
नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2025 धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदना परंपरागत रूप से शुभ माना जाता है। लेकिन इस बार महंगाई ने सोना-चांदी आम लोगों की पहुंच से बाहर कर दिया है। ऐसे में ज्योतिषविदों ने बताया है कि अगर आप सिर्फ़ 5 रुपए की एक खास चीज़ खरीद लें, तो वह सोना-चांदी जितनी ही शुभ मानी जाएगी। क्या खरीदें धनतेरस पर? ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, धनतेरस पर साबुत धनिया (Coriander Seeds) खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है।कहा जाता है कि इस दिन साबुत धनिया घर लाने से भगवान धनवंतरी और कुबेर महाराज प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2025 धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदना परंपरागत रूप से शुभ माना जाता है। लेकिन इस बार महंगाई ने सोना-चांदी आम लोगों की पहुंच से बाहर कर दिया है। ऐसे में ज्योतिषविदों ने बताया है कि अगर आप सिर्फ़ 5 रुपए की एक खास चीज़ खरीद लें, तो वह सोना-चांदी जितनी ही शुभ मानी जाएगी। क्या खरीदें धनतेरस पर? ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, धनतेरस पर साबुत धनिया (Coriander Seeds) खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है।कहा जाता है कि इस दिन साबुत धनिया घर लाने से भगवान धनवंतरी और कुबेर महाराज प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते

धनतेरस 2025: सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, बाजार में खरीदारी का उत्साह धनतेरस के अवसर पर भारतीय बाजार में सोने और चांदी के भाव में हल्की गिरावट देखने को मिली है। यह गिरावट उन लोगों के लिए एक बेहतर अवसर प्रस्तुत करती है जो त्योहार के शुभ अवसर पर गहनों और निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदना चाहते हैं। इस वर्ष धनतेरस 18 अक्टूबर को मनाया जा रहा है और खासकर इस दिन सोने-चांदी की खरीदारी को अत्यंत शुभ माना जाता है। आज के सोने-चांदी के भाव आज भारत में 24 कैरेट सोने का भाव ₹13,086 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने

धनतेरस 2025: सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, बाजार में खरीदारी का उत्साह धनतेरस के अवसर पर भारतीय बाजार में सोने और चांदी के भाव में हल्की गिरावट देखने को मिली है। यह गिरावट उन लोगों के लिए एक बेहतर अवसर प्रस्तुत करती है जो त्योहार के शुभ अवसर पर गहनों और निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदना चाहते हैं। इस वर्ष धनतेरस 18 अक्टूबर को मनाया जा रहा है और खासकर इस दिन सोने-चांदी की खरीदारी को अत्यंत शुभ माना जाता है। आज के सोने-चांदी के भाव आज भारत में 24 कैरेट सोने का भाव ₹13,086 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने

धनतेरस 2025: शुभ मुहूर्त, खरीदारी, पूजन और यम दीप दान का महत्व धनतेरस दीपावली पर्व की शुरुआत का प्रतीक है। यह दिन धन, आरोग्य और समृद्धि की कामना के लिए मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की विशेष पूजा की जाती है। धनतेरस 2025 की तिथि तिथि: शनिवार, 18 अक्टूबर 2025त्रयोदशी तिथि आरंभ: 18 अक्टूबर दोपहर 12:18 बजेत्रयोदशी तिथि समाप्त: 19 अक्टूबर दोपहर 1:51 बजे धनतेरस पूजा और खरीदारी के शुभ मुहूर्त प्रदोष काल प्रारंभ: शाम 5:48 बजे समाप्त: रात 8:19 बजे वृषभ काल प्रारंभ: शाम 7:15 बजे समाप्त: रात 9:11 बजे पूजन का

धनतेरस 2025: शुभ मुहूर्त, खरीदारी, पूजन और यम दीप दान का महत्व धनतेरस दीपावली पर्व की शुरुआत का प्रतीक है। यह दिन धन, आरोग्य और समृद्धि की कामना के लिए मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की विशेष पूजा की जाती है। धनतेरस 2025 की तिथि तिथि: शनिवार, 18 अक्टूबर 2025त्रयोदशी तिथि आरंभ: 18 अक्टूबर दोपहर 12:18 बजेत्रयोदशी तिथि समाप्त: 19 अक्टूबर दोपहर 1:51 बजे धनतेरस पूजा और खरीदारी के शुभ मुहूर्त प्रदोष काल प्रारंभ: शाम 5:48 बजे समाप्त: रात 8:19 बजे वृषभ काल प्रारंभ: शाम 7:15 बजे समाप्त: रात 9:11 बजे पूजन का

Dhanteras 2025 पर सोने की चमक पहले से अधिक तेज धनतेरस का पर्व भारतीय संस्कृति में सौभाग्य, समृद्धि और लक्ष्मी पूजन से जुड़ा हुआ है। इस दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है और यही कारण है कि हर वर्ष इस अवसर पर बाजारों में सोने की मांग चरम पर रहती है। वर्ष 2025 में भी यही परंपरा जारी रही, लेकिन इस बार खास बात यह रही कि सोने के दामों ने अब तक का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सोने की कीमतों में भारी बढ़ोतरी धनतेरस के शुभ अवसर पर शनिवार को 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,32,953 प्रति 10 ग्राम

Dhanteras 2025 पर सोने की चमक पहले से अधिक तेज धनतेरस का पर्व भारतीय संस्कृति में सौभाग्य, समृद्धि और लक्ष्मी पूजन से जुड़ा हुआ है। इस दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है और यही कारण है कि हर वर्ष इस अवसर पर बाजारों में सोने की मांग चरम पर रहती है। वर्ष 2025 में भी यही परंपरा जारी रही, लेकिन इस बार खास बात यह रही कि सोने के दामों ने अब तक का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सोने की कीमतों में भारी बढ़ोतरी धनतेरस के शुभ अवसर पर शनिवार को 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,32,953 प्रति 10 ग्राम

धनतेरस, जिसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है, दीपावली के पर्व का आरंभिक दिन होता है। यह दिन विशेष रूप से धन, वैभव और समृद्धि के प्रतीक देवी लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा के लिए प्रसिद्ध है। इस वर्ष, 2025 में धनतेरस का दिन 18 अक्टूबर को है और यह पर्व हर राशि के अनुसार अपने शुभ क्रय और पूजा विधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। राशि अनुसार धनतेरस क्रय और पूजा मकर राशि मकर राशि के जातकों पर गुरु देव का प्रभाव है। धनतेरस के दिन कांसे की मूर्ति या बर्तन खरीदना लाभकारी रहेगा। इससे जीवन में स्थिरता

धनतेरस, जिसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है, दीपावली के पर्व का आरंभिक दिन होता है। यह दिन विशेष रूप से धन, वैभव और समृद्धि के प्रतीक देवी लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा के लिए प्रसिद्ध है। इस वर्ष, 2025 में धनतेरस का दिन 18 अक्टूबर को है और यह पर्व हर राशि के अनुसार अपने शुभ क्रय और पूजा विधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। राशि अनुसार धनतेरस क्रय और पूजा मकर राशि मकर राशि के जातकों पर गुरु देव का प्रभाव है। धनतेरस के दिन कांसे की मूर्ति या बर्तन खरीदना लाभकारी रहेगा। इससे जीवन में स्थिरता

धनतेरस का आगमन और बाजारों की सजावट हरिद्वार : दीपोत्सव के शुभ अवसर पर धनतेरस का पर्व शनिवार को मनाया जाएगा। शुक्रवार से ही शहर के प्रमुख बाजारों में रौनक का माहौल दिखाई दे रहा है। मोती बाजार, अपर रोड, ज्वालापुर, कटहरा बाजार, रानीपुर मोड और शिवालिक नगर के बाज़ार विशेष रूप से सजाए गए हैं। दुकानों में सोने, चांदी और तांबे के बर्तन, पूजा सामग्री, मूर्तियां और दीये ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। बाजारों में जगह-जगह दीयों की रोशनी, रंगोली और फूलों से सजावट की गई है। दुकानदारों ने आकर्षक छूट और उपहार योजनाओं के माध्यम से ग्राहकों

धनतेरस का आगमन और बाजारों की सजावट हरिद्वार : दीपोत्सव के शुभ अवसर पर धनतेरस का पर्व शनिवार को मनाया जाएगा। शुक्रवार से ही शहर के प्रमुख बाजारों में रौनक का माहौल दिखाई दे रहा है। मोती बाजार, अपर रोड, ज्वालापुर, कटहरा बाजार, रानीपुर मोड और शिवालिक नगर के बाज़ार विशेष रूप से सजाए गए हैं। दुकानों में सोने, चांदी और तांबे के बर्तन, पूजा सामग्री, मूर्तियां और दीये ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। बाजारों में जगह-जगह दीयों की रोशनी, रंगोली और फूलों से सजावट की गई है। दुकानदारों ने आकर्षक छूट और उपहार योजनाओं के माध्यम से ग्राहकों

धनतेरस, जिसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है, प्रत्येक वर्ष दीपावली से दो दिन पहले आती है। यह तिथि हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को पड़ती है। “धन” का अर्थ है संपत्ति और “तेरस” का अर्थ है तेरहवां दिन। इस दिन भगवान धन्वंतरि, आयुर्वेद के देवता और स्वास्थ्य के संरक्षक, तथा देवी लक्ष्मी, जो धन और समृद्धि की प्रतीक हैं, की विशेष पूजा की जाती है। धनतेरस का पर्व न केवल शुभ कार्यों और पूजा का प्रतीक है, बल्कि इसमें कुछ विशेष भोज्य पदार्थों का सेवन भी अत्यंत महत्व रखता है। मान्यता है कि इन

धनतेरस, जिसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है, प्रत्येक वर्ष दीपावली से दो दिन पहले आती है। यह तिथि हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को पड़ती है। “धन” का अर्थ है संपत्ति और “तेरस” का अर्थ है तेरहवां दिन। इस दिन भगवान धन्वंतरि, आयुर्वेद के देवता और स्वास्थ्य के संरक्षक, तथा देवी लक्ष्मी, जो धन और समृद्धि की प्रतीक हैं, की विशेष पूजा की जाती है। धनतेरस का पर्व न केवल शुभ कार्यों और पूजा का प्रतीक है, बल्कि इसमें कुछ विशेष भोज्य पदार्थों का सेवन भी अत्यंत महत्व रखता है। मान्यता है कि इन

दिल्ली। धनतेरस और दिवाली से पहले सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी जारी है। घरेलू बाजार में सोना पहली बार 1 लाख 32 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार निकल गया है, जबकि चांदी ने 1 लाख 70 हजार रुपये का आंकड़ा पार कर नया रिकॉर्ड बनाया है। बाजार में यह उम्मीद जताई जा रही है कि दिवाली तक सोना 1.5 लाख और चांदी 2 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है। इस लगातार बढ़ती कीमत के बावजूद बाजार में मांग बनी हुई है। शादियों का सीजन नजदीक आने के कारण ज्वेलरी की खरीदारी भी चरम

दिल्ली। धनतेरस और दिवाली से पहले सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी जारी है। घरेलू बाजार में सोना पहली बार 1 लाख 32 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के पार निकल गया है, जबकि चांदी ने 1 लाख 70 हजार रुपये का आंकड़ा पार कर नया रिकॉर्ड बनाया है। बाजार में यह उम्मीद जताई जा रही है कि दिवाली तक सोना 1.5 लाख और चांदी 2 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है। इस लगातार बढ़ती कीमत के बावजूद बाजार में मांग बनी हुई है। शादियों का सीजन नजदीक आने के कारण ज्वेलरी की खरीदारी भी चरम

धनतेरस से पहले सोने-चांदी के दामों में रिकॉर्ड उछाल: निवेशकों में हलचल नई दिल्ली। दीपावली से पहले धनतेरस के शुभ अवसर पर सोने-चांदी के दामों में ऐतिहासिक तेजी देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर भारतीय बाजार तक, पीली धातु ने नया रिकॉर्ड कायम किया है।एमसीएक्स (MCX) पर सोना ₹1,28,395 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुँच गया, जो अब तक का सबसे ऊँचा भाव है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,250 प्रति औंस के पार पहुँच गया है। सोना क्यों चढ़ रहा है आसमान पर? विशेषज्ञों का कहना है कि इस उछाल के पीछे कई वैश्विक आर्थिक

धनतेरस से पहले सोने-चांदी के दामों में रिकॉर्ड उछाल: निवेशकों में हलचल नई दिल्ली। दीपावली से पहले धनतेरस के शुभ अवसर पर सोने-चांदी के दामों में ऐतिहासिक तेजी देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर भारतीय बाजार तक, पीली धातु ने नया रिकॉर्ड कायम किया है।एमसीएक्स (MCX) पर सोना ₹1,28,395 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुँच गया, जो अब तक का सबसे ऊँचा भाव है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,250 प्रति औंस के पार पहुँच गया है। सोना क्यों चढ़ रहा है आसमान पर? विशेषज्ञों का कहना है कि इस उछाल के पीछे कई वैश्विक आर्थिक

लक्ष्मी पूजा 2025: शहरवार मुहूर्त, भोग की पारंपरिक रेसिपी और पूजा का महत्व दीपावली का पर्व आते ही घर-आंगन दीपों से जगमगा उठते हैं, रंगोली से आँगन सजता है और चारों ओर मिठाइयों की खुशबू फैल जाती है। इस पवित्र पर्व का सबसे शुभ क्षण होता है — लक्ष्मी पूजा, जब श्रद्धालु माता लक्ष्मी को अपने घर में आमंत्रित करते हैं और समृद्धि की कामना करते हैं। 2025 में लक्ष्मी पूजा का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि यह अमावस्या की सबसे अंधेरी रात को सम्पन्न होगी — जो आध्यात्मिक रूप से “अंधकार से प्रकाश की ओर” यात्रा का

लक्ष्मी पूजा 2025: शहरवार मुहूर्त, भोग की पारंपरिक रेसिपी और पूजा का महत्व दीपावली का पर्व आते ही घर-आंगन दीपों से जगमगा उठते हैं, रंगोली से आँगन सजता है और चारों ओर मिठाइयों की खुशबू फैल जाती है। इस पवित्र पर्व का सबसे शुभ क्षण होता है — लक्ष्मी पूजा, जब श्रद्धालु माता लक्ष्मी को अपने घर में आमंत्रित करते हैं और समृद्धि की कामना करते हैं। 2025 में लक्ष्मी पूजा का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि यह अमावस्या की सबसे अंधेरी रात को सम्पन्न होगी — जो आध्यात्मिक रूप से “अंधकार से प्रकाश की ओर” यात्रा का

दिवाली सजावट 2025: घर को रोशनी और रंगों से सजाने के ट्रेंडिंग आइटम्स दिवाली का त्योहार आते ही घर, ऑफिस और बालकनी को सजाने की तैयारी शुरू हो जाती है। इस बार का ट्रेंड बिल्कुल मिक्स है – पारंपरिक भी और मॉडर्न भी। अगर आप सोच रहे हैं कि कौन-से Diwali Decoration Items और कौन-सी Diwali Lights इस बार सबसे ज्यादा डिमांड में हैं, तो ये गाइड आपके लिए है। लोकप्रिय Diwali Decoration Items (दिवाली सजावट के आइटम्स) इस साल सजावट का फोकस केवल सुंदरता पर नहीं बल्कि थीम, स्थायित्व और क्रिएटिविटी पर भी है। 1. मिट्टी के दीये और

दिवाली सजावट 2025: घर को रोशनी और रंगों से सजाने के ट्रेंडिंग आइटम्स दिवाली का त्योहार आते ही घर, ऑफिस और बालकनी को सजाने की तैयारी शुरू हो जाती है। इस बार का ट्रेंड बिल्कुल मिक्स है – पारंपरिक भी और मॉडर्न भी। अगर आप सोच रहे हैं कि कौन-से Diwali Decoration Items और कौन-सी Diwali Lights इस बार सबसे ज्यादा डिमांड में हैं, तो ये गाइड आपके लिए है। लोकप्रिय Diwali Decoration Items (दिवाली सजावट के आइटम्स) इस साल सजावट का फोकस केवल सुंदरता पर नहीं बल्कि थीम, स्थायित्व और क्रिएटिविटी पर भी है। 1. मिट्टी के दीये और

धनतेरस और शनिदेव का विशेष संबंध वाराणसी। इस वर्ष धनतेरस शनिवार को पड़ रहा है, जिससे ज्योतिषीय दृष्टि से कुछ सावधानियों की आवश्यकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, लोहे का संबंध शनिदेव से जुड़ा हुआ है। यदि कोई व्यक्ति शनिवार को लोहे या स्टील की वस्तुएं खरीदता है, तो माना जाता है कि शनिदेव नाराज हो सकते हैं, जिससे घर में कलह, रिश्तों में तनाव और समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। धनतेरस के दिन भारतीय परंपरा में निवेश, बर्तन और वाहन खरीदना शुभ माना जाता है। लेकिन इस बार शनिवार होने के कारण, लोहे और स्टील से बनी वस्तुओं की

धनतेरस और शनिदेव का विशेष संबंध वाराणसी। इस वर्ष धनतेरस शनिवार को पड़ रहा है, जिससे ज्योतिषीय दृष्टि से कुछ सावधानियों की आवश्यकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, लोहे का संबंध शनिदेव से जुड़ा हुआ है। यदि कोई व्यक्ति शनिवार को लोहे या स्टील की वस्तुएं खरीदता है, तो माना जाता है कि शनिदेव नाराज हो सकते हैं, जिससे घर में कलह, रिश्तों में तनाव और समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। धनतेरस के दिन भारतीय परंपरा में निवेश, बर्तन और वाहन खरीदना शुभ माना जाता है। लेकिन इस बार शनिवार होने के कारण, लोहे और स्टील से बनी वस्तुओं की

दिवाली केवल रोशनी का त्योहार नहीं, यह अपने प्रियजनों, दोस्तों, क्लाइंट्स और कर्मचारियों के साथ रिश्ते मज़बूत करने का भी एक सुनहरा मौका होता है। इस मौके पर दिया गया एक सोच-समझकर चुना गया दिवाली गिफ्ट केवल उपहार नहीं, बल्कि एक भावनात्मक संदेश बनकर सामने आता है। परिवार के लिए दिवाली गिफ्ट्स (Diwali Gifts for Family) Diwali 2025 Gift Hampers: परिवार, दोस्त, क्लाइंट्स और कॉर्पोरेट के लिए बेस्ट ऑप्शन (Image Source: Pinterest) परिवार के बिना दिवाली अधूरी लगती है। ऐसे में उपहार का चुनाव दिल से होना चाहिए। परिवार के लिए बेहतरीन विकल्प: पारंपरिक मिठाइयाँ और सूखे मेवे सेंटेड कैंडल्स

दिवाली केवल रोशनी का त्योहार नहीं, यह अपने प्रियजनों, दोस्तों, क्लाइंट्स और कर्मचारियों के साथ रिश्ते मज़बूत करने का भी एक सुनहरा मौका होता है। इस मौके पर दिया गया एक सोच-समझकर चुना गया दिवाली गिफ्ट केवल उपहार नहीं, बल्कि एक भावनात्मक संदेश बनकर सामने आता है। परिवार के लिए दिवाली गिफ्ट्स (Diwali Gifts for Family) Diwali 2025 Gift Hampers: परिवार, दोस्त, क्लाइंट्स और कॉर्पोरेट के लिए बेस्ट ऑप्शन (Image Source: Pinterest) परिवार के बिना दिवाली अधूरी लगती है। ऐसे में उपहार का चुनाव दिल से होना चाहिए। परिवार के लिए बेहतरीन विकल्प: पारंपरिक मिठाइयाँ और सूखे मेवे सेंटेड कैंडल्स

चंद्र गोचर 2025, दीवाली पर राशियों को मिलेगा शुभ लाभ डिजिटल डेस्क।दीवाली 2025 इस बार 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। वैदिक पंचांग के अनुसार इस दिन चंद्रमा राशि परिवर्तन करेंगे, जो कई राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ अवसर लेकर आएगा। इस गोचर में धनु, मकर, कुंभ और मीन सहित कई राशियों के जीवन में नई रोशनी, संतुलन और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। चंद्रमा का कन्या राशि से तुला राशि में गोचर नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर शांति और नयापन लाएगा। आइए, विस्तार से जानते हैं राशियों पर इसके प्रभाव और लाभकारी उपाय: धनु (Sagittarius) चंद्रमा धनु राशि

चंद्र गोचर 2025, दीवाली पर राशियों को मिलेगा शुभ लाभ डिजिटल डेस्क।दीवाली 2025 इस बार 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। वैदिक पंचांग के अनुसार इस दिन चंद्रमा राशि परिवर्तन करेंगे, जो कई राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ अवसर लेकर आएगा। इस गोचर में धनु, मकर, कुंभ और मीन सहित कई राशियों के जीवन में नई रोशनी, संतुलन और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। चंद्रमा का कन्या राशि से तुला राशि में गोचर नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर शांति और नयापन लाएगा। आइए, विस्तार से जानते हैं राशियों पर इसके प्रभाव और लाभकारी उपाय: धनु (Sagittarius) चंद्रमा धनु राशि

नई दिल्ली। आज 14 अक्टूबर 2025 को चांदी (Silver Price Hike 2025) ने सर्राफा बाजार में रिकॉर्ड तेजी दिखाई है। सुबह 10.50 बजे चांदी के दामों में 7,000 रुपये प्रति किलो से अधिक का उछाल देखा गया। इस तेजी ने सोने की रफ्तार को भी पीछे छोड़ दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह वृद्धि मुख्य रूप से वैश्विक बाजार में चांदी की मांग और डॉलर की कमजोरी के कारण हुई है। चांदी के बढ़ते दामों के कारण धनतेरस और दीपावली के मौसम में लोगों की खरीदारी की योजना प्रभावित हो सकती है। निवेशक और आभूषण व्यापारी दोनों इस अचानक उछाल

नई दिल्ली। आज 14 अक्टूबर 2025 को चांदी (Silver Price Hike 2025) ने सर्राफा बाजार में रिकॉर्ड तेजी दिखाई है। सुबह 10.50 बजे चांदी के दामों में 7,000 रुपये प्रति किलो से अधिक का उछाल देखा गया। इस तेजी ने सोने की रफ्तार को भी पीछे छोड़ दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह वृद्धि मुख्य रूप से वैश्विक बाजार में चांदी की मांग और डॉलर की कमजोरी के कारण हुई है। चांदी के बढ़ते दामों के कारण धनतेरस और दीपावली के मौसम में लोगों की खरीदारी की योजना प्रभावित हो सकती है। निवेशक और आभूषण व्यापारी दोनों इस अचानक उछाल

दिवाली से पहले भारत में चांदी की भारी कमी, वैश्विक बाजारों में भी उथल-पुथल भारत में इस साल दिवाली से पहले चांदी की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी देखी जा रही है। बाज़ार में चांदी की भारी कमी है, जिससे कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार की तुलना में 10 प्रतिशत तक अधिक हो गई हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कमी ने चांदी के निवेश फंड्स (ETF) को भी नई खरीदारी रोकने पर मजबूर कर दिया है। ज्वैलर्स और बर्तन कारोबारी दिवाली की मांग पूरी करने में संघर्ष कर रहे हैं। भारत – दुनिया का सबसे बड़ा चांदी खरीदार, फिर भी घट

दिवाली से पहले भारत में चांदी की भारी कमी, वैश्विक बाजारों में भी उथल-पुथल भारत में इस साल दिवाली से पहले चांदी की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी देखी जा रही है। बाज़ार में चांदी की भारी कमी है, जिससे कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार की तुलना में 10 प्रतिशत तक अधिक हो गई हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कमी ने चांदी के निवेश फंड्स (ETF) को भी नई खरीदारी रोकने पर मजबूर कर दिया है। ज्वैलर्स और बर्तन कारोबारी दिवाली की मांग पूरी करने में संघर्ष कर रहे हैं। भारत – दुनिया का सबसे बड़ा चांदी खरीदार, फिर भी घट

सोने-चांदी के भाव में ऐतिहासिक उछाल, निवेशकों की ओर बढ़ा झुकाव धनतेरस और दिवाली से पहले भारतीय सर्राफा बाजार में सोना और चांदी दोनों ने जबरदस्त छलांग लगाई है। मंगलवार, 14 अक्टूबर को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत ₹1.26 लाख प्रति 10 ग्राम के पार चली गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं चांदी ने भी नया रिकॉर्ड बनाते हुए ₹1.62 लाख प्रति किलो का आंकड़ा छू लिया। तेजी के मुख्य कारण: भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता विशेषज्ञों के अनुसार, सोने में आई यह तेजी किसी एक कारण से नहीं बल्कि कई वैश्विक घटनाओं

सोने-चांदी के भाव में ऐतिहासिक उछाल, निवेशकों की ओर बढ़ा झुकाव धनतेरस और दिवाली से पहले भारतीय सर्राफा बाजार में सोना और चांदी दोनों ने जबरदस्त छलांग लगाई है। मंगलवार, 14 अक्टूबर को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत ₹1.26 लाख प्रति 10 ग्राम के पार चली गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं चांदी ने भी नया रिकॉर्ड बनाते हुए ₹1.62 लाख प्रति किलो का आंकड़ा छू लिया। तेजी के मुख्य कारण: भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता विशेषज्ञों के अनुसार, सोने में आई यह तेजी किसी एक कारण से नहीं बल्कि कई वैश्विक घटनाओं

दीपावली से पहले सोने-चांदी की चमक, लेकिन ग्राहकों में चिंता दीपावली और धनतेरस से पहले झुमरीतिलैया सहित देशभर के सर्राफा बाजारों में सोना और चांदी ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सोमवार को 24 कैरेट सोना 1,28,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी ने पहली बार 1,78,260 रुपये प्रति किलोग्राम (जीएसटी सहित) का आंकड़ा छू लिया। इस तेज़ी ने निवेशकों और कारोबारियों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है, लेकिन आम ग्राहकों के लिए यह उत्सव की खरीदारी थोड़ी महंगी पड़ रही है। सोने-चांदी की बढ़ोतरी के पीछे के कारण विशेषज्ञों का मानना है

दीपावली से पहले सोने-चांदी की चमक, लेकिन ग्राहकों में चिंता दीपावली और धनतेरस से पहले झुमरीतिलैया सहित देशभर के सर्राफा बाजारों में सोना और चांदी ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सोमवार को 24 कैरेट सोना 1,28,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी ने पहली बार 1,78,260 रुपये प्रति किलोग्राम (जीएसटी सहित) का आंकड़ा छू लिया। इस तेज़ी ने निवेशकों और कारोबारियों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है, लेकिन आम ग्राहकों के लिए यह उत्सव की खरीदारी थोड़ी महंगी पड़ रही है। सोने-चांदी की बढ़ोतरी के पीछे के कारण विशेषज्ञों का मानना है

चांदी के भाव का विवरण 13 अक्टूबर 2025, भारत: दीपावली 2025 के नज़दीक आते ही भारत में चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। प्रमुख शहरों में चांदी के भाव इस प्रकार हैं: मुंबई और अहमदाबाद: ₹1,706 प्रति 10 ग्राम बेंगलुरु: ₹1,320 प्रति 10 ग्राम चेन्नई: ₹1,306 प्रति 10 ग्राम चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव 1 ग्राम: ₹179.90 (गत दिवस से ₹0.10 कम) 8 ग्राम: ₹1,439.20 (₹0.80 कम) 10 ग्राम: ₹1,799 (₹1 कम) 100 ग्राम: ₹17,990 (₹10 कम) 1 किलो: ₹1,79,900 (₹100 कम) MCX पर दिसंबर 2025 के चांदी वायदे 4.07% बढ़कर ₹1,52,427 प्रति किलोग्राम पर बंद हुए। कीमत

चांदी के भाव का विवरण 13 अक्टूबर 2025, भारत: दीपावली 2025 के नज़दीक आते ही भारत में चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। प्रमुख शहरों में चांदी के भाव इस प्रकार हैं: मुंबई और अहमदाबाद: ₹1,706 प्रति 10 ग्राम बेंगलुरु: ₹1,320 प्रति 10 ग्राम चेन्नई: ₹1,306 प्रति 10 ग्राम चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव 1 ग्राम: ₹179.90 (गत दिवस से ₹0.10 कम) 8 ग्राम: ₹1,439.20 (₹0.80 कम) 10 ग्राम: ₹1,799 (₹1 कम) 100 ग्राम: ₹17,990 (₹10 कम) 1 किलो: ₹1,79,900 (₹100 कम) MCX पर दिसंबर 2025 के चांदी वायदे 4.07% बढ़कर ₹1,52,427 प्रति किलोग्राम पर बंद हुए। कीमत

सोना और चांदी के भाव का विवरण 13 अक्टूबर 2025, भारत: धनतेरस के पर्व से पहले सोने और चांदी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। सोने के दिसंबर वायदा (MCX) ने ₹1,23,680 प्रति 10 ग्राम का सर्वकालिक उच्च स्तर छू लिया। फरवरी और अप्रैल वायदे भी 2% से अधिक उछले। जून वायदे ने भी 3% की बढ़ोतरी के साथ ₹1,28,741 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार किया। चांदी के वायदे 4% तक बढ़े। बढ़ोतरी के कारण धनतेरस के नज़दीक आने से मांग में वृद्धि की उम्मीद। अमेरिका-चीन व्यापार तनाव के चलते मूल्य वृद्धि में तेजी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने

सोना और चांदी के भाव का विवरण 13 अक्टूबर 2025, भारत: धनतेरस के पर्व से पहले सोने और चांदी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। सोने के दिसंबर वायदा (MCX) ने ₹1,23,680 प्रति 10 ग्राम का सर्वकालिक उच्च स्तर छू लिया। फरवरी और अप्रैल वायदे भी 2% से अधिक उछले। जून वायदे ने भी 3% की बढ़ोतरी के साथ ₹1,28,741 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार किया। चांदी के वायदे 4% तक बढ़े। बढ़ोतरी के कारण धनतेरस के नज़दीक आने से मांग में वृद्धि की उम्मीद। अमेरिका-चीन व्यापार तनाव के चलते मूल्य वृद्धि में तेजी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने

धनतेरस 2025: निवेश का शुभ पर्व – सोना या चांदी, कौन देगा ज्यादा रिटर्न? धनतेरस भारत में न केवल धार्मिक रूप से शुभ पर्व माना जाता है, बल्कि यह निवेश और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक भी है। हर वर्ष की तरह इस बार भी करोड़ों लोग 18 अक्टूबर 2025 को धनतेरस मनाएंगे और इस दिन सोना, चांदी या अन्य कीमती धातुओं की खरीदारी करेंगे।लेकिन हर निवेशक के मन में यह सवाल उठता है — इस बार सोना खरीदें या चांदी? कौन-सा निवेश आने वाले समय में ज्यादा लाभ देगा? धनतेरस पर निवेश का धार्मिक और आर्थिक महत्व हिंदू धर्म के

धनतेरस 2025: निवेश का शुभ पर्व – सोना या चांदी, कौन देगा ज्यादा रिटर्न? धनतेरस भारत में न केवल धार्मिक रूप से शुभ पर्व माना जाता है, बल्कि यह निवेश और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक भी है। हर वर्ष की तरह इस बार भी करोड़ों लोग 18 अक्टूबर 2025 को धनतेरस मनाएंगे और इस दिन सोना, चांदी या अन्य कीमती धातुओं की खरीदारी करेंगे।लेकिन हर निवेशक के मन में यह सवाल उठता है — इस बार सोना खरीदें या चांदी? कौन-सा निवेश आने वाले समय में ज्यादा लाभ देगा? धनतेरस पर निवेश का धार्मिक और आर्थिक महत्व हिंदू धर्म के

धनतेरस पूजा विधि 2025: घर पर करें सम्पूर्ण पूजा और पाएं धन, स्वास्थ्य व समृद्धि का आशीर्वाद भारत में दीपावली पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है — एक ऐसा दिन जब देवी लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धनवंतरी की पूजा का विशेष महत्व होता है। यह दिन न केवल धन की देवी की आराधना के लिए शुभ है, बल्कि आरोग्य, सौभाग्य और सकारात्मकता के आह्वान का प्रतीक भी है। वर्ष 2025 में धनतेरस का पर्व 18 अक्टूबर (शनिवार) को मनाया जाएगा। आइए जानें इस दिन की पूजा विधि, आवश्यक सामग्री, मंत्र और दीपक की शुभ दिशा के बारे में

धनतेरस पूजा विधि 2025: घर पर करें सम्पूर्ण पूजा और पाएं धन, स्वास्थ्य व समृद्धि का आशीर्वाद भारत में दीपावली पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है — एक ऐसा दिन जब देवी लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान धनवंतरी की पूजा का विशेष महत्व होता है। यह दिन न केवल धन की देवी की आराधना के लिए शुभ है, बल्कि आरोग्य, सौभाग्य और सकारात्मकता के आह्वान का प्रतीक भी है। वर्ष 2025 में धनतेरस का पर्व 18 अक्टूबर (शनिवार) को मनाया जाएगा। आइए जानें इस दिन की पूजा विधि, आवश्यक सामग्री, मंत्र और दीपक की शुभ दिशा के बारे में

धनतेरस 2025: शुभ तिथि, पूजा विधि और धार्मिक महत्त्व भारत में दीपावली पर्व का आरंभ धनतेरस से होता है, जो धन, स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। यह दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत पवित्र माना जाता है। 2025 में धनतेरस का पर्व 18 अक्टूबर को पूरे भारत में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। धनतेरस का अर्थ और उत्पत्ति ‘धनतेरस’ शब्द दो शब्दों से बना है — ‘धन’ अर्थात संपत्ति और ‘तेरस’ अर्थात त्रयोदशी तिथि। यह पर्व कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है।

धनतेरस 2025: शुभ तिथि, पूजा विधि और धार्मिक महत्त्व भारत में दीपावली पर्व का आरंभ धनतेरस से होता है, जो धन, स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। यह दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत पवित्र माना जाता है। 2025 में धनतेरस का पर्व 18 अक्टूबर को पूरे भारत में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। धनतेरस का अर्थ और उत्पत्ति ‘धनतेरस’ शब्द दो शब्दों से बना है — ‘धन’ अर्थात संपत्ति और ‘तेरस’ अर्थात त्रयोदशी तिथि। यह पर्व कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है।