बारिश के बाद हरियाली से सजा आदीना, प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट से गूंजा जंगल

मालदा के आदीना डियर फॉरेस्ट में प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ने लगी है। वन विभाग ने वैज्ञानिक तरीके से पक्षियों की गणना शुरू कर दी है।
विषयसूची
दूरबीन और कैमरे से हो रही पक्षियों की निगरानी
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के गाजोल स्थित आदीना डियर फॉरेस्ट हरियाली से गुलजार हो उठा है। जंगल में चारों ओर पक्षियों की चहचहाहट सुनाई दे रही है। प्रवासी पक्षियों के पहुंचने के साथ ही आदीना डियर फॉरेस्ट इन दिनों पर्यटकों और पक्षी प्रेमियों के लिए खास आकर्षण बन गया है। सर्दी का मौसम शुरू होने से पहले ही दक्षिण भारत समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रवासी पक्षियों का आना शुरू हो गया है। जंगल के पेड़ों पर इन दिनों पक्षियों की आवाजें लगातार सुनाई दे रही हैं। सुबह के समय यहां का नजारा खास तौर पर मनमोहक हो जाता है।
वन विभाग ने शुरू की प्रवासी पक्षियों की गिनती
प्रवासी पक्षियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वन विभाग ने उनकी गणना शुरू कर दी है। वन विभाग के अनुभवी कर्मचारियों और अधिकारियों की विशेष टीम वैज्ञानिक तरीके से पक्षियों की संख्या दर्ज कर रही है। दूरबीन और कैमरों की मदद से जंगल के अलग-अलग हिस्सों में पक्षियों की निगरानी की जा रही है। वन विभाग को उम्मीद है कि इस साल आदीना डियर फॉरेस्ट में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक प्रवासी पक्षी पहुंच सकते हैं। एक वन अधिकारी के मुताबिक, रायगंज के कूलिक फॉरेस्ट के बाद मालदा का आदीना डियर फॉरेस्ट भी प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी के मामले में नया रिकॉर्ड बना सकता है। अनुकूल वातावरण के कारण इस बार यहां बड़ी संख्या में पक्षियों के पहुंचने की संभावना है।
कुछ हफ्तों में लौटेंगे अपने ठिकानों पर
फिलहाल यह पता लगाने के लिए गणना जारी है कि इस साल आदीना डियर फॉरेस्ट में कुल कितने प्रवासी पक्षी पहुंचे हैं। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उनकी संख्या दर्ज करने में जुटे हैं। माना जा रहा है कि अगले कुछ हफ्तों में इनमें से कई पक्षी अपने मूल आवास की ओर लौटना शुरू कर देंगे। पक्षियों के लौटने से पहले उनकी संख्या का अंतिम आंकड़ा तैयार करने के लिए यह विशेष गणना की जा रही है। वहीं आदीना में प्रवासी पक्षियों का नजारा देखने के लिए पर्यटकों और पक्षी प्रेमियों की आवाजाही भी बढ़ गई है। सर्दियों की छुट्टियों में यहां और अधिक पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद है।
रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल
एडिट: शिंकी सिंह

