अक्टूबर में सताएगी सामान्य से अधिक गर्मी, बंगाल समेत कई राज्यों में कम बारिश के संकेत

अक्टूबर में पश्चिम बंगाल समेत कई हिस्सों में सामान्य से अधिक गर्मी पड़ सकती है। मौसम विभाग ने कम बारिश और अल नीनो के असर का अनुमान जताया है।
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अल नीनो बढ़ाएगा गर्मी, मार्च तक रह सकता है असर
मानसून की विदाई के बीच पश्चिम बंगाल समेत देश के कई हिस्सों में अक्टूबर का मौसम सामान्य से अधिक गर्म रह सकता है। मौसम विभाग ने अक्टूबर से दिसंबर के दौरान देश के बड़े हिस्से में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान जताया है। वहीं, अल नीनो के मजबूत होने के कारण तापमान पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है।
15 अक्टूबर तक मानसून की विदाई की उम्मीद
मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने मानसून की स्थिति और आगे के मौसम को लेकर आयोजित वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश से मानसून की वापसी की प्रक्रिया दोबारा शुरू होने वाली है। अनुमान है कि करीब 15 अक्टूबर तक पूरे देश से मानसून की विदाई हो जाएगी। इस साल जून से सितंबर के बीच देश में मानसूनी बारिश दीर्घकालिक औसत से करीब 12.57 प्रतिशत कम रही। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1901 के बाद यह कम बारिश वाले वर्षों में 13वां और 2001 के बाद चौथा सबसे कम बारिश वाला मानसून रहा।
अल नीनो का असर आगे भी रह सकता है
मौसम विभाग के अनुसार नवंबर में अल नीनो के और मजबूत होने की संभावना है। इसका प्रभाव अगले साल मार्च तक बने रहने का अनुमान है। हालांकि, हिंद महासागर डाइपोल के सकारात्मक रहने पर अल नीनो के प्रभाव को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। फिलहाल इसके तटस्थ रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक इस साल जून में अल नीनो कमजोर होने के बावजूद बारिश काफी कम हुई थी। इसके बाद जुलाई और अगस्त में अल नीनो मजबूत रहा लेकिन कई इलाकों में बारिश सामान्य से अधिक दर्ज की गई। सितंबर में भी अल नीनो मजबूत स्थिति में रहा और निम्न दबाव वाले क्षेत्रों के कारण कई हिस्सों में भारी बारिश हुई।
दक्षिण भारत में सामान्य रह सकती है बारिश
अक्टूबर से दिसंबर के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। हालांकि, दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून के कारण होने वाली बारिश लगभग सामान्य रहने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले महीनों में अल नीनो की स्थिति और समुद्री परिस्थितियां मौसम के रुख को प्रभावित कर सकती हैं।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

