मालदा के डाहुआ गांव में पहली बार होगी दुर्गा पूजा, तीन किलोमीटर दूर जाने की परेशानी होगी खत्म

मालदा के डाहुआ गांव में पहली दुर्गा पूजा: मालदा के डाहुआ गांव में पहली बार दुर्गा पूजा का आयोजन होने जा रहा है। मंगलवार को खंभा पूजा के साथ तैयारियां शुरू हुईं। अब तक ग्रामीणों को पूजा देखने के लिए करीब तीन किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। गांव के लोगों के सहयोग से करीब दो लाख रुपये खर्च होंगे। भविष्य में पूजा को और बड़े स्तर पर करने की योजना है।
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डाहुआ गांव में पहली बार दुर्गा पूजा की तैयारी
मालदा के डाहुआ गांव में पहली दुर्गा पूजा: मालदा: हरिश्चंद्रपुर-2 ब्लॉक के दौलतपुर ग्राम पंचायत के डाहुआ गांव में इस बार पहली बार दुर्गा पूजा का आयोजन होगा। मंगलवार दोपहर डाहुआ सार्वजनिन दुर्गा पूजा की खूंटी पूजा के साथ पूजा की तैयारियां औपचारिक रूप से शुरू हो गईं।
खूंटी पूजा को लेकर सुबह से ही गांव में उत्सव का माहौल रहा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर किसी में उत्साह दिखा।
अब तक दुर्गा पूजा आते ही डाहुआ के लोगों को करीब तीन किलोमीटर दूर दूसरे गांव जाना पड़ता था। किसी की गोद में छोटा बच्चा होता था, तो किसी के साथ बुजुर्ग माता-पिता। पूजा की खुशी तो थी, लेकिन अपने गांव के मंडप में खड़े होकर ढाक की आवाज़ सुनने का मौका नहीं था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दूर के मंडप में जाकर प्रतिमा के दर्शन करना ही उनका सहारा था।



तीन किलोमीटर दूर जाने की परेशानी होगी खत्म
इस बार यह दूरी खत्म हो रही है। अब गांव में ही पूजा का मंडप बनेगा। यह पूजा पूरी तरह ग्रामीणों के दिए चंदे से हो रही है। आयोजकों के अनुमान के अनुसार, पहले साल के आयोजन में करीब दो लाख रुपये खर्च होंगे।
आयोजक यहीं रुकना नहीं चाहते। आने वाले वर्षों में पूजा को और बड़े स्तर पर, थीम के साथ आयोजित करने की योजना भी है।
गांव में मां के पहले आगमन को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। अब डाहुआ के लोगों को इंतज़ार है उस दिन का, जब मंडप में प्रतिमा स्थापित होगी, ढाक बजेगा और उनके अपने गांव में पूजा का उत्सव शुरू होगा।



रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

