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Gold Silver Price Fall: तेजी से गिर रहा सोने-चांदी का भाव, सिल्वर की कीमत 2.5 लाख से भी कम

Gold Silver Price Fall: तेजी से गिर रहा सोने-चांदी का भाव, सिल्वर की कीमत 2.5 लाख से भी कम
Gold Silver Price Fall: तेजी से गिर रहा सोने-चांदी का भाव, सिल्वर की कीमत 2.5 लाख से भी कम

सोना और चांदी लगातार दूसरे दिन गिरावट में रहे। रिकॉर्ड हाई से चांदी करीब 1.91 लाख और सोना 44 हजार रुपये तक टूट चुका है। ETF निवेशकों को भी नुकसान हुआ है। हालांकि एक्सपर्ट्स मानते हैं कि वैश्विक अनिश्चितता के चलते आगे फिर तेजी संभव है।

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Dipali Kumari
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Gold Silver Price Fall: शुक्रवार को भी सोना और चांदी निवेशकों को राहत देने के बजाय चिंता बढ़ाते नजर आए। मल्टी कमोडिटी मार्केट में लगातार दूसरे दिन की गिरावट ने यह साफ कर दिया कि कीमती धातुओं की हालिया तेजी अब ठहराव और दबाव के दौर में पहुंच चुकी है। सुबह के कारोबार में चांदी के दामों में जबरदस्त टूट देखने को मिली, वहीं सोना भी भारी दबाव में रहा।

सुबह करीब 11:30 बजे तक चांदी 5,000 रुपये गिरकर 2.38 लाख रुपये के आसपास पहुंच गई, जबकि शुरुआती कारोबार में यह गिरावट 12,000 रुपये तक जा चुकी थी। वहीं सोने की कीमत भी 1,000 रुपये फिसल गई थी, जो कुछ समय पहले 1.50 लाख रुपये के पार कारोबार कर रही थी। यह गिरावट सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम निवेशक की उम्मीदों पर भी असर डाल रही है।

चांदी की कीमत में ऐतिहासिक गिरावट

29 जनवरी को चांदी ने 4.20 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था। उस समय बाजार में यह धारणा बन गई थी कि चांदी नए स्तर बना सकती है। लेकिन अब तस्वीर बिल्कुल उलट है। शुक्रवार को चांदी करीब 2.29 लाख रुपये के आसपास पहुंच गई, यानी रिकॉर्ड हाई से अब तक लगभग 1.91 लाख रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की जा चुकी है।

सोने की चमक हुई फीकी

सोने की बात करें तो 29 जनवरी को इसका भाव 1.93 लाख रुपये के करीब था। लेकिन शुक्रवार सुबह यह 1.49 लाख रुपये तक आ गया। यानी महज कुछ दिनों में ही सोने ने करीब 44,000 रुपये का गोता लगा लिया। यह गिरावट उन निवेशकों के लिए झटका है, जिन्होंने ऊंचे स्तर पर खरीदारी की थी।

गोल्ड और सिल्वर ETF में भारी गिरावट

शुक्रवार को गोल्ड और सिल्वर ETF में भी 10 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। इसका सीधा असर उन निवेशकों पर पड़ा है, जिन्होंने फिजिकल गोल्ड-सिल्वर की बजाय ETF में निवेश किया था।

कोटक सिल्वर ETF सबसे ज्यादा नुकसान में रहा और करीब 10 फीसदी टूट गया। HDFC सिल्वर ETF, SBI सिल्वर ETF और एडलवाइस सिल्वर ETF में लगभग 9 फीसदी की गिरावट देखी गई। बंधन सिल्वर ETF में तुलनात्मक रूप से कम, लेकिन फिर भी करीब 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

गोल्ड ETF की बात करें तो एंजेल वन गोल्ड ETF करीब 8 फीसदी गिरा, जबकि जेरोधा गोल्ड ETF में 5 फीसदी की कमजोरी देखी गई।

आखिर क्यों टूट रहे हैं सोना-चांदी?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोना और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद मुनाफावसूली का शिकार हुए हैं। जब दाम बहुत तेजी से ऊपर जाते हैं, तो निवेशक मुनाफा बुक करने लगते हैं, जिससे कीमतों पर दबाव बनता है।

अमेरिकी डॉलर में मजबूती और फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीतियों की उम्मीदों ने भी कीमती धातुओं पर असर डाला है। इसके अलावा, आईटी और टेक सेक्टर में बिकवाली के कारण ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बढ़ी है, जिसका असर गोल्ड-सिल्वर पर भी पड़ा।

सीएमई द्वारा मार्जिन बढ़ाए जाने से ट्रेडिंग महंगी हुई है। ऐसे में छोटे निवेशक और ट्रेडर्स फिलहाल दूरी बनाए हुए हैं, जिससे कीमतों में तेजी को सपोर्ट नहीं मिल पा रहा।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव

इंटरनेशनल मार्केट में गुरुवार को सोना करीब 4 फीसदी और चांदी करीब 9 फीसदी तक टूट गई। फिलहाल सोना लगभग 4,887 डॉलर प्रति औंस और चांदी 78 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है। वैश्विक बाजार की यह कमजोरी घरेलू बाजार पर भी असर डाल रही है।

क्या फिर लौटेगी सोना-चांदी की चमक?

विशेषज्ञ मानते हैं कि मौजूदा गिरावट स्थायी नहीं हो सकती। दुनिया भर में जियो-पॉलिटिकल तनाव, महंगाई का दबाव और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी आगे चलकर सोने-चांदी को फिर सपोर्ट दे सकती है।

Goldman Sachs का अनुमान है कि 2026 तक सोना 4,900 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकता है। वहीं Bank of America का कहना है कि अगर सप्लाई और इंडस्ट्रियल डिमांड बनी रही, तो चांदी 135 डॉलर प्रति औंस के स्तर को भी पार कर सकती है।

डिस्क्लेमर: राष्ट्र भारत पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को राष्ट्र भारत की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।