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नागपुर में सीईटी परीक्षा के दौरान छात्रों को धूप में खड़ा रखने पर नाराज़गी

Nagpur CET exam chaos Raisoni College: नागपुर में सीईटी परीक्षा के दौरान छात्रों को धूप में खड़ा रखने पर बढ़ी नाराज़गी
Nagpur CET exam chaos Raisoni College: नागपुर में सीईटी परीक्षा के दौरान छात्रों को धूप में खड़ा रखने पर बढ़ी नाराज़गी (Photo: RB / Jassi)

Nagpur CET exam chaos Raisoni College: नागपुर में सीईटी परीक्षा के दौरान रायसोनी कॉलेज केंद्र पर छात्रों को करीब डेढ़ घंटे तक धूप में खड़ा रखा गया। इस अव्यवस्था से छात्र और अभिभावक दोनों परेशान दिखे। अभिभावकों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया और बेहतर व्यवस्था की मांग की। यह घटना परीक्षा केंद्रों की तैयारी पर सवाल खड़े करती है।

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परीक्षा केंद्र पर अव्यवस्था से बढ़ी परेशानी

Nagpur CET exam chaos Raisoni College: नागपुर। आज सीईटी परीक्षा के दिन इसासनी स्थित जी.एच. रायसोनी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर गंभीर अव्यवस्था देखने को मिली। परीक्षा देने पहुंचे छात्रों को करीब डेढ़ घंटे तक तेज धूप में लाइन में खड़ा रहना पड़ा।

मौके पर मौजूद हमारे संवाददाता के अनुसार, केंद्र के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं और प्रवेश की प्रक्रिया बेहद धीमी रही। अप्रैल की चिलचिलाती धूप में खड़े छात्र स्पष्ट रूप से परेशान और थके हुए दिखे।

Nagpur CET exam chaos Raisoni College: नागपुर में सीईटी परीक्षा के दौरान छात्रों को धूप में खड़ा रखने पर बढ़ी नाराज़गी
Nagpur CET exam chaos Raisoni College: नागपुर में सीईटी परीक्षा के दौरान छात्रों को धूप में खड़ा रखने पर बढ़ी नाराज़गी (Photo: RB / Jassi)

छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी नाराज़गी

इस स्थिति को लेकर अभिभावकों में भारी रोष और नाराज़गी देखी गई। परीक्षा केंद्र की इस लापरवाही पर कई अभिभावकों ने खुलकर नाराज़गी जताई।

उल्लेखनीय है कि सीईटी एक महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा है और छात्र पहले से ही परीक्षा के दबाव में होते हैं। ऐसे में केंद्र प्रबंधन की यह चूक अभिभावकों और छात्रों, दोनों के लिए परेशानी का सबब बनी।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित परीक्षा प्राधिकरण इस शिकायत पर कोई संज्ञान लेगा या नहीं।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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Asfi Shadab

एक लेखक, चिंतक और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ता, जो खेल, राजनीति और वित्त की जटिलता को समझते हुए उनके बीच के रिश्तों पर निरंतर शोध और विश्लेषण करते हैं। जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरल, तर्कपूर्ण और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध।