
पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग झील इलाके में चीन की गतिविधियां एक बार फिर भारत के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। हालिया सैटेलाइट तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि चीन इस विवादित क्षेत्र में अपनी स्थायी सैन्य मौजूदगी को मजबूत करने के लिए पक्के निर्माण कार्य करवा रहा है। यह खुलासा ऐसे समय पर हुआ है जब भारत और चीन के बीच रिश्तों में कुछ सुधार की बातें हो रही थीं। सैटेलाइट तस्वीरों में क्या दिखा नई हाई-रिज़ॉल्यूशन सैटेलाइट इमेजरी से पता चला है कि चीन पैंगोंग त्सो झील के बिल्कुल करीब नए स्थायी सैन्य ढांचों का

पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग झील इलाके में चीन की गतिविधियां एक बार फिर भारत के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। हालिया सैटेलाइट तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि चीन इस विवादित क्षेत्र में अपनी स्थायी सैन्य मौजूदगी को मजबूत करने के लिए पक्के निर्माण कार्य करवा रहा है। यह खुलासा ऐसे समय पर हुआ है जब भारत और चीन के बीच रिश्तों में कुछ सुधार की बातें हो रही थीं। सैटेलाइट तस्वीरों में क्या दिखा नई हाई-रिज़ॉल्यूशन सैटेलाइट इमेजरी से पता चला है कि चीन पैंगोंग त्सो झील के बिल्कुल करीब नए स्थायी सैन्य ढांचों का

ऑपरेशन सिंदूर में मिली हार का डर पाकिस्तान को अब भी सता रहा है। भारत ने जिस तरह से पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए थे, उसने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। अब पाकिस्तान ने अपनी सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नए कदम उठाए हैं। पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा यानी एलओसी के पास पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में एंटी ड्रोन सिस्टम की तैनाती को काफी बढ़ा दिया है। यह कदम साफ तौर पर बताता है कि पाकिस्तान को भारत के अगले संभावित हमले का कितना डर है। पाकिस्तान ने लगाए 30 नए एंटी ड्रोन

ऑपरेशन सिंदूर में मिली हार का डर पाकिस्तान को अब भी सता रहा है। भारत ने जिस तरह से पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए थे, उसने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। अब पाकिस्तान ने अपनी सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नए कदम उठाए हैं। पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा यानी एलओसी के पास पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में एंटी ड्रोन सिस्टम की तैनाती को काफी बढ़ा दिया है। यह कदम साफ तौर पर बताता है कि पाकिस्तान को भारत के अगले संभावित हमले का कितना डर है। पाकिस्तान ने लगाए 30 नए एंटी ड्रोन

Indian Army Social Media Policy: डिजिटल युग में सोशल मीडिया जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। आम नागरिकों से लेकर संस्थानों तक, हर कोई सूचना, संवाद और अभिव्यक्ति के लिए इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रहा है। लेकिन जब बात राष्ट्रीय सुरक्षा की हो, तो वही सोशल मीडिया एक बड़ी चुनौती भी बन जाता है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए भारतीय सेना ने सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर अपनी नीति में एक अहम बदलाव किया है। अब सेना के जवान और अधिकारी इंस्टाग्राम का उपयोग केवल देखने और निगरानी के उद्देश्य से ही कर सकेंगे। वे

Indian Army Social Media Policy: डिजिटल युग में सोशल मीडिया जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। आम नागरिकों से लेकर संस्थानों तक, हर कोई सूचना, संवाद और अभिव्यक्ति के लिए इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रहा है। लेकिन जब बात राष्ट्रीय सुरक्षा की हो, तो वही सोशल मीडिया एक बड़ी चुनौती भी बन जाता है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए भारतीय सेना ने सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर अपनी नीति में एक अहम बदलाव किया है। अब सेना के जवान और अधिकारी इंस्टाग्राम का उपयोग केवल देखने और निगरानी के उद्देश्य से ही कर सकेंगे। वे

एक मत से सुनाया गया, आस्था से ऊपर सैन्य अनुशासन भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारतीय सेना में किसी भी प्रकार का निजी धार्मिक मत, सैन्य अनुशासन से ऊपर नहीं हो सकता। सुप्रीम कोर्ट ने एक पूर्व ईसाई अधिकारी सैमुअल कमलेसन की याचिका ठुकराते हुए कहा कि सेना में ऐसे लोग नहीं रह सकते जो निजी आस्था के आधार पर वैध आदेश का पालन करने से इनकार करें। अदालत ने उनके व्यवहार को सेना की गरिमा के विरुद्ध और अत्यधिक अनुशासनहीन बताया। इस फैसले के बाद भारत की सेना और धर्मनिरपेक्षता पर चल रही चर्चा

एक मत से सुनाया गया, आस्था से ऊपर सैन्य अनुशासन भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारतीय सेना में किसी भी प्रकार का निजी धार्मिक मत, सैन्य अनुशासन से ऊपर नहीं हो सकता। सुप्रीम कोर्ट ने एक पूर्व ईसाई अधिकारी सैमुअल कमलेसन की याचिका ठुकराते हुए कहा कि सेना में ऐसे लोग नहीं रह सकते जो निजी आस्था के आधार पर वैध आदेश का पालन करने से इनकार करें। अदालत ने उनके व्यवहार को सेना की गरिमा के विरुद्ध और अत्यधिक अनुशासनहीन बताया। इस फैसले के बाद भारत की सेना और धर्मनिरपेक्षता पर चल रही चर्चा

Ukraine War: यूक्रेन युद्ध भारतीय सेना के लिए बनी प्रयोगशाला नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बुधवार को कहा कि भारतीय सेना यूक्रेन युद्धक्षेत्र को एक “जीवित प्रयोगशाला” के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध न केवल भू-राजनीतिक बदलावों का प्रतीक है, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट हुआ है कि आधुनिक युद्ध अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम तकनीक और साइबर टूल्स के इर्द-गिर्द घूम रहा है। तकनीक के युग में युद्ध का नया रूप दिल्ली डिफेंस डायलॉग 2025 में अपने संबोधन के दौरान जनरल द्विवेदी ने कहा कि आधुनिक युद्ध अब पारंपरिक सीमाओं से परे

Ukraine War: यूक्रेन युद्ध भारतीय सेना के लिए बनी प्रयोगशाला नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बुधवार को कहा कि भारतीय सेना यूक्रेन युद्धक्षेत्र को एक “जीवित प्रयोगशाला” के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध न केवल भू-राजनीतिक बदलावों का प्रतीक है, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट हुआ है कि आधुनिक युद्ध अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम तकनीक और साइबर टूल्स के इर्द-गिर्द घूम रहा है। तकनीक के युग में युद्ध का नया रूप दिल्ली डिफेंस डायलॉग 2025 में अपने संबोधन के दौरान जनरल द्विवेदी ने कहा कि आधुनिक युद्ध अब पारंपरिक सीमाओं से परे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपनी परंपरा को निभाते हुए इस साल भी देश के सैनिकों के साथ दीवाली मनाई। 2014 से लेकर अब तक हर वर्ष वे किसी न किसी सीमांत या सामरिक क्षेत्र में जाकर जवानों के साथ दीपों का यह पर्व मनाते हैं। इस वर्ष उन्होंने गोवा और कर्नाटक के कारवार तट पर INS विक्रांत पर भारतीय नौसेना के बहादुर जवानों के बीच दीवाली मनाई। प्रधानमंत्री की यह परंपरा न केवल सैनिकों के मनोबल को ऊँचा करती है, बल्कि देशवासियों के लिए यह एकता और समर्पण की मिसाल भी बन गई है। 2014 से शुरू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपनी परंपरा को निभाते हुए इस साल भी देश के सैनिकों के साथ दीवाली मनाई। 2014 से लेकर अब तक हर वर्ष वे किसी न किसी सीमांत या सामरिक क्षेत्र में जाकर जवानों के साथ दीपों का यह पर्व मनाते हैं। इस वर्ष उन्होंने गोवा और कर्नाटक के कारवार तट पर INS विक्रांत पर भारतीय नौसेना के बहादुर जवानों के बीच दीवाली मनाई। प्रधानमंत्री की यह परंपरा न केवल सैनिकों के मनोबल को ऊँचा करती है, बल्कि देशवासियों के लिए यह एकता और समर्पण की मिसाल भी बन गई है। 2014 से शुरू

ऑपरेशन सिंदूर वाले बयानों के बाद बढ़ा तनाव: क्या नई रणभूमि बन रही है? सेना प्रमुख के बयान का सारराज्य के उच्चस्तर के सैन्य नेतृत्व द्वारा दिए गए हालिया बयानों ने क्षेत्रीय रूप से चिंता बढ़ा दी है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने राजस्थान के श्रीगंगानगर के अनूपगढ़ अग्रिम क्षेत्र में सैनिक तैयारियों का अवलोकन करते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान को इतिहास और भूगोल में बने रहना है तो उसे राज्य-प्रायोजित आतंकवाद रोकना होगा। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर 1.0 का जिक्र करते हुए कहा कि उस बार भारतीय सेना ने संयम दिखाया, पर यदि फिर वैसी ही स्थिति बनी

ऑपरेशन सिंदूर वाले बयानों के बाद बढ़ा तनाव: क्या नई रणभूमि बन रही है? सेना प्रमुख के बयान का सारराज्य के उच्चस्तर के सैन्य नेतृत्व द्वारा दिए गए हालिया बयानों ने क्षेत्रीय रूप से चिंता बढ़ा दी है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने राजस्थान के श्रीगंगानगर के अनूपगढ़ अग्रिम क्षेत्र में सैनिक तैयारियों का अवलोकन करते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान को इतिहास और भूगोल में बने रहना है तो उसे राज्य-प्रायोजित आतंकवाद रोकना होगा। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर 1.0 का जिक्र करते हुए कहा कि उस बार भारतीय सेना ने संयम दिखाया, पर यदि फिर वैसी ही स्थिति बनी

नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए साफ कहा है कि अगर पाकिस्तान ने आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं किया, तो उसे अपनी भौगोलिक उपस्थिति गंवानी पड़ेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इस बार भारत ऑपरेशन सिंदूर 1.0 जैसा संयम नहीं बरतेगा, बल्कि निर्णायक कार्रवाई करेगा। अनूपगढ़ से पाकिस्तान को सख्त संदेश राजस्थान के अनूपगढ़ में सैनिकों को संबोधित करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा,“भारत एक देश के रूप में पूरी तरह से तैयार है। इस बार हम संयम नहीं रखेंगे। पाकिस्तान को सोचना होगा कि वह भूगोल में रहना चाहता

नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए साफ कहा है कि अगर पाकिस्तान ने आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं किया, तो उसे अपनी भौगोलिक उपस्थिति गंवानी पड़ेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इस बार भारत ऑपरेशन सिंदूर 1.0 जैसा संयम नहीं बरतेगा, बल्कि निर्णायक कार्रवाई करेगा। अनूपगढ़ से पाकिस्तान को सख्त संदेश राजस्थान के अनूपगढ़ में सैनिकों को संबोधित करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा,“भारत एक देश के रूप में पूरी तरह से तैयार है। इस बार हम संयम नहीं रखेंगे। पाकिस्तान को सोचना होगा कि वह भूगोल में रहना चाहता

Rajnath Singh With Ex-Army Men| पूर्व सैनिक समाज और राष्ट्र के लिए दशकों तक सेवा करने वाले राष्ट्रीय धरोहर हैं। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 29 सितंबर 2025 को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग द्वारा आयोजित नेशनल कॉनक्लेव 2025 में यह स्पष्ट किया कि सरकार पूर्व सैनिकों के कल्याण, पुनर्वास और पुनः एकीकरण के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध है। ‘विकसित भारत और भूतपूर्व सैनिक कल्याण’ विषय पर आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में जिला और राज्य सैनिक बोर्ड, पुनर्वास महानिदेशालय, ईसीएचएस और केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

Rajnath Singh With Ex-Army Men| पूर्व सैनिक समाज और राष्ट्र के लिए दशकों तक सेवा करने वाले राष्ट्रीय धरोहर हैं। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 29 सितंबर 2025 को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग द्वारा आयोजित नेशनल कॉनक्लेव 2025 में यह स्पष्ट किया कि सरकार पूर्व सैनिकों के कल्याण, पुनर्वास और पुनः एकीकरण के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध है। ‘विकसित भारत और भूतपूर्व सैनिक कल्याण’ विषय पर आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में जिला और राज्य सैनिक बोर्ड, पुनर्वास महानिदेशालय, ईसीएचएस और केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

East Tech 2025 Ranchi: ईस्ट टेक 2025 का चौथा संस्करण, जो भारतीय सेना की ईस्टर्न कमान द्वारा आयोजित एक अद्वितीय रक्षा प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी है, रांधी के खेलगांव स्टेडियम में अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 19 से 21 सितंबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय भव्य आयोजन में भारत की स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी में बढ़ती क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया और पूर्वी क्षेत्र में सेना की आत्मनिर्भरता की दृष्टि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘रक्षा आत्मनिर्भरता’ इस प्रदर्शनी में भारतीय रक्षा तंत्र के विभिन्न क्षेत्रों से अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली, जिसमें रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (DPSUs),

East Tech 2025 Ranchi: ईस्ट टेक 2025 का चौथा संस्करण, जो भारतीय सेना की ईस्टर्न कमान द्वारा आयोजित एक अद्वितीय रक्षा प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी है, रांधी के खेलगांव स्टेडियम में अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 19 से 21 सितंबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय भव्य आयोजन में भारत की स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी में बढ़ती क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया और पूर्वी क्षेत्र में सेना की आत्मनिर्भरता की दृष्टि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘रक्षा आत्मनिर्भरता’ इस प्रदर्शनी में भारतीय रक्षा तंत्र के विभिन्न क्षेत्रों से अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली, जिसमें रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (DPSUs),

East Tech 2025 Symposium Ranchi: राजधानी रांची के खेलगांव स्टेडियम में शुक्रवार को बहुप्रतीक्षित रक्षा प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी ‘ईस्ट टेक 2025’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, सांसद संजय सेठ, माननीय रक्षा राज्यमंत्री और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, ईस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल आरसी तिवारी और ईस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल सुरत सिंह मुख्य रूप से मौजूद थे। कार्यक्रम में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, राज्य प्रशासन और देशभर से आए रक्षा उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने शिरकत

East Tech 2025 Symposium Ranchi: राजधानी रांची के खेलगांव स्टेडियम में शुक्रवार को बहुप्रतीक्षित रक्षा प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी ‘ईस्ट टेक 2025’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, सांसद संजय सेठ, माननीय रक्षा राज्यमंत्री और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, ईस्टर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल आरसी तिवारी और ईस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल सुरत सिंह मुख्य रूप से मौजूद थे। कार्यक्रम में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, राज्य प्रशासन और देशभर से आए रक्षा उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने शिरकत