राज्य में डेंगू के 4 हजार से अधिक मरीज, टॉप 3 में कोलकाता और उत्तर 24 परगना

पश्चिम बंगाल में डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर सीएम शुभेदु अधिकारी ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक। मुर्शिदाबाद और कोलकाता में सबसे ज्यादा संक्रमित।
विषयसूची
डेंगू के बढ़ते मामलों पर एक्शन में सरकार
पश्चिम बंगाल में इस वर्ष 1 जनवरी से लेकर 31 अगस्त तक डेंगू से संक्रमित होने वाले लोगों की कुल संख्या लगभग 4 हजार तक पहुंच चुकी है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार यह संख्या पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में काफी कम है जब पिछले साल जनवरी से अगस्त के बीच लगभग 7,100 लोग इस बीमारी की चपेट में आए थे जो इस साल से तीन हजार से अधिक थे।
स्वास्थ्य भवन में अहम बैठक
डेंगू जैसी गंभीर बीमारी से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। हाल ही में एक स्कूली छात्र की डेंगू से मौत के बाद प्रशासन ने किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने का फैसला किया है। इसी क्रम में आज स्वास्थ्य भवन में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई गई है जिसमें मुख्यमंत्री शुभेदु अधिकारी खुद मौजूद रहकर स्वास्थ्य मंत्री और विभाग के शीर्ष अधिकारियों के साथ तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। इस बैठक में स्वास्थ्य सचिव, मेडिकल कॉलेजों के एमएसवीपी, प्राचार्य और सभी जिलों के सीएमओएच शामिल हैं।
जिलेवार संक्रमण की स्थिति
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस बार संक्रमण के कुल मामलों में पिछले साल की तुलना में कुछ कमी दर्ज की गई है लेकिन स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। वर्तमान में पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में डेंगू के मामलों की स्थिति इस प्रकार है।
-
मुर्शिदाबाद: 774 मामलों के साथ राज्य में पहले स्थान पर है।
-
कोलकाता: 340 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है।
-
उत्तर 24 परगना: 317 मामलों के साथ तीसरे स्थान पर है।
-
मालदह: 309 मामलों के साथ चौथे स्थान पर है।
-
दक्षिण 24 परगना: 297 मामलों के साथ पांचवें स्थान पर है।
-
अन्य जिले: नदिया, हुगली और हावड़ा इसके बाद के अगले पांच प्रभावित जिलों में शामिल हैं।
प्रशासन की सख्त तैयारी
सरकार का मानना है कि डेंगू के मामलों में थोड़ी कमी जरूर आई है लेकिन प्रशासन के स्तर पर किसी भी तरह की आत्मसंतुष्टि के लिए कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री की इस अहम बैठक का उद्देश्य अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था, लार्वा नाशक अभियानों और एहतियाती कदमों की जमीनी हकीकत की समीक्षा करना है ताकि संक्रमण को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

