Rashtra Bharat Logo

पटना के गांधी मैदान में 7 मई को होगा कैबिनेट विस्तार, 50-50 फॉर्मूले पर बंटेगी सत्ता!

पटना के गांधी मैदान में 7 मई को होगा कैबिनेट विस्तार, 50-50 फॉर्मूले पर बंटेगी सत्ता!
पटना के गांधी मैदान में 7 मई को होगा कैबिनेट विस्तार, 50-50 फॉर्मूले पर बंटेगी सत्ता! (File photo)

बिहार में 7 मई को पटना के गांधी मैदान में सम्राट चौधरी कैबिनेट का विस्तार होगा। भाजपा-जदयू के बीच 50-50 फॉर्मूले पर मंत्रियों का बंटवारा तय है। कई नए चेहरों को मौका मिल सकता है। समारोह में पीएम मोदी समेत कई बड़े नेता शामिल हो सकते हैं।

Updated:
·by
Dipali Kumari
Dipali Kumari
Share:

विषयसूची

Bihar Cabinet Expansion: बिहार की राजनीति में एक बड़ा और दिलचस्प मोड़ सामने आ रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार बनने के 22 दिन बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख तय हो गई है। 7 मई को राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा, जहां नए मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।

इस आयोजन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं। वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेता शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री भी इस खास मौके के गवाह बनेंगे।

50-50 फॉर्मूले पर होगा कैबिनेट विस्तार

दिलचस्प बात यह है कि इस बार बिहार की सत्ता का समीकरण “50-50 फॉर्मूले” पर तय हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा और जदयू के बीच मंत्रियों की संख्या बराबर रखी जाएगी। जदयू प्रमुख नीतीश कुमार द्वारा मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद यह संतुलन साधा गया है। ऐसे में सम्राट सरकार में भाजपा और जदयू के लगभग बराबर मंत्री होंगे, जबकि सहयोगी दलों—लोजपा (आर), हम और अन्य को भी प्रतिनिधित्व मिलेगा।

 कुल 33 पद खाली

मंत्रिमंडल में कुल 33 पद अभी खाली हैं, जिन्हें इस विस्तार में भरा जाएगा। खास बात यह है कि कई नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है। जातीय और क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ संगठन में सक्रिय नेताओं को भी प्राथमिकता दी जा सकती है। वहीं, कुछ पुराने मंत्रियों के विभागों में बदलाव की चर्चा भी तेज है।

अमित शाह समेत कई  शीर्ष नेताओं से मुलाकात

इससे पहले सम्राट चौधरी ने दिल्ली में अमित शाह और भाजपा के अन्य शीर्ष नेताओं से मुलाकात की थी। पटना लौटने के बाद उन्होंने नीतीश कुमार से भी मुलाकात कर विस्तार को लेकर अंतिम रणनीति पर चर्चा की। माना जा रहा है कि दिल्ली से मिले निर्देशों के बाद ही अब इस कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया है।

गांधी मैदान रचेगा इतिहास

गांधी मैदान में इस तरह का आयोजन अपने आप में खास है। आमतौर पर यहां मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण होता रहा है, लेकिन पहली बार ऐसा होगा जब सिर्फ मंत्रियों का सामूहिक शपथ ग्रहण आयोजित किया जाएगा। इसे सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन और आने वाले राजनीतिक संकेतों के तौर पर भी देखा जा रहा है।

Rashtra Bharat
Rashtra Bharat पर पढ़ें ताज़ा खेल, राजनीति, विश्व, मनोरंजन, धर्म और बिज़नेस की अपडेटेड हिंदी खबरें।
Dipali Kumari

Dipali Kumari

दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।