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कोलकाता में चलने वाली 700 अनफिट सरकारी बसें जल्द होंगी सड़क से बाहर

कोलकाता में चलने वाली 700 अनफिट सरकारी बसें जल्द होंगी सड़क से बाहर
Kolkata Unfit Government Buses: कोलकाता में एसबीएसटीसी और एनबीएसटीसी की 700 अनफिट और जर्जर सरकारी बसें जल्द होंगी सड़क से बाहर। जानिए महिलाओं की मुफ्त यात्रा और स्टाफ की कमी के बीच यात्रियों की क्यों बढ़ रही हैं मुश्किलें। (Image: AI)

कोलकाता में एसबीएसटीसी और एनबीएसटीसी की 700 अनफिट और जर्जर सरकारी बसें जल्द होंगी सड़क से बाहर। जानिए महिलाओं की मुफ्त यात्रा और स्टाफ की कमी के बीच यात्रियों की क्यों बढ़ रही हैं मुश्किलें।

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Shinki Singh
Shinki Singh
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यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

पश्चिम बंगाल में लगभग 700 सरकारी पुरानी बसें जल्द ही रद्द होने जा रही हैं। एसबीएसटीसी और एनबीएसटीसी के अधीन संचालित होने वाली ये बसें काफी पहले ही ‘अनफिट’ घोषित हो चुकी थीं जिसके बावजूद इन्हें जोखिम के साथ चलाया जा रहा था। इन बसों के विभिन्न उपकरण पुराने हो चुके हैं और इंजनों में भी अब वह पहली जैसी ताकत नहीं बची है। आए दिन रास्ते में बसें अचानक खराब होकर अचल हो जा रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन तमाम समस्याओं को देखते हुए सरकार ने अब चरणबद्ध तरीके से इन पुरानी बसों को हटाने का निर्णय लिया है और जल्द ही नए वाहन सड़क पर उतारे जाएंगे।

बढ़ती भीड़ और सीट की मारामारी

महिलाओं के लिए बस यात्रा पूरी तरह मुफ्त होने के बाद से सरकारी बसों में महिला यात्रियों की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्थिति यह है कि पुरुष यात्रियों को बैठने के लिए सीट पाने के वास्ते काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। दैनिक यात्रियों का कहना है कि बिना नई बसें लाए यदि पुरानी बसों को अचानक हटा दिया गया तो पहले से ही दबाव झेल रही परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी।

चालकों और कंडक्टरों की भारी कमी

परिवहन विभाग के भीतर कर्मचारियों का भी गंभीर संकट बना हुआ है। वर्तमान में जरूरत के हिसाब से पर्याप्त संख्या में चालक और कंडक्टर उपलब्ध नहीं हैं, जिससे बसों के सुचारू संचालन में बाधा आ रही है। यात्रियों और जानकारों का मानना है कि इस स्थिति से निपटने के लिए न सिर्फ नई बसों का बेड़े में शामिल होना जरूरी है, बल्कि रिक्त पदों पर नई भर्तियों के जरिए अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था करना भी बेहद आवश्यक है।


रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

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शिंकी सिंह (Shinki Singh) पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग एक दशक का अनुभव रखती हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में दैनिक सन्मार्ग से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जहाँ कई वर्षों तक फील्ड रिपोर्टिंग और न्यूज़ डेस्क की जिम्मेदारियाँ निभाईं। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक सरोकारों, महिला मुद्दों और जनहित से जुड़े विषयों पर व्यापक रिपोर्टिंग की। इसके साथ ही न्यूज़ एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया, जिससे डिजिटल और मल्टीमीडिया पत्रकारिता की उनकी समझ और अधिक सशक्त हुई। इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर से जुड़कर हार्ड न्यूज़, समसामयिक घटनाओं और लाइफस्टाइल पत्रकारिता सहित विभिन्न विषयों पर रिपोर्टिंग और लेखन किया। तथ्यपरक, निष्पक्ष और संतुलित पत्रकारिता में विश्वास रखते हुए वे प्रत्येक समाचार को विश्वसनीय स्रोतों, तथ्यों के सत्यापन और गहन अध्ययन के आधार पर प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देती हैं। वर्तमान में शिंकी सिंह राष्ट्र भारत से जुड़ी हैं, जहाँ वे राष्ट्रीय, राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों पर समाचार, विश्लेषण और विशेष रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी पहुँचाना है। शैक्षणिक रूप से उन्होंने महार्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक से बी.एड. की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से इतिहास एवं अंग्रेज़ी विषयों में स्नातकोत्तर (Master's) की डिग्री हासिल की है। वे पत्रकारिता में निरंतर सीखने, बदलते मीडिया परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को अपडेट रखने तथा तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करने में विश्वास रखती हैं।