं उन्हें जमीन उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है। सरकार का कहना है कि राज्य में साइकिल निर्माण शुरू होने से उत्पादन के साथ-साथ इससे जुड़े छोटे-बड़े सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिल सकता है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

साइकिल के पार्ट्स भी बंगाल में बनाने पर जोर

बताया गया है कि फिलहाल साइकिल के कुछ हिस्से दूसरे राज्यों से मंगाए जाते हैं। अब इन पार्ट्स का निर्माण भी बंगाल में ही करने की योजना है। सरकार का जोर साइकिल निर्माण से जुड़े पूरे उद्योग को राज्य में विकसित करने पर है। शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व की साइकिल खरीद व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब साइकिल फैक्ट्री लगाने के लिए जमीन दी जाएगी और नई कंपनियों से साइकिल खरीदी जाएगी।

‘सबुज साथी’ का नाम बदलकर हुआ ‘सारथी’

स्कूली छात्रों को मुफ्त साइकिल देने वाली ‘सबुज साथी’ योजना की शुरुआत 2015 में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कार्यकाल में हुई थी। शुरुआत में योजना का लाभ छात्राओं को दिया जाता था बाद में छात्रों को भी इसके दायरे में शामिल किया गया। पहले सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्रों को नौवीं कक्षा में पहुंचने पर इस योजना के तहत साइकिल दी जाती थी। अब योजना का नाम बदलकर ‘सारथी’ किया गया है।

छात्रों को मिलेंगे स्मार्ट टैब, 800 स्कूल होंगे स्मार्ट

मुख्यमंत्री ने छात्रों की पढ़ाई से जुड़ी तकनीकी सुविधाओं को लेकर भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब छात्रों को सामान्य फोन की जगह शिक्षा से जुड़े कामों के लिए स्मार्ट टैब दिए जाएंगे। इसके अलावा राज्य में स्कूलों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना है। मुख्यमंत्री के मुताबिक इस साल 800 और स्मार्ट स्कूल शुरू किए जाएंगे।


रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

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शिंकी सिंह (Shinki Singh) पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग एक दशक का अनुभव रखती हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में दैनिक सन्मार्ग से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जहाँ कई वर्षों तक फील्ड रिपोर्टिंग और न्यूज़ डेस्क की जिम्मेदारियाँ निभाईं। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक सरोकारों, महिला मुद्दों और जनहित से जुड़े विषयों पर व्यापक रिपोर्टिंग की। इसके साथ ही न्यूज़ एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया, जिससे डिजिटल और मल्टीमीडिया पत्रकारिता की उनकी समझ और अधिक सशक्त हुई। इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर से जुड़कर हार्ड न्यूज़, समसामयिक घटनाओं और लाइफस्टाइल पत्रकारिता सहित विभिन्न विषयों पर रिपोर्टिंग और लेखन किया। तथ्यपरक, निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता में विश्वास रखते हुए वे प्रत्येक समाचार को विश्वसनीय स्रोतों, तथ्यों के सत्यापन और गहन अध्ययन के आधार पर प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देती हैं। वर्तमान में शिंकी सिंह राष्ट्र भारत से जुड़ी हैं, जहाँ वे राष्ट्रीय, राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों पर समाचार, विश्लेषण और विशेष रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। शैक्षणिक रूप से उन्होंने महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक से बी.एड. की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से इतिहास एवं अंग्रेज़ी विषयों में स्नातकोत्तर (Master's) की डिग्री हासिल की है। वे पत्रकारिता में निरंतर सीखने, बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने तथा तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करने में विश्वास रखती हैं।