कोलकाता में चुनाव से पहले बड़ी राहत की तैयारी, प्रॉपर्टी टैक्स के ब्याज-पेनल्टी पर 100% तक छूट

कोलकाता में बकाया प्रॉपर्टी टैक्स पर बड़ी राहत की तैयारी है। प्रस्तावित वेवर स्कीम 2026 में ब्याज और पेनल्टी पर भारी छूट मिल सकती है।
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छह महीने में बकाया चुकाने पर मिलेगा वेवर का लाभ
दुर्गा पूजा संपन्न होते ही कोलकाता नगर निगम चुनाव का बिगुल बज जाएगा। उसी अनुरूप प्रशासन के भीतर तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। सड़क, पेयजल और कचरा प्रबंधन जैसी दैनिक नागरिक सेवाओं की कमियों को दूर करने के लिए नगर निगम प्रशासन सक्रिय हो रहा है। इसी माहौल में अब कोलकाता नगर निगम शहर के नागरिकों के लिए एक बड़ा तोहफा घोषित करने जा रहा है। खबर है कि बकाया संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) खाते में वसूली बढ़ाने के लिए निगम अब ब्याज और पेनल्टी पूरी तरह से माफ करने जा रहा है। इसके लिए कोलकाता म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन इंसेंटिव (वेवर ऑफ इंटरेस्ट एंड पेनल्टी टू द प्रॉपर्टी टैक्स पेयर्स) स्कीम 2026 लाया जा रहा है।
अलग-अलग श्रेणी की संपत्तियों को मिलेगी छूट
प्रस्ताव के अनुसार निजी स्वामित्व वाली और आवासीय संपत्तियों के बकाया कर पर ब्याज और पेनल्टी में 100 प्रतिशत तक छूट देने की बात कही गई है। केंद्र और राज्य सरकार की संपत्तियों तथा सरकारी उपक्रमों से जुड़ी संपत्तियों को भी इस दायरे में शामिल किए जाने की जानकारी है। वहीं, आवासीय और व्यावसायिक इस्तेमाल वाली मिश्रित संपत्तियों के मामले में ब्याज पर 80 प्रतिशत और पेनल्टी पर 99 प्रतिशत तक राहत प्रस्तावित है। पूरी तरह व्यावसायिक संपत्तियों के लिए ब्याज पर 70 प्रतिशत और पेनल्टी पर 99 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान बताया गया है।
छह महीने के भीतर चुकाना होगा बकाया
इस वेवर स्कीम का लाभ लेने के लिए निर्धारित अवधि के भीतर बकाया संपत्ति कर का भुगतान करना होगा। प्रस्ताव के मुताबिक अधिसूचना जारी होने के बाद छह महीने के अंदर पूरा बकाया चुकाने पर ही ब्याज और पेनल्टी में छूट का लाभ मिलेगा। इस अवधि में किश्तों के जरिए भुगतान की सुविधा दिए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, छह महीने की तय समय सीमा के भीतर पूरा बकाया जमा करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर वेवर का लाभ नहीं मिलने की स्थिति हो सकती है।
बकाया संपत्ति कर वसूलने पर निगम का जोर
कोलकाता नगर निगम समय-समय पर बकाया संपत्ति कर की वसूली बढ़ाने के लिए वेवर स्कीम लागू करता रहा है। पुरानी योजनाओं में भी तय समय के भीतर बकाया जमा करने पर ब्याज और पेनल्टी में राहत दी गई थी। अब प्रस्तावित 2026 की योजना के जरिए निगम लंबे समय से लंबित संपत्ति कर की वसूली बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, नई योजना की अंतिम शर्तें और लागू होने की तारीख आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

