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अवैध निर्माण दोबारा शुरू होने पर हाईकोर्ट सख्त, कोलकाता नगर निगम कमिश्नर को किया तलब

अवैध निर्माण दोबारा शुरू होने पर हाईकोर्ट सख्त, कोलकाता नगर निगम कमिश्नर को किया तलब
Kolkata Municipal Corporation Illegal Construction: अवैध निर्माण दोबारा शुरू होने के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कोलकाता नगर निगम कमिश्नर स्मिता पांडे को तलब किया। अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी। (File Photo)

अवैध निर्माण दोबारा शुरू होने के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कोलकाता नगर निगम कमिश्नर स्मिता पांडे को तलब किया। अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी।

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Shinki Singh
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दोबारा अवैध निर्माण रोकने की जिम्मेदारी निगम प्रशासन की

कोलकाता नगर निगम की ओर से अवैध निर्माण गिराए जाने के बावजूद उसी स्थान पर दोबारा निर्माण शुरू होने के आरोप को कलकत्ता हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने कोलकाता नगर निगम की कमिश्नर स्मिता पांडे को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया। अदालत ने निगम की ओर से पेश अधिवक्ता की ओर से मामले के तथ्यों और पूर्व न्यायालयीन आदेशों की पर्याप्त जानकारी नहीं होने पर भी नाराजगी जताई।

कमिश्नर के सामने जमीनी जानकारी नहीं पहुंचने पर टिप्पणी

हाईकोर्ट के निर्देश पर नगर निगम कमिश्नर स्मिता पांडे अदालत में पेश हुईं। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश ने महाराष्ट्र में उनके प्रशासनिक अनुभव का उल्लेख किया। मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा की कमिश्नरों को कई मामलों में सीमित जानकारी ही उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में शहर में वास्तव में क्या स्थिति है और जमीनी स्तर पर क्या हो रहा है इसकी पूरी तस्वीर उनके सामने नहीं आ पाती।

अवैध निर्माण दोबारा न हो, यह निगम की जिम्मेदारी

मामले की सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि यदि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में किसी अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाता है तो उसी स्थान पर दोबारा अवैध निर्माण न हो, यह सुनिश्चित करना संबंधित नगर प्रशासन का दायित्व है। अदालत ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि पूर्व आदेश के बावजूद उसी स्थान पर दोबारा निर्माण कार्य शुरू होने का आरोप सामने आया। खंडपीठ ने नगर निगम को न्यायालय के आदेश का प्रभावी तरीके से अनुपालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई।

14 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को निर्धारित की गई है। खंडपीठ ने राज्य सरकार और कोलकाता नगर निगम को अगली सुनवाई के दौरान अवैध निर्माण को ध्वस्त करने तथा वहां दोबारा निर्माण रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर अनुपालन रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अब अगली सुनवाई में अदालत के सामने यह स्पष्ट किया जाएगा कि पूर्व न्यायालयीन आदेश के अनुपालन में प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए गए और संबंधित स्थान पर दोबारा निर्माण रोकने के लिए क्या व्यवस्था की गई है।


रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

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शिंकी सिंह (Shinki Singh) पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग एक दशक का अनुभव रखती हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में दैनिक सन्मार्ग से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जहाँ कई वर्षों तक फील्ड रिपोर्टिंग और न्यूज़ डेस्क की जिम्मेदारियाँ निभाईं। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक सरोकारों, महिला मुद्दों और जनहित से जुड़े विषयों पर व्यापक रिपोर्टिंग की। इसके साथ ही न्यूज़ एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया, जिससे डिजिटल और मल्टीमीडिया पत्रकारिता की उनकी समझ और अधिक सशक्त हुई। इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर से जुड़कर हार्ड न्यूज़, समसामयिक घटनाओं और लाइफस्टाइल पत्रकारिता सहित विभिन्न विषयों पर रिपोर्टिंग और लेखन किया। तथ्यपरक, निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता में विश्वास रखते हुए वे प्रत्येक समाचार को विश्वसनीय स्रोतों, तथ्यों के सत्यापन और गहन अध्ययन के आधार पर प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देती हैं। वर्तमान में शिंकी सिंह राष्ट्र भारत से जुड़ी हैं, जहाँ वे राष्ट्रीय, राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों पर समाचार, विश्लेषण और विशेष रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। शैक्षणिक रूप से उन्होंने महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक से बी.एड. की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से इतिहास एवं अंग्रेज़ी विषयों में स्नातकोत्तर (Master's) की डिग्री हासिल की है। वे पत्रकारिता में निरंतर सीखने, बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने तथा तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करने में विश्वास रखती हैं।