
योगी आदित्यनाथ बोले — “छठ पूजा केवल पर्व नहीं, सामाजिक एकता का प्रतीक है” लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान स्थित छठ घाट पर आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि छठ पूजा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन विरासत, सामाजिक एकता और आध्यात्मिक उत्थान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह त्योहार हमारी सनातन संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत करता है, जहां लोग अपने समाज, परिवार और प्रकृति से गहराई से जुड़ते हैं। भोजपुरी में दी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को भोजपुरी भाषा में

योगी आदित्यनाथ बोले — “छठ पूजा केवल पर्व नहीं, सामाजिक एकता का प्रतीक है” लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान स्थित छठ घाट पर आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि छठ पूजा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन विरासत, सामाजिक एकता और आध्यात्मिक उत्थान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह त्योहार हमारी सनातन संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत करता है, जहां लोग अपने समाज, परिवार और प्रकृति से गहराई से जुड़ते हैं। भोजपुरी में दी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को भोजपुरी भाषा में

पटना में छठ पूजा की रौनक, महंगाई के बावजूद उमड़ा जनसैलाब — गंगा घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम पटना। बिहार की राजधानी पटना इन दिनों छठ महापर्व की आस्था और उत्साह से सराबोर है। बाजारों में रौनक, गलियों में भीड़ और घाटों पर तैयारियों का दौर—हर तरफ छठी मैया के जयकारे गूंज रहे हैं। बाजारों में बढ़ी रौनक, पर नहीं थमा भक्तों का जोश संध्या अर्घ्य और ऊषा अर्घ्य की तैयारियों के लिए लोग सब्जी, फल और पूजा सामग्री की खरीदारी में जुटे हैं। कीमतें बढ़ी जरूर हैं, लेकिन श्रद्धा के आगे महंगाई का कोई असर नहीं दिख रहा।सीमा

पटना में छठ पूजा की रौनक, महंगाई के बावजूद उमड़ा जनसैलाब — गंगा घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम पटना। बिहार की राजधानी पटना इन दिनों छठ महापर्व की आस्था और उत्साह से सराबोर है। बाजारों में रौनक, गलियों में भीड़ और घाटों पर तैयारियों का दौर—हर तरफ छठी मैया के जयकारे गूंज रहे हैं। बाजारों में बढ़ी रौनक, पर नहीं थमा भक्तों का जोश संध्या अर्घ्य और ऊषा अर्घ्य की तैयारियों के लिए लोग सब्जी, फल और पूजा सामग्री की खरीदारी में जुटे हैं। कीमतें बढ़ी जरूर हैं, लेकिन श्रद्धा के आगे महंगाई का कोई असर नहीं दिख रहा।सीमा

नई दिल्ली। छठ पूजा (Chhath Puja 2025) सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति में आस्था, सादगी और पवित्रता का प्रतीक है। चार दिनों तक चलने वाला यह महापर्व सूर्य देव और छठी मैया की आराधना के लिए समर्पित होता है। इसमें व्रती महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं और विशेष पारंपरिक व सात्विक भोग चढ़ाकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करती हैं।इस बार छठ पूजा 2025 के अवसर पर जानिए वे सभी दिव्य भोग और प्रसाद जो छठी मैया को अर्पित करने से घर में खुशियां बनी रहती हैं। छठ पूजा का महत्व और परंपरा

नई दिल्ली। छठ पूजा (Chhath Puja 2025) सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति में आस्था, सादगी और पवित्रता का प्रतीक है। चार दिनों तक चलने वाला यह महापर्व सूर्य देव और छठी मैया की आराधना के लिए समर्पित होता है। इसमें व्रती महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं और विशेष पारंपरिक व सात्विक भोग चढ़ाकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करती हैं।इस बार छठ पूजा 2025 के अवसर पर जानिए वे सभी दिव्य भोग और प्रसाद जो छठी मैया को अर्पित करने से घर में खुशियां बनी रहती हैं। छठ पूजा का महत्व और परंपरा

छठ पर्व के अवसर पर नीतीश-चिराग की मुलाकात बनी सियासी चर्चा का केंद्र आकाश श्रीवास्तव, पटना। बिहार की राजनीति में रविवार का दिन बेहद खास रहा जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान एक ही मंच पर दिखाई दिए।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज चिराग पासवान के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने खरना प्रसाद ग्रहण किया और छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं की यह मुलाकात न केवल सौहार्द का प्रतीक बनी बल्कि चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक हलचल भी पैदा कर गई। सादगी और सम्मान का मिला संगम नीतीश कुमार ने

छठ पर्व के अवसर पर नीतीश-चिराग की मुलाकात बनी सियासी चर्चा का केंद्र आकाश श्रीवास्तव, पटना। बिहार की राजनीति में रविवार का दिन बेहद खास रहा जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान एक ही मंच पर दिखाई दिए।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज चिराग पासवान के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने खरना प्रसाद ग्रहण किया और छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं की यह मुलाकात न केवल सौहार्द का प्रतीक बनी बल्कि चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक हलचल भी पैदा कर गई। सादगी और सम्मान का मिला संगम नीतीश कुमार ने

छठ पूजा 2025: चार दिन और पूजा का महत्व छठ महापर्व कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से सप्तमी तक मनाया जाता है। यह पर्व सूर्य देव (भगवान भास्कर) और उनकी बहन छठी मैया (ऊषा देवी) की उपासना के लिए होता है। पर्व का उद्देश्य शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि है। चार दिन की विधि पहला दिन – नहाय खाय: शरीर और मन की शुद्धि के लिए व्रती स्नान कर सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। दूसरा दिन – खरना: निर्जला व्रत से पूर्व गुड़ की खीर और गेहूं की रोटी का प्रसाद तैयार किया जाता है। तीसरा दिन – संध्या

छठ पूजा 2025: चार दिन और पूजा का महत्व छठ महापर्व कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से सप्तमी तक मनाया जाता है। यह पर्व सूर्य देव (भगवान भास्कर) और उनकी बहन छठी मैया (ऊषा देवी) की उपासना के लिए होता है। पर्व का उद्देश्य शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि है। चार दिन की विधि पहला दिन – नहाय खाय: शरीर और मन की शुद्धि के लिए व्रती स्नान कर सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। दूसरा दिन – खरना: निर्जला व्रत से पूर्व गुड़ की खीर और गेहूं की रोटी का प्रसाद तैयार किया जाता है। तीसरा दिन – संध्या

छठ पूजा पर रेलवे की सौगात: हावड़ा-गोरखपुर के बीच स्पेशल ट्रेन जमुई। छठ पूजा के अवसर पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने एक अहम कदम उठाया है। पूर्व रेलवे ने हावड़ा और गोरखपुर के बीच एक और अनारक्षित स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है, जिससे यात्रियों को अपने घरों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। यह निर्णय छठ महापर्व के दौरान यात्रियों की आवाजाही को सहज बनाने के लिए लिया गया है। रेलवे की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, यह ट्रेन छठ पर्व की तिथियों 26 और 27 अक्टूबर को दोनों दिशाओं में संचालित होगी।

छठ पूजा पर रेलवे की सौगात: हावड़ा-गोरखपुर के बीच स्पेशल ट्रेन जमुई। छठ पूजा के अवसर पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने एक अहम कदम उठाया है। पूर्व रेलवे ने हावड़ा और गोरखपुर के बीच एक और अनारक्षित स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की है, जिससे यात्रियों को अपने घरों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। यह निर्णय छठ महापर्व के दौरान यात्रियों की आवाजाही को सहज बनाने के लिए लिया गया है। रेलवे की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, यह ट्रेन छठ पर्व की तिथियों 26 और 27 अक्टूबर को दोनों दिशाओं में संचालित होगी।

योगी आदित्यनाथ ने छठ पूजा पर दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छठ पूजा के अवसर पर जनता को बधाई देते हुए ट्वीट किया। उन्होंने कहा: योगी आदित्यनाथ ने इस संदेश के माध्यम से सभी श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं और माताओं को छठ व्रत में लगने वाले कठिन परिश्रम और भक्ति के लिए सम्मानित किया। रउवा सब पर छठी मइया के कृपा बनल रहे, परिवार खातिर कठिन व्रत रखे वाली माता आ बहिन लोगन के हमरे तरफ से विशेष मंगलकामना… जय छठी मइया! pic.twitter.com/gxinOal80z — Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 25, 2025 छठ पूजा की विशेषता छठ पूजा बिहार, उत्तर प्रदेश और

योगी आदित्यनाथ ने छठ पूजा पर दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छठ पूजा के अवसर पर जनता को बधाई देते हुए ट्वीट किया। उन्होंने कहा: योगी आदित्यनाथ ने इस संदेश के माध्यम से सभी श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं और माताओं को छठ व्रत में लगने वाले कठिन परिश्रम और भक्ति के लिए सम्मानित किया। रउवा सब पर छठी मइया के कृपा बनल रहे, परिवार खातिर कठिन व्रत रखे वाली माता आ बहिन लोगन के हमरे तरफ से विशेष मंगलकामना… जय छठी मइया! pic.twitter.com/gxinOal80z — Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 25, 2025 छठ पूजा की विशेषता छठ पूजा बिहार, उत्तर प्रदेश और

छठ गीत: महापर्व की आत्मा छठ पूजा केवल एक व्रत नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, परंपरा और संगीत का अद्भुत संगम है। चार दिनों तक चलने वाला यह महाव्रत छठ गीतों के बिना अधूरा प्रतीत होता है। बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के हर घर और घाट पर इन गीतों की गूंज इस महापर्व की रौनक को और बढ़ा देती है। 25 अक्टूबर 2025 से नहाय-खाय के साथ छठ पूजा शुरू हो चुकी है। इस अवसर पर छठ गीतों की विशेष धुनों से वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर हो जाता है। हो दीनानाथ शारदा सिन्हा, जिन्हें बिहार की कोकिला

छठ गीत: महापर्व की आत्मा छठ पूजा केवल एक व्रत नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, परंपरा और संगीत का अद्भुत संगम है। चार दिनों तक चलने वाला यह महाव्रत छठ गीतों के बिना अधूरा प्रतीत होता है। बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के हर घर और घाट पर इन गीतों की गूंज इस महापर्व की रौनक को और बढ़ा देती है। 25 अक्टूबर 2025 से नहाय-खाय के साथ छठ पूजा शुरू हो चुकी है। इस अवसर पर छठ गीतों की विशेष धुनों से वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर हो जाता है। हो दीनानाथ शारदा सिन्हा, जिन्हें बिहार की कोकिला

छठ पूजा 2025: गोरखपुर के घाटों पर रील्स और सोशल मीडिया की धूम छठ पूजा 2025 का महापर्व इंटरनेट मीडिया पर जमकर छाया हुआ है। गोरखपुर के घाटों पर युवा और कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में छठ पूजा के गीतों पर रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। इस दौरान घाटों पर विशेष रौनक देखने को मिल रही है, जिससे लोगों में उत्साह और आस्था दोनों ही बढ़ रहे हैं। घाटों पर छठ पूजा की तैयारी गोरखपुर के रामगढ़ताल, राप्ती नदी के गुरु गोरक्षनाथ घाट और श्रीराम घाट पर छठ पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं। युवतियां पारंपरिक वेशभूषा

छठ पूजा 2025: गोरखपुर के घाटों पर रील्स और सोशल मीडिया की धूम छठ पूजा 2025 का महापर्व इंटरनेट मीडिया पर जमकर छाया हुआ है। गोरखपुर के घाटों पर युवा और कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में छठ पूजा के गीतों पर रील्स बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। इस दौरान घाटों पर विशेष रौनक देखने को मिल रही है, जिससे लोगों में उत्साह और आस्था दोनों ही बढ़ रहे हैं। घाटों पर छठ पूजा की तैयारी गोरखपुर के रामगढ़ताल, राप्ती नदी के गुरु गोरक्षनाथ घाट और श्रीराम घाट पर छठ पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं। युवतियां पारंपरिक वेशभूषा

छठ पूजा 2025: छठी मैया कौन हैं और पूजा का महत्व छठ पूजा बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में लोक आस्था का महापर्व माना जाता है। इस दौरान भगवान सूर्य और छठी मैया की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से संतान को दीर्घायु, परिवार में सुख-शांति और आध्यात्मिक शक्ति की प्राप्ति होती है। छठी मैया की उत्पत्ति पौराणिक कथा के अनुसार, एक राजा प्रियंवद और उनकी पत्नी मालिनी संतानहीन थे। संतान प्राप्ति के लिए उन्होंने ऋषि कश्यप के पास जाकर यज्ञ किया। यज्ञ से उन्हें पुत्र प्राप्त हुआ, लेकिन

छठ पूजा 2025: छठी मैया कौन हैं और पूजा का महत्व छठ पूजा बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में लोक आस्था का महापर्व माना जाता है। इस दौरान भगवान सूर्य और छठी मैया की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से संतान को दीर्घायु, परिवार में सुख-शांति और आध्यात्मिक शक्ति की प्राप्ति होती है। छठी मैया की उत्पत्ति पौराणिक कथा के अनुसार, एक राजा प्रियंवद और उनकी पत्नी मालिनी संतानहीन थे। संतान प्राप्ति के लिए उन्होंने ऋषि कश्यप के पास जाकर यज्ञ किया। यज्ञ से उन्हें पुत्र प्राप्त हुआ, लेकिन

छठ पूजा पर खस्ता ठेकुआ बनाने की आसान विधि छठ पूजा बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में लोक आस्था का महापर्व माना जाता है। यह महापर्व इस साल 25 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। नहाय-खाय से शुरू होकर खरना, संध्या अर्घ्य और सुबह सूरज देवता को अर्घ्य देने तक इसका क्रम चलता है। छठ पूजा के दौरान कई प्रसाद बनते हैं, लेकिन इनमें ठेकुआ का विशेष महत्व है। इसे पूजा में बड़े श्रद्धा और पवित्रता के साथ तैयार किया जाता है। ठेकुआ का स्वाद, खस्तापन और मिठास इसे महापर्व के लिए खास बनाते हैं। ठेकुआ

छठ पूजा पर खस्ता ठेकुआ बनाने की आसान विधि छठ पूजा बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में लोक आस्था का महापर्व माना जाता है। यह महापर्व इस साल 25 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। नहाय-खाय से शुरू होकर खरना, संध्या अर्घ्य और सुबह सूरज देवता को अर्घ्य देने तक इसका क्रम चलता है। छठ पूजा के दौरान कई प्रसाद बनते हैं, लेकिन इनमें ठेकुआ का विशेष महत्व है। इसे पूजा में बड़े श्रद्धा और पवित्रता के साथ तैयार किया जाता है। ठेकुआ का स्वाद, खस्तापन और मिठास इसे महापर्व के लिए खास बनाते हैं। ठेकुआ

Chhath Puja 2025 Wishes: लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ पूजा, जिसे लोक आस्था का महापर्व कहा जाता है, इस वर्ष 25 अक्टूबर 2025 से “नहाय खाय” के साथ शुरू हो रही है। यह चार दिनों तक चलने वाला पर्व है जिसमें भगवान सूर्य और छठी मैया की उपासना की जाती है। मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में मनाया जाने वाला यह पर्व संतान की दीर्घायु और परिवार के सुख-समृद्धि के लिए समर्पित है। इस मौके पर नहाय-खाय, खरना, डूबते सूर्य को अर्घ्य और उगते सूर्य को अर्घ्य देने जैसे अनुष्ठान

Chhath Puja 2025 Wishes: लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ पूजा, जिसे लोक आस्था का महापर्व कहा जाता है, इस वर्ष 25 अक्टूबर 2025 से “नहाय खाय” के साथ शुरू हो रही है। यह चार दिनों तक चलने वाला पर्व है जिसमें भगवान सूर्य और छठी मैया की उपासना की जाती है। मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में मनाया जाने वाला यह पर्व संतान की दीर्घायु और परिवार के सुख-समृद्धि के लिए समर्पित है। इस मौके पर नहाय-खाय, खरना, डूबते सूर्य को अर्घ्य और उगते सूर्य को अर्घ्य देने जैसे अनुष्ठान

अंबाझरी छठ घाट का भूमिपूजन एवं निरीक्षण संपन्न नागपुर में बिहार एवं उत्तर भारत का महापर्व छठ पूजा हर वर्ष श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति में मनाया जाता है। अंबाझरी तालाब पर यह पर्व विशेष रूप से भव्य आयोजन के साथ मनाया जाता है, और वर्ष 2012 से इसकी संपूर्ण व्यवस्था नागपुर महानगर पालिका द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। पूर्व महापौर के नेतृत्व में घाट का निरीक्षण इस वर्ष पूर्व महापौर दयाशंकर तिवारी के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय छठ पूजा आयोजन समिति के सदस्यों ने अंबाझरी छठ घाट का निरीक्षण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न किया। इस अवसर पर घाट परिसर में

अंबाझरी छठ घाट का भूमिपूजन एवं निरीक्षण संपन्न नागपुर में बिहार एवं उत्तर भारत का महापर्व छठ पूजा हर वर्ष श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति में मनाया जाता है। अंबाझरी तालाब पर यह पर्व विशेष रूप से भव्य आयोजन के साथ मनाया जाता है, और वर्ष 2012 से इसकी संपूर्ण व्यवस्था नागपुर महानगर पालिका द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। पूर्व महापौर के नेतृत्व में घाट का निरीक्षण इस वर्ष पूर्व महापौर दयाशंकर तिवारी के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय छठ पूजा आयोजन समिति के सदस्यों ने अंबाझरी छठ घाट का निरीक्षण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न किया। इस अवसर पर घाट परिसर में

दीपावली और छठ पूजा पर घर जाने वालों को मिलेगी राहत त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है, और देशभर के प्रवासी कामकाजी लोग अपने घर जाने की तैयारी में हैं। इस बीच रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। दीपावली और छठ पूजा के अवसर पर रेलवे की ओर से विशेष ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है। खास बात यह है कि इन ट्रेनों में अभी भी बड़ी संख्या में सीटें खाली हैं, यानी यात्रियों को टिकट बुक कराने में परेशानी नहीं होगी। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि छपरा, गोरखपुर,

दीपावली और छठ पूजा पर घर जाने वालों को मिलेगी राहत त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है, और देशभर के प्रवासी कामकाजी लोग अपने घर जाने की तैयारी में हैं। इस बीच रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। दीपावली और छठ पूजा के अवसर पर रेलवे की ओर से विशेष ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है। खास बात यह है कि इन ट्रेनों में अभी भी बड़ी संख्या में सीटें खाली हैं, यानी यात्रियों को टिकट बुक कराने में परेशानी नहीं होगी। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि छपरा, गोरखपुर,

दिवाली-छठ पर रेल यात्रियों को बड़ी सौगात, मोदी कैबिनेट ने 12000 ट्रेनों के संचालन को दी मंजूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें सबसे बड़ा फैसला रेल यात्रियों के लिए दिवाली और छठ जैसे त्योहारी सीजन में सुविधा बढ़ाने का रहा। रेल मंत्रालय ने इस अवसर पर 12 हजार ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है, जिसमें 1200 स्पेशल ट्रेनें दिवाली और छठ पर्व पर चलेंगी। यह निर्णय विशेष रूप से यात्रियों की सुविधा और यात्रा को सहज बनाने के लिए लिया गया है। चार नई रेलवे परियोजनाओं को

दिवाली-छठ पर रेल यात्रियों को बड़ी सौगात, मोदी कैबिनेट ने 12000 ट्रेनों के संचालन को दी मंजूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें सबसे बड़ा फैसला रेल यात्रियों के लिए दिवाली और छठ जैसे त्योहारी सीजन में सुविधा बढ़ाने का रहा। रेल मंत्रालय ने इस अवसर पर 12 हजार ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है, जिसमें 1200 स्पेशल ट्रेनें दिवाली और छठ पर्व पर चलेंगी। यह निर्णय विशेष रूप से यात्रियों की सुविधा और यात्रा को सहज बनाने के लिए लिया गया है। चार नई रेलवे परियोजनाओं को