कुणाल घोष की गाड़ी पर हमले के बाद भड़कीं ममता, पुलिस और बीजेपी पर उठाए सवाल

कुणाल घोष की गाड़ी पर हमले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुलिस और बीजेपी पर साधा निशाना।
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ममता बनर्जी ने कहा: नजरबंद जैसे हालात
पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर में होने वाली सभा से पहले टीएमसी नेता कुणाल घोष की गाड़ी पर हुए हमले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बहुत कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इस पूरी घटना के लिए सीधे तौर पर पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है। ममता बनर्जी का आरोप है कि यह सब कुछ पुलिस की मिलीभगत से हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि लगातार हमले किए जा रहे हैं, लेकिन मौके पर पुलिस कहीं नजर नहीं आ रही है। कोलकाता स्थित अपने घर से श्रीरामपुर के लिए रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि पंद्रह दिन की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अदालत से सभा की अनुमति मिली है लेकिन उनके लोगों को घर से ही नहीं निकलने दिया जा रहा है और लगभग नजरबंद जैसी स्थिति बना दी गई है।
अफ्रीकी देशों से की तुलना और बीजेपी पर प्रहार
ममता बनर्जी ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने ऐसी स्थिति कहीं नहीं देखी है और यहां तक कि अफ्रीकी देशों में भी इस तरह की घटनाएं नहीं होती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गुंडों की मदद से पूरे रास्ते को जाम कर दिया गया है और सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि बंगाल में जिस तरह की तानाशाही और जुल्म चलाया जा रहा है, वैसा उत्तर प्रदेश या बिहार में भी देखने को नहीं मिलता है। उनके मुताबिक राज्य में अब आम लोगों के पास किसी तरह की स्वतंत्रता सुरक्षित नहीं बची है।
कुणाल घोष पर हमले के बाद कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए ममता ने कहा कि कुणाल घोष की गाड़ी में जमकर तोड़फोड़ की गई है और उनके पूरे शरीर पर कांच के टुकड़े चुभ गए हैं। उन्होंने बताया कि जीटी रोड और उत्तरपड़ा इलाके में उनके नेताओं को रोका जा रहा है और अदालत के आदेशों के बावजूद इस तरह की बाधाएं खड़ी की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य काम कानून-व्यवस्था को शांतिपूर्ण बनाए रखना होता है, लेकिन यहां हालात इसके बिल्कुल विपरीत हैं। अंत में उन्होंने प्रशासन से सहयोग करने और अदालत के निर्देशों का पूरी तरह से पालन करने की अपील की।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

