
नई दिल्ली, ब्यूरो।त्योहारी सीजन की शुरुआत इस बार बाजारों के लिए बेहद खास रही। केंद्र सरकार द्वारा की गई GST दरों में कटौती का सीधा असर नवरात्र के दौरान उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता पर दिखा। नतीजतन, ऑटोमोबाइल और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों की सबसे बड़ी बिक्री दर्ज की गई। ऑटोमोबाइल सेक्टर में जोरदार उछाल मारुति सुजुकी ने बताया कि नवरात्र के पहले आठ दिनों में उनकी बिक्री 100 प्रतिशत तक बढ़ी है। कंपनी ने इस अवधि में 1.65 लाख यूनिट की डिलिवरी की। वहीं, महिंद्रा ने बताया कि उनकी बिक्री में पिछले साल की तुलना में 60

नई दिल्ली, ब्यूरो।त्योहारी सीजन की शुरुआत इस बार बाजारों के लिए बेहद खास रही। केंद्र सरकार द्वारा की गई GST दरों में कटौती का सीधा असर नवरात्र के दौरान उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता पर दिखा। नतीजतन, ऑटोमोबाइल और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों की सबसे बड़ी बिक्री दर्ज की गई। ऑटोमोबाइल सेक्टर में जोरदार उछाल मारुति सुजुकी ने बताया कि नवरात्र के पहले आठ दिनों में उनकी बिक्री 100 प्रतिशत तक बढ़ी है। कंपनी ने इस अवधि में 1.65 लाख यूनिट की डिलिवरी की। वहीं, महिंद्रा ने बताया कि उनकी बिक्री में पिछले साल की तुलना में 60

नई दिल्ली, संवाददाता।विजयदशमी के शुभ अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ऐतिहासिक लालकिला मैदान स्थित श्रीधार्मिक लीला समिति के भव्य समारोह में भाग लेकर देशवासियों को एक गहरा संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय सेना द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए इसे आतंकवाद के रावण पर मानवता की विजय का प्रतीक बताया। राष्ट्रपति ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब आतंकवाद जैसे दानव मानवता पर प्रहार करते हैं, तब उनका दमन करना अनिवार्य हो जाता है। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल हमारे सैनिकों के साहस को प्रमाणित किया है, बल्कि यह इस

नई दिल्ली, संवाददाता।विजयदशमी के शुभ अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ऐतिहासिक लालकिला मैदान स्थित श्रीधार्मिक लीला समिति के भव्य समारोह में भाग लेकर देशवासियों को एक गहरा संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय सेना द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए इसे आतंकवाद के रावण पर मानवता की विजय का प्रतीक बताया। राष्ट्रपति ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब आतंकवाद जैसे दानव मानवता पर प्रहार करते हैं, तब उनका दमन करना अनिवार्य हो जाता है। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल हमारे सैनिकों के साहस को प्रमाणित किया है, बल्कि यह इस

बेगूसराय का दुर्गा पूजा इस बार सिर्फ भक्ति का केंद्र नहीं रहा, बल्कि हंसी-ठिठोली का भी विषय बन गया। विष्णुपुर चांदनी चौक स्थित सार्वजनिक दुर्गा मंदिर के पंडाल में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को महिषासुर के रूप में दर्शाया गया है। मां दुर्गा और ट्रंप की झलक पंडाल में मां दुर्गा अपने भाले से ट्रंप का वध कर रही हैं। शेर भी ट्रंप पर गरज रहा है और ट्रंप का चेहरा दर्द और चौंक से भरा दिखाया गया है। इस दृश्य को देखकर दर्शनार्थियों के चेहरे पर हंसी और आश्चर्य दोनों झलक रहे हैं। पूजा समिति का संदेश

बेगूसराय का दुर्गा पूजा इस बार सिर्फ भक्ति का केंद्र नहीं रहा, बल्कि हंसी-ठिठोली का भी विषय बन गया। विष्णुपुर चांदनी चौक स्थित सार्वजनिक दुर्गा मंदिर के पंडाल में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को महिषासुर के रूप में दर्शाया गया है। मां दुर्गा और ट्रंप की झलक पंडाल में मां दुर्गा अपने भाले से ट्रंप का वध कर रही हैं। शेर भी ट्रंप पर गरज रहा है और ट्रंप का चेहरा दर्द और चौंक से भरा दिखाया गया है। इस दृश्य को देखकर दर्शनार्थियों के चेहरे पर हंसी और आश्चर्य दोनों झलक रहे हैं। पूजा समिति का संदेश

खंडवा (मध्य प्रदेश)।दशहरे के शुभ पर्व पर मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। गुरुवार की दोपहर बाद पंधाना थाना क्षेत्र के ग्राम जामली में श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैक्टर-ट्राली तालाब में गिर गई, जिससे 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में आठ बालिकाएँ भी शामिल हैं। कैसे हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्राली में 25 से अधिक श्रद्धालु सवार होकर माता प्रतिमा के विसर्जन के लिए तालाब की ओर जा रहे थे। तालाब पर बने पुल से गुजरते समय अचानक सड़क धंस गई और भारी वाहन सीधे पानी में

खंडवा (मध्य प्रदेश)।दशहरे के शुभ पर्व पर मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। गुरुवार की दोपहर बाद पंधाना थाना क्षेत्र के ग्राम जामली में श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैक्टर-ट्राली तालाब में गिर गई, जिससे 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में आठ बालिकाएँ भी शामिल हैं। कैसे हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्राली में 25 से अधिक श्रद्धालु सवार होकर माता प्रतिमा के विसर्जन के लिए तालाब की ओर जा रहे थे। तालाब पर बने पुल से गुजरते समय अचानक सड़क धंस गई और भारी वाहन सीधे पानी में

सीतामढ़ी में बारिश के बाद बिजली करंट से पूजा समिति सदस्य की मौत, लोगों में गहरा आक्रोश सीतामढ़ी के मेहसौल थाना क्षेत्र के प्रतापनगर मोहल्ले में बारिश के बाद हुए हादसे ने बिजली विभाग और नगर निगम की लापरवाही को उजागर किया। मोहल्ले में आयोजित माँ दुर्गा पूजा समिति के सदस्य विपुल की करंट लगने से मौत हो गई। हादसे का विवरण प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बारिश के बाद सड़क पर पानी भर गया था। इसी पानी में अचानक बिजली का करंट दौड़ने लगा। विपुल लगभग 10 मिनट तक करंट लगे पानी में तड़पते रहे। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने

सीतामढ़ी में बारिश के बाद बिजली करंट से पूजा समिति सदस्य की मौत, लोगों में गहरा आक्रोश सीतामढ़ी के मेहसौल थाना क्षेत्र के प्रतापनगर मोहल्ले में बारिश के बाद हुए हादसे ने बिजली विभाग और नगर निगम की लापरवाही को उजागर किया। मोहल्ले में आयोजित माँ दुर्गा पूजा समिति के सदस्य विपुल की करंट लगने से मौत हो गई। हादसे का विवरण प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बारिश के बाद सड़क पर पानी भर गया था। इसी पानी में अचानक बिजली का करंट दौड़ने लगा। विपुल लगभग 10 मिनट तक करंट लगे पानी में तड़पते रहे। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने

कोटा। देशभर में दशहरा की तैयारियों पर बारिश ने अपनी छाया डाली, कई जगह पुतले भीगकर गिर गए या उनका रंग फीका पड़ गया। लेकिन राजस्थान के कोटा में बनाए गए 221.5 फीट ऊँचे रावण का पुतला इस वर्ष भी अडिग रहा और सभी का ध्यान आकर्षित करता रहा। यह पुतला देश के सबसे ऊँचे रावण पुतलों में गिना जा रहा है और इसकी तकनीकी खूबियों ने इसे और भी खास बना दिया है। पुतले की संरचना और विशेषताएँ कोटा के इस विशाल रावण पुतले का चेहरा 25 फीट ऊँचा है और इसका वजन लगभग 3 क्विंटल है। पुतले के

कोटा। देशभर में दशहरा की तैयारियों पर बारिश ने अपनी छाया डाली, कई जगह पुतले भीगकर गिर गए या उनका रंग फीका पड़ गया। लेकिन राजस्थान के कोटा में बनाए गए 221.5 फीट ऊँचे रावण का पुतला इस वर्ष भी अडिग रहा और सभी का ध्यान आकर्षित करता रहा। यह पुतला देश के सबसे ऊँचे रावण पुतलों में गिना जा रहा है और इसकी तकनीकी खूबियों ने इसे और भी खास बना दिया है। पुतले की संरचना और विशेषताएँ कोटा के इस विशाल रावण पुतले का चेहरा 25 फीट ऊँचा है और इसका वजन लगभग 3 क्विंटल है। पुतले के

आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी अथवा दशहरा (Dussehra 2025) का पर्व मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर धर्म की पुनर्स्थापना की थी। इस वर्ष 2 अक्टूबर 2025 को दशहरा पर्व विशेष योगों के संयोग में मनाया जाएगा। इस वर्ष का विशेष संयोग ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार दशहरा पर रवि योग (Ravi Yog) और सुकर्मा योग (Sukarma Yog) का अद्भुत महासंयोग बन रहा है। इन योगों में पूजा और शस्त्र पूजन करने से

आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी अथवा दशहरा (Dussehra 2025) का पर्व मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर धर्म की पुनर्स्थापना की थी। इस वर्ष 2 अक्टूबर 2025 को दशहरा पर्व विशेष योगों के संयोग में मनाया जाएगा। इस वर्ष का विशेष संयोग ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार दशहरा पर रवि योग (Ravi Yog) और सुकर्मा योग (Sukarma Yog) का अद्भुत महासंयोग बन रहा है। इन योगों में पूजा और शस्त्र पूजन करने से

News Edited by: Aakash Srivastava ऐतिहासिक हरि सभा दुर्गा पूजा का भव्य आयोजन सिवान – दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर सिवान का ऐतिहासिक हरि सभा दुर्गा पूजा (Bengali Puja) इस वर्ष भी भक्ति और आस्था का केंद्र बना। वर्ष 1934 से लगातार आयोजित यह पूजा सिवान की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुकी है। इस बार भी श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने समारोह की भव्यता को और बढ़ा दिया। बंगाली परंपरा और महाभंडारे बंगाली रीति-रिवाज के अनुसार अष्टमी और नवमी के दिन महाभंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने तन-मन-धन से भाग लिया और महाप्रसाद

News Edited by: Aakash Srivastava ऐतिहासिक हरि सभा दुर्गा पूजा का भव्य आयोजन सिवान – दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर सिवान का ऐतिहासिक हरि सभा दुर्गा पूजा (Bengali Puja) इस वर्ष भी भक्ति और आस्था का केंद्र बना। वर्ष 1934 से लगातार आयोजित यह पूजा सिवान की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुकी है। इस बार भी श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने समारोह की भव्यता को और बढ़ा दिया। बंगाली परंपरा और महाभंडारे बंगाली रीति-रिवाज के अनुसार अष्टमी और नवमी के दिन महाभंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने तन-मन-धन से भाग लिया और महाप्रसाद

ऐतिहासिक भोंसले पैलेस में नवमी पूजन नागपुर – ऐतिहासिक विरासत और समृद्ध संस्कृति के प्रतीक, भोंसले राजवंश के सीनियर भोंसले पैलेस में इस वर्ष नवमी पूजन का भव्य आयोजन किया गया। यह धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठान परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ, जिसमें महाराज राजे मुधोजी महाराज भोसले जी ने प्रमुख भूमिका निभाई। इस समारोह में शस्त्र पूजन, अश्व पूजन तथा वाहन पूजन विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहे। भव्य आयोजन में परिवारजन, स्थानीय गणमान्य नागरिक और आम जनता ने भाग लिया। इस अवसर पर प्राचीन परंपराओं का निर्वाह करते हुए महाराज ने सभी पूजा विधियों का पालन किया। पूजा

ऐतिहासिक भोंसले पैलेस में नवमी पूजन नागपुर – ऐतिहासिक विरासत और समृद्ध संस्कृति के प्रतीक, भोंसले राजवंश के सीनियर भोंसले पैलेस में इस वर्ष नवमी पूजन का भव्य आयोजन किया गया। यह धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठान परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ, जिसमें महाराज राजे मुधोजी महाराज भोसले जी ने प्रमुख भूमिका निभाई। इस समारोह में शस्त्र पूजन, अश्व पूजन तथा वाहन पूजन विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहे। भव्य आयोजन में परिवारजन, स्थानीय गणमान्य नागरिक और आम जनता ने भाग लिया। इस अवसर पर प्राचीन परंपराओं का निर्वाह करते हुए महाराज ने सभी पूजा विधियों का पालन किया। पूजा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। PM Modi To Visit Kali Mandir CR Park: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दक्षिण दिल्ली के चित्तरंजन पार्क (CR Park) स्थित प्रसिद्ध Kali Mandir और Shiva Temple में दुर्गा अष्टमी के अवसर पर पूजा-अर्चना करेंगे। यह दौरा नवरात्रि के शुभ अवसर पर आयोजित हो रहा है, जब राजधानी दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में दुर्गा पूजा पंडाल और धार्मिक अनुष्ठान अपने चरम पर होते हैं। प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसे सांस्कृतिक एकजुटता का प्रतीक भी माना जा रहा है। CR Park का Kali Mandir और Durga Puja समारोह दिल्ली-NCR का

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। PM Modi To Visit Kali Mandir CR Park: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दक्षिण दिल्ली के चित्तरंजन पार्क (CR Park) स्थित प्रसिद्ध Kali Mandir और Shiva Temple में दुर्गा अष्टमी के अवसर पर पूजा-अर्चना करेंगे। यह दौरा नवरात्रि के शुभ अवसर पर आयोजित हो रहा है, जब राजधानी दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में दुर्गा पूजा पंडाल और धार्मिक अनुष्ठान अपने चरम पर होते हैं। प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसे सांस्कृतिक एकजुटता का प्रतीक भी माना जा रहा है। CR Park का Kali Mandir और Durga Puja समारोह दिल्ली-NCR का

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Dussehra 2025 का पर्व हर साल बड़े हर्ष और भक्ति के साथ मनाया जाता है। यह दिन अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है और प्रभु श्रीराम को समर्पित माना जाता है। साथ ही यह दिन धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसा कहा जाता है कि दशहरे के दिन घर के सही स्थानों पर दीपक (Diya) जलाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, नकारात्मकता दूर होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। आइए जानते हैं Dussehra 2025 Deepak Rituals के बारे में। घर का मुख्य

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Dussehra 2025 का पर्व हर साल बड़े हर्ष और भक्ति के साथ मनाया जाता है। यह दिन अच्छाई की बुराई पर विजय का प्रतीक है और प्रभु श्रीराम को समर्पित माना जाता है। साथ ही यह दिन धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसा कहा जाता है कि दशहरे के दिन घर के सही स्थानों पर दीपक (Diya) जलाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, नकारात्मकता दूर होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। आइए जानते हैं Dussehra 2025 Deepak Rituals के बारे में। घर का मुख्य

Uttar Pradesh News: मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अगजानी और दुर्गा पूजा के मौके पर कानून और सुरक्षा को लेकर एक कड़ा संदेश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति पूजा पंडालों में उपद्रव करेगा, महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को चुनौती देगा या कानून को हाथ में लेने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वीडियो देखें: याद रखना! जब भी दुस्साहस करोगे, ऐसे ही पिटोगे जैसे बरेली के अंदर पीटे गए हो… pic.twitter.com/AZWOU4m495 — Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 28, 2025 CM Yogi Adityanath News: CM योगी आदित्यनाथ समाचार: सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था

Uttar Pradesh News: मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अगजानी और दुर्गा पूजा के मौके पर कानून और सुरक्षा को लेकर एक कड़ा संदेश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी व्यक्ति पूजा पंडालों में उपद्रव करेगा, महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को चुनौती देगा या कानून को हाथ में लेने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वीडियो देखें: याद रखना! जब भी दुस्साहस करोगे, ऐसे ही पिटोगे जैसे बरेली के अंदर पीटे गए हो… pic.twitter.com/AZWOU4m495 — Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 28, 2025 CM Yogi Adityanath News: CM योगी आदित्यनाथ समाचार: सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था

नवरात्र के पावन अवसर पर Siwan जिला एक अनोखी मिसाल पेश कर रहा है। यहाँ की एक सामाजिक संस्था से जुड़े लगभग 40 युवा प्रतिदिन रात 2 बजे से उठकर शहर के प्रमुख मंदिरों में Cleanliness Drive चला रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि भक्तों को भीड़ और चहल-पहल के बीच भी Clean & Peaceful Environment में देवी मां के दर्शन का अवसर मिले। यह सेवा पिछले पाँच वर्षों से लगातार जारी है और अब यह परंपरा का स्वरूप ले चुकी है। युवा टोली नवरात्र के पूरे दस दिनों तक Budhiya Mai Mandir, Kachahari Durga Mandir और Kali Mai Mandir

नवरात्र के पावन अवसर पर Siwan जिला एक अनोखी मिसाल पेश कर रहा है। यहाँ की एक सामाजिक संस्था से जुड़े लगभग 40 युवा प्रतिदिन रात 2 बजे से उठकर शहर के प्रमुख मंदिरों में Cleanliness Drive चला रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि भक्तों को भीड़ और चहल-पहल के बीच भी Clean & Peaceful Environment में देवी मां के दर्शन का अवसर मिले। यह सेवा पिछले पाँच वर्षों से लगातार जारी है और अब यह परंपरा का स्वरूप ले चुकी है। युवा टोली नवरात्र के पूरे दस दिनों तक Budhiya Mai Mandir, Kachahari Durga Mandir और Kali Mai Mandir

मां कात्यायनी का महत्व (Significance of Maa Katyayani): Shardiya Navratri 2025 के छठे दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है।ऋषि कात्यायन के घर में जन्म लेने के कारण इन्हें कात्यायनी कहा गया। मां कात्यायनी को शक्ति और साहस की देवी माना जाता है। कहा जाता है कि उनकी उपासना करने से विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं और अच्छे जीवनसाथी का आशीर्वाद मिलता है। मां कात्यायनी सिंह पर सवार होती हैं, इनके चार हाथ होते हैं – एक में तलवार, दूसरे में कमल, तीसरे हाथ से आशीर्वाद देती हैं और चौथा हाथ

मां कात्यायनी का महत्व (Significance of Maa Katyayani): Shardiya Navratri 2025 के छठे दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है।ऋषि कात्यायन के घर में जन्म लेने के कारण इन्हें कात्यायनी कहा गया। मां कात्यायनी को शक्ति और साहस की देवी माना जाता है। कहा जाता है कि उनकी उपासना करने से विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं और अच्छे जीवनसाथी का आशीर्वाद मिलता है। मां कात्यायनी सिंह पर सवार होती हैं, इनके चार हाथ होते हैं – एक में तलवार, दूसरे में कमल, तीसरे हाथ से आशीर्वाद देती हैं और चौथा हाथ

नवरात्रि 2025 का पावन पर्व पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के Chhindwara District स्थित चमत्कारिक Jamsavli Hanuman Mandir में एक विशेष दृश्य देखने को मिला, जब प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री Sadhvi Uma Bharti जी ने श्री हनुमान जी की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। वेब स्टोरी: उमाभारती का विशेष आगमन शनिवार की सुबह साध्वी उमा भारती जी मंदिर पहुंचीं, जहां मंदिर संस्थान के पदाधिकारियों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने उनका आत्मीय स्वागत किया। पूरे मंदिर परिसर में “जय श्री राम” और “जय बजरंगबली” के जयकारों

नवरात्रि 2025 का पावन पर्व पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के Chhindwara District स्थित चमत्कारिक Jamsavli Hanuman Mandir में एक विशेष दृश्य देखने को मिला, जब प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री Sadhvi Uma Bharti जी ने श्री हनुमान जी की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। वेब स्टोरी: उमाभारती का विशेष आगमन शनिवार की सुबह साध्वी उमा भारती जी मंदिर पहुंचीं, जहां मंदिर संस्थान के पदाधिकारियों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने उनका आत्मीय स्वागत किया। पूरे मंदिर परिसर में “जय श्री राम” और “जय बजरंगबली” के जयकारों

मां स्कंदमाता का महत्व (Significance of Maa Skandamata): Shardiya Navratri 2025 के पांचवें दिन (Shardiya Navratri 2025 Day 5) मां दुर्गा के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। मां को यह नाम उनके पुत्र कार्तिकेय (Skanda Kumar) की माता होने के कारण प्राप्त हुआ। मां स्कंदमाता की पूजा करने से संतान सुख, बुद्धि, शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। मां स्कंदमाता शेर पर सवार होती हैं और गोद में बाल रूप कार्तिकेय को धारण करती हैं। इनके चार हाथ होते हैं – दो हाथों में कमल, एक हाथ वरद मुद्रा और एक हाथ से कार्तिकेय को

मां स्कंदमाता का महत्व (Significance of Maa Skandamata): Shardiya Navratri 2025 के पांचवें दिन (Shardiya Navratri 2025 Day 5) मां दुर्गा के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। मां को यह नाम उनके पुत्र कार्तिकेय (Skanda Kumar) की माता होने के कारण प्राप्त हुआ। मां स्कंदमाता की पूजा करने से संतान सुख, बुद्धि, शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। मां स्कंदमाता शेर पर सवार होती हैं और गोद में बाल रूप कार्तिकेय को धारण करती हैं। इनके चार हाथ होते हैं – दो हाथों में कमल, एक हाथ वरद मुद्रा और एक हाथ से कार्तिकेय को

Shardiya Navratri 2025 Day 3: के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। मां चंद्रघंटा शांति, साहस और वीरता की देवी मानी जाती हैं। उनके माथे पर अर्धचंद्र के आकार की घंटा जैसी आकृति होती है, जिसके कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। उनकी आराधना से भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और जीवन में साहस तथा धैर्य की प्राप्ति होती है। मां चंद्रघंटा का महत्व (Significance of Maa Chandraghanta): Shardiya Navratri 2025 Day 3: मां चंद्रघंटा के स्वरूप में देवी सिंह पर सवार रहती हैं और उनके दस हाथों में

Shardiya Navratri 2025 Day 3: के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। मां चंद्रघंटा शांति, साहस और वीरता की देवी मानी जाती हैं। उनके माथे पर अर्धचंद्र के आकार की घंटा जैसी आकृति होती है, जिसके कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। उनकी आराधना से भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और जीवन में साहस तथा धैर्य की प्राप्ति होती है। मां चंद्रघंटा का महत्व (Significance of Maa Chandraghanta): Shardiya Navratri 2025 Day 3: मां चंद्रघंटा के स्वरूप में देवी सिंह पर सवार रहती हैं और उनके दस हाथों में

Shardiya Navratri 2025 Day 2 में भक्तों का ध्यान मां दुर्गा के दूसरे रूप मां ब्रह्मचारिणी पर केंद्रित रहता है। मां ब्रह्मचारिणी ज्ञान, संयम और तपस्या की देवी मानी जाती हैं। नवरात्रि के दूसरे दिन उनकी पूजा करने से भक्तों को मानसिक स्थिरता, आत्म-संयम और ज्ञान की प्राप्ति होती है। मां ब्रह्मचारिणी का महत्व (Significance of Maa Brahmacharini):मां ब्रह्मचारिणी का अर्थ है “जो ब्रह्म की साधना में लीन रहती हैं।” उनके स्वरूप में उन्होंने कठोर तपस्या और योग साधना के माध्यम से जीवन में अनुशासन, संयम और आध्यात्मिक शक्ति की शिक्षा दी। उनके आशीर्वाद से जीवन में धैर्य और मानसिक

Shardiya Navratri 2025 Day 2 में भक्तों का ध्यान मां दुर्गा के दूसरे रूप मां ब्रह्मचारिणी पर केंद्रित रहता है। मां ब्रह्मचारिणी ज्ञान, संयम और तपस्या की देवी मानी जाती हैं। नवरात्रि के दूसरे दिन उनकी पूजा करने से भक्तों को मानसिक स्थिरता, आत्म-संयम और ज्ञान की प्राप्ति होती है। मां ब्रह्मचारिणी का महत्व (Significance of Maa Brahmacharini):मां ब्रह्मचारिणी का अर्थ है “जो ब्रह्म की साधना में लीन रहती हैं।” उनके स्वरूप में उन्होंने कठोर तपस्या और योग साधना के माध्यम से जीवन में अनुशासन, संयम और आध्यात्मिक शक्ति की शिक्षा दी। उनके आशीर्वाद से जीवन में धैर्य और मानसिक

बांका (Banka), बिहार। नवरात्र और दशहरा के अवसर पर बिहार के बांका जिले का Tilidiha Durga Mandir आस्था का विशाल केंद्र बन जाता है। बदुआ नदी के पूर्वी तट पर स्थित यह प्राचीन शक्तिपीठ हर साल हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल और झारखंड से भी भक्त माता के दर्शन के लिए आते हैं। 400 साल पुराना इतिहास Banka Tilidiha Durga Mandir: मां तिलडीहा दुर्गा मंदिर का इतिहास लगभग 400 साल पुराना है। माना जाता है कि इसकी स्थापना वर्ष 1603 में राड़ी कायस्थ परिवार के हरबल्लव दास ने की

बांका (Banka), बिहार। नवरात्र और दशहरा के अवसर पर बिहार के बांका जिले का Tilidiha Durga Mandir आस्था का विशाल केंद्र बन जाता है। बदुआ नदी के पूर्वी तट पर स्थित यह प्राचीन शक्तिपीठ हर साल हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल और झारखंड से भी भक्त माता के दर्शन के लिए आते हैं। 400 साल पुराना इतिहास Banka Tilidiha Durga Mandir: मां तिलडीहा दुर्गा मंदिर का इतिहास लगभग 400 साल पुराना है। माना जाता है कि इसकी स्थापना वर्ष 1603 में राड़ी कायस्थ परिवार के हरबल्लव दास ने की

आज से शुरू हो चुका है Shardiya Navratri 2025, और मां दुर्गा के नौ रूपों में से प्रथम रूप मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व है। शारदीय नवरात्र के पहले दिन भक्त माँ शैलपुत्री की आराधना कर उन्हें रोली, अक्षत, सिंदूर, धूप, दीप और पुष्प अर्पित करते हैं। माँ शैलपुत्री को सफेद रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए इस दिन सफेद वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। Shardiya Navratri 2025, Day1, Maa Shailputri Vidhi: मां शैलपुत्री की पूजा का प्रारंभ कलश स्थापना से किया जाता है। कलश में जल, घी, चावल और सिक्के रखकर उसकी स्थापना कर देवी की शक्ति

आज से शुरू हो चुका है Shardiya Navratri 2025, और मां दुर्गा के नौ रूपों में से प्रथम रूप मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व है। शारदीय नवरात्र के पहले दिन भक्त माँ शैलपुत्री की आराधना कर उन्हें रोली, अक्षत, सिंदूर, धूप, दीप और पुष्प अर्पित करते हैं। माँ शैलपुत्री को सफेद रंग अत्यंत प्रिय है, इसलिए इस दिन सफेद वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। Shardiya Navratri 2025, Day1, Maa Shailputri Vidhi: मां शैलपुत्री की पूजा का प्रारंभ कलश स्थापना से किया जाता है। कलश में जल, घी, चावल और सिक्के रखकर उसकी स्थापना कर देवी की शक्ति

Navratri 2025: Celebrating the Nine Colours of Navratri and Their Divine Symbolism भारत में त्योहारों का मौसम जैसे ही शुरू होता है, पूरे देश का माहौल बदल जाता है। रोशनी, सजावट, संगीत और उत्सव की धूम-धाम के बीच Navratri 2025 का अपना अलग ही महत्व है। नवरात्रि सिर्फ व्रत और पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह देवी शक्ति की नौ रूपों की आराधना का समय है। इन नौ दिनों में हर दिन को एक विशेष रंग से जोड़ा जाता है। ये रंग सिर्फ परिधान या सजावट का हिस्सा नहीं होते, बल्कि जीवन के गहरे संदेश और आध्यात्मिक अर्थ भी

Navratri 2025: Celebrating the Nine Colours of Navratri and Their Divine Symbolism भारत में त्योहारों का मौसम जैसे ही शुरू होता है, पूरे देश का माहौल बदल जाता है। रोशनी, सजावट, संगीत और उत्सव की धूम-धाम के बीच Navratri 2025 का अपना अलग ही महत्व है। नवरात्रि सिर्फ व्रत और पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह देवी शक्ति की नौ रूपों की आराधना का समय है। इन नौ दिनों में हर दिन को एक विशेष रंग से जोड़ा जाता है। ये रंग सिर्फ परिधान या सजावट का हिस्सा नहीं होते, बल्कि जीवन के गहरे संदेश और आध्यात्मिक अर्थ भी

कोलकाता (Kolkata): दुर्गा पूजा से पहले बंगाल का मौसम लगातार करवट बदल रहा है। West Bengal Weather Update के अनुसार दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में कल, शुक्रवार तक बारिश और 30-40 kmph की तेज़ हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। वहीं, उत्तर बंगाल के 5 प्रमुख जिलों – दार्जिलिंग, कालीम्पोंग, अलीपुरद्वार, कूचबिहार और जलपाईगुड़ी – में Heavy Rain Alert जारी किया गया है। मॉनसून विदाई की उलटी गिनती भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, देश से मॉनसून की विदाई शुरू हो चुकी है। 14 सितंबर से मॉनसून का विदाई क्रम शुरू हुआ। अब तक राजस्थान, गुजरात, पंजाब और हरियाणा से मॉनसून

कोलकाता (Kolkata): दुर्गा पूजा से पहले बंगाल का मौसम लगातार करवट बदल रहा है। West Bengal Weather Update के अनुसार दक्षिण बंगाल के सभी जिलों में कल, शुक्रवार तक बारिश और 30-40 kmph की तेज़ हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। वहीं, उत्तर बंगाल के 5 प्रमुख जिलों – दार्जिलिंग, कालीम्पोंग, अलीपुरद्वार, कूचबिहार और जलपाईगुड़ी – में Heavy Rain Alert जारी किया गया है। मॉनसून विदाई की उलटी गिनती भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, देश से मॉनसून की विदाई शुरू हो चुकी है। 14 सितंबर से मॉनसून का विदाई क्रम शुरू हुआ। अब तक राजस्थान, गुजरात, पंजाब और हरियाणा से मॉनसून

Durga Puja 2025: झारखंड के पहाड़ी क्षेत्र, नदी-तालाब के तट, खेतों की मेड़ों से लेकर बांध पोखर, पगडंडियों पर कास (काशी) के फूल लहलहा रहे हैं। सड़क किनारे लहराते कास के फूल राहगीरों को अपनी ओर आकर्शित कर रहे हैं। चारागाह हो, खेतों के मेड़ हों, गांवों की पगडंडियां हों या जलाशयों का किनारा। मानो सबने कास के घास और फूलों का तोरण-द्वार तैयार कर रखा है। हरियाली की चादर में टांके गये कास के सफेद फूलों का गोटा प्रकृति की अपने अनुपम शृंगार की सुंदर झलक है। उत्सव के 2 रंग श्वेताभ और हरीतिमा ऐसा लग रहा है मानो

Durga Puja 2025: झारखंड के पहाड़ी क्षेत्र, नदी-तालाब के तट, खेतों की मेड़ों से लेकर बांध पोखर, पगडंडियों पर कास (काशी) के फूल लहलहा रहे हैं। सड़क किनारे लहराते कास के फूल राहगीरों को अपनी ओर आकर्शित कर रहे हैं। चारागाह हो, खेतों के मेड़ हों, गांवों की पगडंडियां हों या जलाशयों का किनारा। मानो सबने कास के घास और फूलों का तोरण-द्वार तैयार कर रखा है। हरियाली की चादर में टांके गये कास के सफेद फूलों का गोटा प्रकृति की अपने अनुपम शृंगार की सुंदर झलक है। उत्सव के 2 रंग श्वेताभ और हरीतिमा ऐसा लग रहा है मानो

बिहार सरकार ने इस साल होने वाले Durga Puja 2025 के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर कमर कस ली है। मुख्यमंत्री सचिवालय विभाग के अंतर्गत मुख्य सचिव Pratyaya Amrit की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य के सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों, डीआईजी, आईजी, प्रमंडलीय आयुक्तों एवं रेलवे एसपी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य था – त्योहार के दौरान law and order को सख्ती से बनाए रखना, भीड़ प्रबंधन करना और किसी भी प्रकार के साम्प्रदायिक तनाव को रोकना। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि

बिहार सरकार ने इस साल होने वाले Durga Puja 2025 के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर कमर कस ली है। मुख्यमंत्री सचिवालय विभाग के अंतर्गत मुख्य सचिव Pratyaya Amrit की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य के सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों, डीआईजी, आईजी, प्रमंडलीय आयुक्तों एवं रेलवे एसपी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य था – त्योहार के दौरान law and order को सख्ती से बनाए रखना, भीड़ प्रबंधन करना और किसी भी प्रकार के साम्प्रदायिक तनाव को रोकना। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि