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पाकिस्तान ने एलओसी के पास बढ़ाई एंटी ड्रोन सिस्टम की तैनाती, ऑपरेशन सिंदूर की हार का डर अब भी कायम

पाकिस्तान ने एलओसी के पास बढ़ाई एंटी ड्रोन सिस्टम की तैनाती, ऑपरेशन सिंदूर की हार का डर अब भी कायम

पाकिस्तान ने एलओसी के पास पीओके में 30 नए एंटी ड्रोन सिस्टम तैनात किए हैं। रावलकोट, कोटली और भीमबर सेक्टर में काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम लगाए गए हैं। ऑपरेशन सिंदूर में भारत के हवाई हमलों से मिली हार का डर पाकिस्तान को अब भी सता रहा है। भारत ने साफ किया है कि ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है।

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Asfi Shadab
Asfi Shadab
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ऑपरेशन सिंदूर में मिली हार का डर पाकिस्तान को अब भी सता रहा है। भारत ने जिस तरह से पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए थे, उसने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। अब पाकिस्तान ने अपनी सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नए कदम उठाए हैं। पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा यानी एलओसी के पास पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में एंटी ड्रोन सिस्टम की तैनाती को काफी बढ़ा दिया है। यह कदम साफ तौर पर बताता है कि पाकिस्तान को भारत के अगले संभावित हमले का कितना डर है।

पाकिस्तान ने लगाए 30 नए एंटी ड्रोन सिस्टम

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने एलओसी के पास पीओके के अग्रिम इलाकों में एंटी ड्रोन सिस्टम की संख्या में बड़ा इजाफा किया है। खासतौर पर रावलकोट, कोटली और भीमबर सेक्टर में नए काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम लगाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने कुल मिलाकर 30 विशेष एंटी ड्रोन सिस्टम की तैनाती की है। इन सिस्टम के जरिए पाकिस्तान अपने हवाई क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत बनाने की कोशिश कर रहा है।

किस तरह के हथियार लगाए गए हैं

पाकिस्तानी सेना ने इलेक्ट्रॉनिक और काइनेटिक काउंटर यूएएस सिस्टम का मिश्रण लगाया है। इस सिस्टम के बारे में दावा किया जाता है कि यह दस किलोमीटर की रेंज में आने वाले छोटे या बड़े ड्रोन का आसानी से पता लगा सकता है। इसके अलावा, पाकिस्तान सफराह एंटी यूएवी जैमिंग गन का भी इस्तेमाल कर रहा है। इस हथियार को कंधे पर रखकर चलाया जाता है और यह डेढ़ किलोमीटर की दूरी में आने वाले ड्रोन को मार गिरा सकता है। लेकिन असली सवाल यह है कि युद्ध के समय यह सिस्टम कितना कारगर साबित होगा, यह तो समय ही बताएगा।

ऑपरेशन सिंदूर में चीनी सिस्टम हुए थे फेल

यह बात गौर करने लायक है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के पास चीन से मिले एंटी ड्रोन सिस्टम मौजूद थे। लेकिन वे सिस्टम भारतीय हवाई हमलों को रोकने में पूरी तरह से नाकाम रहे थे। भारत ने जहां चाहा, वहां अपने ड्रोन और मिसाइलों से सटीक हमले किए। पाकिस्तान की तमाम तैयारियां धरी की धरी रह गईं। अब एक बार फिर से पाकिस्तान नए सिस्टम लगाकर खुद को सुरक्षित बनाने की कोशिश में जुटा है।

ऑपरेशन सिंदूर की पूरी कहानी

अप्रैल महीने में पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में एक बड़ा आतंकी हमला करवाया था। इस हमले में कई पर्यटकों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। लोगों में गुस्सा था और सरकार पर कार्रवाई का दबाव था। मई के शुरुआत में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया। यह ऑपरेशन भारतीय सेना की ताकत का सबूत बन गया।

पीओके से पाकिस्तान तक किए गए हमले

ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पीओके से लेकर पाकिस्तान के अंदर तक आतंकी ठिकानों पर जोरदार हवाई हमले किए। लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद जैसे खतरनाक आतंकी संगठनों के ट्रेनिंग कैंप और ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए। भारतीय सेना ने अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए बेहद सटीक हमले किए। पाकिस्तान हिल गया था।

पाकिस्तान की नाकाम जवाबी कार्रवाई

पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश की। उसने जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात तक सीमावर्ती इलाकों में तुर्की के बनाए ड्रोन से हमले की कोशिश की। लेकिन भारतीय वायु सेना और सुरक्षा बलों ने इन हमलों को नाकाम कर दिया। भारत ने फिर से जवाब देते हुए पाकिस्तान के कई एयरबेस को तबाह कर दिया था। पाकिस्तान की वायु सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।

युद्धविराम के बाद भी जारी है ऑपरेशन

बाद में दोनों देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय दबाव में युद्धविराम की घोषणा हुई। लेकिन भारत ने साफ शब्दों में कह दिया कि ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है। यह अब भी जारी है। भारत की स्पष्ट चेतावनी है कि अगर पाकिस्तान की तरफ से आगे कोई भी हमला किया गया तो उसे सीधे तौर पर युद्ध की घोषणा माना जाएगा। इसे ‘एक्ट ऑफ वॉर’ की तरह देखा जाएगा और उसके अनुसार ही जवाब दिया जाएगा।

भारत की मजबूत स्थिति

भारत की सैन्य तैयारियां बेहद मजबूत हैं। हमारे पास अत्याधुनिक ड्रोन, मिसाइल सिस्टम और हवाई हमले की क्षमता है। ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया है कि भारत अब पुराना भारत नहीं रहा। अब भारत किसी भी आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। चाहे वह दुश्मन की सीमा के अंदर ही क्यों न जाना पड़े। यह नई भारतीय सेना की नई सोच है।

पाकिस्तान की बेचैनी का कारण

पाकिस्तान जानता है कि अब भारत किसी भी हमले को चुपचाप नहीं सहेगा। ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को यह संदेश दे दिया है कि आतंकवाद को समर्थन देने की कीमत बहुत भारी होगी। इसीलिए पाकिस्तान अब अपनी सीमाओं पर एंटी ड्रोन सिस्टम लगाने में लगा है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिस्टम भारत के अगले हमले को रोक पाएंगे? ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तो ये सिस्टम काम नहीं आए थे।

आगे की तैयारी

भारतीय सेना लगातार अपनी तैयारियों को मजबूत कर रही है। नई तकनीकों को अपनाया जा रहा है। सीमाओं पर निगरानी को और तेज किया गया है। भारत का संदेश साफ है – आतंकवाद को कोई जगह नहीं दी जाएगी। पाकिस्तान चाहे जितनी मर्जी तैयारियां कर ले, अगर उसने आतंकवाद को बढ़ावा देना जारी रखा तो भारत का जवाब और भी सख्त होगा।

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।