कोलकाता में कांग्रेस और इंटक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन कर अमित शाह के इस्तीफे की मांग उठाई

Kolkata INTUC protest Amit Shah resignation demand: कोलकाता में इंटक सेवादल, महिला इंटक और महिला कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन कर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था, लोकतांत्रिक अधिकार, छात्र-युवा मुद्दों और पश्चिम बंगाल के प्रस्तावित गुंडा दमन कानून को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज की गई। आयोजकों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
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कानून व्यवस्था और लोकतांत्रिक अधिकारों पर उठे सवाल
Kolkata INTUC protest Amit Shah resignation demand: कोलकाता के बौबाजार इलाके में शनिवार दोपहर करीब 2 बजे हिन्द सिनेमा आईनॉक्स (INOX) के सामने विक्षोभ प्रदर्शन हुआ। यह कार्यक्रम पश्चिम बंगाल प्रदेश इंटक (INTUC) सेवादल, पश्चिम बंगाल प्रदेश महिला इंटक (INTUC) और पश्चिम बंगाल प्रदेश महिला कांग्रेस की ओर से आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में भारतीय राष्ट्रीय झंडा लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग उठाई।
आयोजकों का आरोप है कि देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने विपक्षी दलों और आंदोलनकारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई का भी आरोप लगाया। संगठनों का कहना है कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलनों के खिलाफ दमनकारी कदम उठाए जा रहे हैं और विपक्षी आवाज़ों को दबाने की कोशिश हो रही है।


अमित शाह के इस्तीफे की मांग के साथ हुआ विरोध प्रदर्शन
प्रदर्शन के आह्वान-पत्र में निगरानी, विपक्षी नेताओं-कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई और छात्र-युवाओं के साथ प्रशासन के व्यवहार पर भी चिंता जताई गई। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के प्रस्तावित “गुंडा दमन आइन” (गुंडा नियंत्रण कानून) की भी आलोचना की गई। संगठनों का दावा है कि यह कानून राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए लाया गया है और इससे लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन की आशंका है।
इंटक (INTUC) अध्यक्ष प्रमोद पांडे और उपाध्यक्ष शंकर नाथ हाजरा ने कहा कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जताना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, और इसी अधिकार की रक्षा के लिए यह प्रदर्शन आयोजित किया गया।
गौरतलब है कि उपरोक्त सभी दावे आयोजक संगठनों के अपने बयान हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।
आगे संगठनों ने सभी लोकतंत्र-समर्थक नागरिकों से इस कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।


रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

