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Paschim Medinipur News: सरकारी और निजी जमीन पर बने अवैध मिठाई के दुकान को हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने तोड़ा

Paschim Medinipur News: सरकारी और निजी जमीन पर बने अवैध मिठाई के दुकान को हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने तोड़ा
Highcourt Order Illegal Sweet Shop Demolition: सरकारी और निजी जमीन पर बने अवैध मिठाई के दुकान को हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने तोड़ा (Photo: RB / Ekbal)

Highcourt Order Illegal Sweet Shop Demolition: पश्चिम मेदिनीपुर के चंद्रकोणा में सरकारी और निजी जमीन पर बने एक अवैध मिठाई के दुकान को हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने बुलडोजर से हटा दिया। जमीन मालिक की शिकायत पर मामला अदालत पहुंचा था। प्रशासन, भूमि विभाग और पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई पूरी हुई और कब्जाई गई जमीन को मुक्त कराया गया।

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Asfi Shadab
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने हटाया अवैध निर्माण

Highcourt Order Illegal Sweet Shop Demolition: पश्चिम मेदिनीपुर, चंद्रकोणा। कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को चंद्रकोणा नगरपालिका के वार्ड नंबर 8 के जयंतीपुर इलाके में एक बेआईनी मिठाई की दुकान बुलडोजर से ध्वस्त कर दी गई। यह दुकान सरकारी पीडब्ल्यूडी (PWD) जमीन और निजी रायती जमीन पर कब्जा करके बनाई गई थी।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, घाटाल-चंद्रकोणा राज्य सड़क (नं.-4) के किनारे प्लॉट नं. 439 की 361 वर्गफुट पीडब्ल्यूडी (PWD) जमीन और प्लॉट नं. 58 की 71.25 वर्गफुट रायती जमीन पर स्थानीय निवासी रंजन सिंह ने पक्का निर्माण कर मिठाई की दुकान चलाई थी।

Highcourt Order Illegal Sweet Shop Demolition: सरकारी और निजी जमीन पर बने अवैध मिठाई के दुकान को हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने तोड़ा
Highcourt Order Illegal Sweet Shop Demolition: सरकारी और निजी जमीन पर बने अवैध मिठाई के दुकान को हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने तोड़ा (Photo: RB / Ekbal)
Highcourt Order Illegal Sweet Shop Demolition: सरकारी और निजी जमीन पर बने अवैध मिठाई के दुकान को हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने तोड़ा
Highcourt Order Illegal Sweet Shop Demolition: सरकारी और निजी जमीन पर बने अवैध मिठाई के दुकान को हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने तोड़ा (Photo: RB / Ekbal)

रायती जमीन के मालिक और पेशे से अधिवक्ता कृष्णेंदु बिकाश दत्त का घर इसी दुकान के ठीक पीछे है। उन्होंने बताया कि जमीन कब्जे और दुकान के पिछले हिस्से में लगे एग्जॉस्ट फैन से आने वाली दुर्गंध के कारण उनका परिवार लंबे समय से परेशान था। स्थानीय ‘देश कमिटी’ से कई बार गुहार लगाई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

सरकारी और निजी जमीन को कब्जे से कराया गया मुक्त

इसके बाद कृष्णेंदु बिकाश दत्त ने कलकत्ता हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की। 4 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट ने स्थानीय प्रशासन को जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। आरोप है कि यह आदेश ठीक से पालन नहीं हुआ, जिसके बाद 11 फरवरी 2026 को अदालत की अवमानना का मामला दर्ज किया गया। अंततः 27 मई को हाईकोर्ट ने बेआईनी निर्माण गिराने का आदेश दिया।

शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी (PWD) के सहायक अभियंता, चंद्रकोणा-2 ब्लॉक के बीडीओ (BDO), भूमि एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारी और पुलिस की उपस्थिति में बुलडोजर से शेष निर्माण ध्वस्त किया गया। इससे पहले गुरुवार शाम को ही रंजन सिंह ने आदेश मिलने के बाद खुद दुकान का सामान हटाकर निर्माण का कुछ हिस्सा तोड़ना शुरू कर दिया था। उनकी पत्नी सुमित्रा सिंह ने कहा, “आदालत के आदेश का पालन करते हुए हमने दुकान खाली की।”

कृष्णेंदु बिकाश दत्त ने आरोप लगाया कि देश कमिटी की मिलीभगत से यह जमीन दबाई गई थी और दुकान मालिक से मासिक किराया भी वसूला जाता था। उन्होंने कहा, “मेरी रायती जमीन और पीडब्ल्यूडी (PWD) की जमीन पर कब्जा करके यह निर्माण किया गया था। हाईकोर्ट के आदेश से न्याय मिला।”

इस कार्रवाई से सरकारी और निजी दोनों जमीनें अतिक्रमण से मुक्त हो गई हैं।

Highcourt Order Illegal Sweet Shop Demolition: सरकारी और निजी जमीन पर बने अवैध मिठाई के दुकान को हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने तोड़ा
Highcourt Order Illegal Sweet Shop Demolition: सरकारी और निजी जमीन पर बने अवैध मिठाई के दुकान को हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने तोड़ा (Photo: RB / Ekbal)
Highcourt Order Illegal Sweet Shop Demolition: सरकारी और निजी जमीन पर बने अवैध मिठाई के दुकान को हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने तोड़ा
Highcourt Order Illegal Sweet Shop Demolition: सरकारी और निजी जमीन पर बने अवैध मिठाई के दुकान को हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने तोड़ा (Photo: RB / Ekbal)

रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।