
अमरावती में विजयादशमी उत्सव पर संघ की विचारधारा अमरावती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रज्ञा प्रवाह के संयोजक जे. नंदकुमार ने अमरावती में आयोजित विजयादशमी उत्सव में कहा कि “भारत हिंदू राष्ट्र था, है और रहेगा। यह हमारा दृढ़ विश्वास है।” उन्होंने बताया कि 1925 में संघ की स्थापना बिना किसी कार्यालय या नेता के हुई थी, लेकिन विचारों की निष्ठा और अनुशासन से संघ ने वटवृक्ष के समान विकास किया। संघ की असली शक्ति शाखाओं में निहित है। स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रनिर्माण में संघ का योगदान नंदकुमार जी ने कहा कि डॉ. केशव बळीराम हेडगेवार

अमरावती में विजयादशमी उत्सव पर संघ की विचारधारा अमरावती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रज्ञा प्रवाह के संयोजक जे. नंदकुमार ने अमरावती में आयोजित विजयादशमी उत्सव में कहा कि “भारत हिंदू राष्ट्र था, है और रहेगा। यह हमारा दृढ़ विश्वास है।” उन्होंने बताया कि 1925 में संघ की स्थापना बिना किसी कार्यालय या नेता के हुई थी, लेकिन विचारों की निष्ठा और अनुशासन से संघ ने वटवृक्ष के समान विकास किया। संघ की असली शक्ति शाखाओं में निहित है। स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रनिर्माण में संघ का योगदान नंदकुमार जी ने कहा कि डॉ. केशव बळीराम हेडगेवार

नई दिल्ली, ब्यूरो।त्योहारी सीजन की शुरुआत इस बार बाजारों के लिए बेहद खास रही। केंद्र सरकार द्वारा की गई GST दरों में कटौती का सीधा असर नवरात्र के दौरान उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता पर दिखा। नतीजतन, ऑटोमोबाइल और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों की सबसे बड़ी बिक्री दर्ज की गई। ऑटोमोबाइल सेक्टर में जोरदार उछाल मारुति सुजुकी ने बताया कि नवरात्र के पहले आठ दिनों में उनकी बिक्री 100 प्रतिशत तक बढ़ी है। कंपनी ने इस अवधि में 1.65 लाख यूनिट की डिलिवरी की। वहीं, महिंद्रा ने बताया कि उनकी बिक्री में पिछले साल की तुलना में 60

नई दिल्ली, ब्यूरो।त्योहारी सीजन की शुरुआत इस बार बाजारों के लिए बेहद खास रही। केंद्र सरकार द्वारा की गई GST दरों में कटौती का सीधा असर नवरात्र के दौरान उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता पर दिखा। नतीजतन, ऑटोमोबाइल और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों की सबसे बड़ी बिक्री दर्ज की गई। ऑटोमोबाइल सेक्टर में जोरदार उछाल मारुति सुजुकी ने बताया कि नवरात्र के पहले आठ दिनों में उनकी बिक्री 100 प्रतिशत तक बढ़ी है। कंपनी ने इस अवधि में 1.65 लाख यूनिट की डिलिवरी की। वहीं, महिंद्रा ने बताया कि उनकी बिक्री में पिछले साल की तुलना में 60

Dr Ashishrao Deshmukh Dussehra Address: सावनेर-कलमेश्वर में विकास और समाज कल्याण सावनेर-कलमेश्वर: सावनेर में आयोजित भव्य दशहरा सभा में विधायक Dr Ashishrao Deshmukh Dussehra Address के दौरान समाज कल्याण और क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर जोर दिया गया। डॉ. आशीषराव देशमुख ने कहा कि वह महाराष्ट्र की आवाज बनकर विधिमंडल के भीतर और बाहर दोनों जगह विकास और जनता की भलाई के लिए काम करेंगे। इस अवसर पर विजयादशमी, धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस, गांधी जयंती और आरएसएस स्थापना की शताब्दी का समापन भी किया गया। नगर परिषद मैदान में आयोजित इस सभा में डॉ. देशमुख ने समाज और राष्ट्र के प्रति

Dr Ashishrao Deshmukh Dussehra Address: सावनेर-कलमेश्वर में विकास और समाज कल्याण सावनेर-कलमेश्वर: सावनेर में आयोजित भव्य दशहरा सभा में विधायक Dr Ashishrao Deshmukh Dussehra Address के दौरान समाज कल्याण और क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर जोर दिया गया। डॉ. आशीषराव देशमुख ने कहा कि वह महाराष्ट्र की आवाज बनकर विधिमंडल के भीतर और बाहर दोनों जगह विकास और जनता की भलाई के लिए काम करेंगे। इस अवसर पर विजयादशमी, धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस, गांधी जयंती और आरएसएस स्थापना की शताब्दी का समापन भी किया गया। नगर परिषद मैदान में आयोजित इस सभा में डॉ. देशमुख ने समाज और राष्ट्र के प्रति

नई दिल्ली, संवाददाता।विजयदशमी के शुभ अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ऐतिहासिक लालकिला मैदान स्थित श्रीधार्मिक लीला समिति के भव्य समारोह में भाग लेकर देशवासियों को एक गहरा संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय सेना द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए इसे आतंकवाद के रावण पर मानवता की विजय का प्रतीक बताया। राष्ट्रपति ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब आतंकवाद जैसे दानव मानवता पर प्रहार करते हैं, तब उनका दमन करना अनिवार्य हो जाता है। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल हमारे सैनिकों के साहस को प्रमाणित किया है, बल्कि यह इस

नई दिल्ली, संवाददाता।विजयदशमी के शुभ अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ऐतिहासिक लालकिला मैदान स्थित श्रीधार्मिक लीला समिति के भव्य समारोह में भाग लेकर देशवासियों को एक गहरा संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय सेना द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए इसे आतंकवाद के रावण पर मानवता की विजय का प्रतीक बताया। राष्ट्रपति ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब आतंकवाद जैसे दानव मानवता पर प्रहार करते हैं, तब उनका दमन करना अनिवार्य हो जाता है। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल हमारे सैनिकों के साहस को प्रमाणित किया है, बल्कि यह इस

भोपाल, डिजिटल डेस्क। राजधानी भोपाल में दशहरे की तैयारियों पर उस समय पानी फिर गया जब कुछ नशे में धुत युवकों ने रावण के पुतले में आग लगा दी। इस घटना ने न केवल लोगों की भावनाओं को आहत किया बल्कि पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल भी पैदा कर दिया। घटना सुबह 6 बजे की दशहरा उत्सव के मुख्य आकर्षण, रावण दहन समारोह के आयोजक सुबह करीब 6 बजे तब दंग रह गए जब उन्होंने रावण के विशाल पुतले को जलते हुए देखा। यह घटना उस समय हुई जब उत्सव की शुरुआत में कुछ ही घंटे शेष थे। समिति

भोपाल, डिजिटल डेस्क। राजधानी भोपाल में दशहरे की तैयारियों पर उस समय पानी फिर गया जब कुछ नशे में धुत युवकों ने रावण के पुतले में आग लगा दी। इस घटना ने न केवल लोगों की भावनाओं को आहत किया बल्कि पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल भी पैदा कर दिया। घटना सुबह 6 बजे की दशहरा उत्सव के मुख्य आकर्षण, रावण दहन समारोह के आयोजक सुबह करीब 6 बजे तब दंग रह गए जब उन्होंने रावण के विशाल पुतले को जलते हुए देखा। यह घटना उस समय हुई जब उत्सव की शुरुआत में कुछ ही घंटे शेष थे। समिति

कोटा। देशभर में दशहरा की तैयारियों पर बारिश ने अपनी छाया डाली, कई जगह पुतले भीगकर गिर गए या उनका रंग फीका पड़ गया। लेकिन राजस्थान के कोटा में बनाए गए 221.5 फीट ऊँचे रावण का पुतला इस वर्ष भी अडिग रहा और सभी का ध्यान आकर्षित करता रहा। यह पुतला देश के सबसे ऊँचे रावण पुतलों में गिना जा रहा है और इसकी तकनीकी खूबियों ने इसे और भी खास बना दिया है। पुतले की संरचना और विशेषताएँ कोटा के इस विशाल रावण पुतले का चेहरा 25 फीट ऊँचा है और इसका वजन लगभग 3 क्विंटल है। पुतले के

कोटा। देशभर में दशहरा की तैयारियों पर बारिश ने अपनी छाया डाली, कई जगह पुतले भीगकर गिर गए या उनका रंग फीका पड़ गया। लेकिन राजस्थान के कोटा में बनाए गए 221.5 फीट ऊँचे रावण का पुतला इस वर्ष भी अडिग रहा और सभी का ध्यान आकर्षित करता रहा। यह पुतला देश के सबसे ऊँचे रावण पुतलों में गिना जा रहा है और इसकी तकनीकी खूबियों ने इसे और भी खास बना दिया है। पुतले की संरचना और विशेषताएँ कोटा के इस विशाल रावण पुतले का चेहरा 25 फीट ऊँचा है और इसका वजन लगभग 3 क्विंटल है। पुतले के

आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी अथवा दशहरा (Dussehra 2025) का पर्व मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर धर्म की पुनर्स्थापना की थी। इस वर्ष 2 अक्टूबर 2025 को दशहरा पर्व विशेष योगों के संयोग में मनाया जाएगा। इस वर्ष का विशेष संयोग ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार दशहरा पर रवि योग (Ravi Yog) और सुकर्मा योग (Sukarma Yog) का अद्भुत महासंयोग बन रहा है। इन योगों में पूजा और शस्त्र पूजन करने से

आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी अथवा दशहरा (Dussehra 2025) का पर्व मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर धर्म की पुनर्स्थापना की थी। इस वर्ष 2 अक्टूबर 2025 को दशहरा पर्व विशेष योगों के संयोग में मनाया जाएगा। इस वर्ष का विशेष संयोग ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार दशहरा पर रवि योग (Ravi Yog) और सुकर्मा योग (Sukarma Yog) का अद्भुत महासंयोग बन रहा है। इन योगों में पूजा और शस्त्र पूजन करने से