NEET Protest Violence: नीट आंदोलन में भड़की थी हिंसा,कोर्ट ने 16 प्रदर्शनकारियों को भेजा जेल

NEET Protest Violence: कोलकाता कोर्ट ने नीट प्रदर्शन हिंसा मामले में 16 आरोपियों को 30 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजा, गुंडा अधिनियम की धाराएं भी लगीं।
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कोर्ट में क्या हुआ,जानें पूरी जानकारी
NEET Protest Violence: कोलकाता की एक अदालत ने राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक के विरोध में वामपंथी छात्र संगठनों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार 16 लोगों को मंगलवार को 30 जुलाई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।सियालदह स्टेशन से मध्य कोलकाता के एस्प्लेनेड तक निकाले गए मार्च के दौरान कुछ लोगों ने पत्रकारों पर हमला किया था जिससे कई पत्रकार घायल हो गए थे।
जमानत खारिज 16 आरोपियों पर लगा गुंडा एक्ट
मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत ने आरोपियों की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें 30 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इन 16 आरोपियों पर हाल ही में लागू किए गए सख्त गुंडा अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने शुक्रवार को रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद कहा था कि मार्च में हिंसा करने वाले लोगों का नीट प्रश्नपत्र लीक विरोध प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं था और उनपर राष्ट्र विरोधी तत्व होने का संदेह है।
सरकारी वकील की दलील- जमानत मिली तो जांच होगी प्रभावित
राज्य सरकार ने दावा किया कि हिंसा के मामले में जिन कम से कम 70 लोगों की पहचान की गई है वे न तो छात्र हैं और न ही कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के सदस्य। सरकार के अनुसार उनका नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ हुए आंदोलन से भी कोई सीधा संबंध नहीं था। राज्य सरकार की ओर से अदालत में पेश वकील ने आरोपियों को हिरासत में रखने की मांग करते हुए कहा कि यदि उन्हें जमानत पर रिहा किया गया तो जांच पर गंभीर असर पड़ेगा। मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

