मजदूरों के हक के लिए फिर सड़क पर उतरेगा शहर, कला के जरिए उठेगी आवाज

Kolkata Labour Day workers rights protest Seedz Foundation: कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर सिड्स फाउंडेशन मजदूरों के अधिकार और सम्मान की मांग को लेकर सड़क पर उतरेगा। संस्था कला और अल्पना के जरिए श्रम कानून के तहत मिलने वाली सुविधाओं और अधिकारों की बात लोगों तक पहुंचाएगी। संस्था का कहना है कि मजदूरों को सिर्फ काम नहीं बल्कि सम्मान और जरूरी सुविधा भी मिलनी चाहिए।
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मजदूरों के अधिकार को लेकर फिर उठी आवाज
Kolkata Labour Day workers rights protest Seedz Foundation: कोलकाता | चुनाव आते हैं, चुनाव जाते हैं। ये लोग भी वोट देते हैं — इस बार भी दिया। लेकिन इनकी किस्मत नहीं बदलती।
संविधान ने इनके पेशे को मान्यता दी है। निर्वाचन आयोग ने इन्हें मतदान का अधिकार दिया है। फिर भी इनकी बुनियादी मांगें अधूरी हैं।
अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर — 1 मई 2026 को — सीड्ज़ फाउंडेशन की पहल पर कोलकाता के श्रमिक एक बार फिर सड़कों पर उतर रहे हैं। उनकी मांग है — श्रमिक के रूप में उचित सम्मान और श्रम संहिता लेबरकोड (Labour Code) के तहत मिलने वाली सुविधाओं का वास्तविक क्रियान्वयन।



इस बार ये श्रमिक अपनी अनसुनी मांगों को एक अनोखे तरीके से व्यक्त करेंगे — शहर की सड़कों पर रंगोली बनाकर। कला के माध्यम से वे अपना दर्द और अपना हक, दोनों उकेरेंगे।
इस आयोजन में शिबानी गिरी (सचिव) और सीड्ज़ फाउंडेशन की संस्थापक अमृता सिंह की अहम भूमिका है। संगठन लंबे समय से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के अधिकारों के लिए काम कर रहा है।
श्रमिकों की आवाज़ इस बार रंगों में बोलेगी — सवाल यह है कि सत्ता उसे सुनेगी या नहीं।




रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

