
Bihar Cabinet Expansion: बिहार की राजनीति में एक बड़ा और दिलचस्प मोड़ सामने आ रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार बनने के 22 दिन बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख तय हो गई है। 7 मई को राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा, जहां नए मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। इस आयोजन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं। वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेता

Bihar Cabinet Expansion: बिहार की राजनीति में एक बड़ा और दिलचस्प मोड़ सामने आ रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार बनने के 22 दिन बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख तय हो गई है। 7 मई को राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा, जहां नए मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। इस आयोजन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं। वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेता

Samrat Choudhary: बिहार की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जान से मारने की धमकी मिली। मुख्यमंत्री आवास पर आए एक फोन कॉल में आरोपी ने सीधे तौर पर उन्हें जान से मारने की बात कही। इस घटना के सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया। धमकी मिलने के तुरंत बाद बिहार पुलिस हरकत में आ गई। कॉल डिटेल और तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की पहचान और लोकेशन पता लगाने की कोशिश शुरू की गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी

Samrat Choudhary: बिहार की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को जान से मारने की धमकी मिली। मुख्यमंत्री आवास पर आए एक फोन कॉल में आरोपी ने सीधे तौर पर उन्हें जान से मारने की बात कही। इस घटना के सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया। धमकी मिलने के तुरंत बाद बिहार पुलिस हरकत में आ गई। कॉल डिटेल और तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की पहचान और लोकेशन पता लगाने की कोशिश शुरू की गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी

Nitish Kumar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। गृह विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी करते हुए पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। यह सुरक्षा व्यवस्था उन्हें तब तक मिलती रहेगी, जब तक वे मुख्यमंत्री पद पर बने रहते हैं। नीतीश कुमार को क्यों मिली Z+ सुरक्षा गृह विभाग द्वारा जारी पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि नीतीश कुमार हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं और जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर उच्च सदन की सदस्यता ग्रहण

Nitish Kumar: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। गृह विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी करते हुए पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। यह सुरक्षा व्यवस्था उन्हें तब तक मिलती रहेगी, जब तक वे मुख्यमंत्री पद पर बने रहते हैं। नीतीश कुमार को क्यों मिली Z+ सुरक्षा गृह विभाग द्वारा जारी पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि नीतीश कुमार हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं और जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर उच्च सदन की सदस्यता ग्रहण

PM Modi AI Photo: बढ़ती डिजिटल दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जहां एक ओर नई संभावनाएं खोल रहा है, वहीं इसके दुरुपयोग के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के अरवल जिले से एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सिद्धनाथ कुमार के रूप में हुई है, जिसे मौलानाचक गांव से पकड़ा गया। पीएम मोदी की आपत्तिजनक तस्वीर बनाने का आरोप पुलिस के अनुसार, आरोपी पर आरोप है कि उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक तस्वीरें AI की मदद से बनाकर सोशल

PM Modi AI Photo: बढ़ती डिजिटल दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जहां एक ओर नई संभावनाएं खोल रहा है, वहीं इसके दुरुपयोग के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के अरवल जिले से एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सिद्धनाथ कुमार के रूप में हुई है, जिसे मौलानाचक गांव से पकड़ा गया। पीएम मोदी की आपत्तिजनक तस्वीर बनाने का आरोप पुलिस के अनुसार, आरोपी पर आरोप है कि उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक तस्वीरें AI की मदद से बनाकर सोशल

देश के कई राज्यों में राज्यपाल और उपराज्यपाल के पदों पर बड़ा बदलाव नई दिल्ली। भारत की राष्ट्रपति ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी. वी. आनंद बोस का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही राष्ट्रपति भवन ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बड़े पैमाने पर राज्यपालों और उपराज्यपालों की नियुक्तियों की घोषणा की है। प्रमुख नियुक्तियाँ इस प्रकार हैं: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ल को तेलंगाना का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। तेलंगाना के वर्तमान राज्यपाल श्री जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया है। श्री नंद किशोर यादव

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Tejashwi Yadav: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने पटना में अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक में तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया। यह निर्णय लालू प्रसाद यादव के अस्वस्थ होने और संगठन के रोजमर्रा के कामकाज को सुचारू बनाने के लिए लिया गया। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता जैसे राबड़ी देवी, मीसा भारती, बिहार प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल और कई अन्य नेता मौजूद थे। प्रस्ताव रखने का काम भोला यादव ने किया और सभी कार्यकारिणी सदस्यों ने हाथ उठाकर तेजस्वी यादव का समर्थन किया। राजद के सूत्रों का कहना है कि अब तेजस्वी

Tejashwi Yadav: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने पटना में अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक में तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया। यह निर्णय लालू प्रसाद यादव के अस्वस्थ होने और संगठन के रोजमर्रा के कामकाज को सुचारू बनाने के लिए लिया गया। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता जैसे राबड़ी देवी, मीसा भारती, बिहार प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल और कई अन्य नेता मौजूद थे। प्रस्ताव रखने का काम भोला यादव ने किया और सभी कार्यकारिणी सदस्यों ने हाथ उठाकर तेजस्वी यादव का समर्थन किया। राजद के सूत्रों का कहना है कि अब तेजस्वी

Holi Special Bus: होली का नाम आते ही रंग, उमंग और अपनों से मिलने की खुशी आंखों के सामने आ जाती है। लेकिन बिहार से बाहर काम कर रहे लाखों प्रवासी मजदूरों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह खुशी अक्सर यात्रा की चिंता में बदल जाती है। ट्रेनों में भीड़, कन्फर्म टिकट न मिलना और महंगे निजी साधन—ये सभी समस्याएं हर साल त्योहार से पहले सामने आती हैं। इसी परेशानी को समझते हुए बिहार सरकार ने इस बार होली के मौके पर बड़ी राहत देने का फैसला किया है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से होली को

Holi Special Bus: होली का नाम आते ही रंग, उमंग और अपनों से मिलने की खुशी आंखों के सामने आ जाती है। लेकिन बिहार से बाहर काम कर रहे लाखों प्रवासी मजदूरों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह खुशी अक्सर यात्रा की चिंता में बदल जाती है। ट्रेनों में भीड़, कन्फर्म टिकट न मिलना और महंगे निजी साधन—ये सभी समस्याएं हर साल त्योहार से पहले सामने आती हैं। इसी परेशानी को समझते हुए बिहार सरकार ने इस बार होली के मौके पर बड़ी राहत देने का फैसला किया है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से होली को

बिहार की राजनीति में एक बार फिर यादव परिवार की आंतरिक कलह सामने आई है। जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय जनता दल का जनशक्ति जनता दल में विलय करने का खुला प्रस्ताव दे दिया है। मकर संक्रांति के मौके पर पटना स्थित अपने आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज के दौरान तेज प्रताप ने कई बड़े बयान दिए जिससे बिहार की सियासत में हलचल मच गई है। तेज प्रताप ने आरजेडी का नाम लिए बिना उसे जयचंदों की पार्टी बताया और साफ शब्दों में कहा कि लालू प्रसाद यादव की

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बिहार की राजनीति में एक बार फिर विवाद की आग भड़क उठी है। इस बार मुद्दा बना है सूअर, जिस पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के बीच बयानों की जंग छिड़ गई है। गिरिराज सिंह के एक कार्यक्रम में दिए गए बयान ने जहां विवाद खड़ा किया, वहीं पप्पू यादव के जवाब ने राजनीतिक पारा और भी गर्म कर दिया है। भाजपा ने पप्पू यादव से माफी की मांग करते हुए उनकी टिप्पणी को ओछा बताया है। विवाद की शुरुआत कैसे हुई बेगूसराय से भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शनिवार को बछवाड़ा

बिहार की राजनीति में एक बार फिर विवाद की आग भड़क उठी है। इस बार मुद्दा बना है सूअर, जिस पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के बीच बयानों की जंग छिड़ गई है। गिरिराज सिंह के एक कार्यक्रम में दिए गए बयान ने जहां विवाद खड़ा किया, वहीं पप्पू यादव के जवाब ने राजनीतिक पारा और भी गर्म कर दिया है। भाजपा ने पप्पू यादव से माफी की मांग करते हुए उनकी टिप्पणी को ओछा बताया है। विवाद की शुरुआत कैसे हुई बेगूसराय से भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शनिवार को बछवाड़ा

बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव लगभग एक महीने की विदेश यात्रा पूरी करके वापस लौट आए हैं। फिलहाल वे दिल्ली में हैं और जल्द ही पटना पहुंचने वाले हैं। उनकी वापसी के साथ ही बिहार की राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि आरजेडी में अब बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिलेंगे। विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद से ही पार्टी संकट से जूझ रही है। ऐसे में तेजस्वी के बिहार आगमन से पार्टी में नई

बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव लगभग एक महीने की विदेश यात्रा पूरी करके वापस लौट आए हैं। फिलहाल वे दिल्ली में हैं और जल्द ही पटना पहुंचने वाले हैं। उनकी वापसी के साथ ही बिहार की राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि आरजेडी में अब बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिलेंगे। विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद से ही पार्टी संकट से जूझ रही है। ऐसे में तेजस्वी के बिहार आगमन से पार्टी में नई

महाराष्ट्र की शेंदूरसनी ग्राम पंचायत में हुए बड़े पैमाने पर फर्जी जन्म पंजीकरण घोटाले में एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले के मास्टर माइंड को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी 27309 फर्जी जन्म पंजीकरण कराने का मुख्य सूत्रधार था। इस गिरफ्तारी से पूरे घोटाले की परतें खुलने की उम्मीद है और यह मामला राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। घोटाले की पूरी कहानी शेंदूरसनी ग्राम पंचायत में जब अधिकारियों ने नियमित जांच के दौरान रिकॉर्ड की समीक्षा की तो उन्हें एक चौंकाने वाली बात का पता चला। पंचायत के रजिस्टर

महाराष्ट्र की शेंदूरसनी ग्राम पंचायत में हुए बड़े पैमाने पर फर्जी जन्म पंजीकरण घोटाले में एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले के मास्टर माइंड को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी 27309 फर्जी जन्म पंजीकरण कराने का मुख्य सूत्रधार था। इस गिरफ्तारी से पूरे घोटाले की परतें खुलने की उम्मीद है और यह मामला राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। घोटाले की पूरी कहानी शेंदूरसनी ग्राम पंचायत में जब अधिकारियों ने नियमित जांच के दौरान रिकॉर्ड की समीक्षा की तो उन्हें एक चौंकाने वाली बात का पता चला। पंचायत के रजिस्टर

बीपीएससी एईडीओ परीक्षा स्थगित: दस लाख अभ्यर्थियों की तैयारी पर लगा ब्रेक बिहार लोक सेवा आयोग ने राज्य भर के लाखों युवाओं को बड़ा झटका देते हुए सहायक ग्रामीण विकास अधिकारी यानी एईडीओ परीक्षा को स्थगित कर दिया है। यह फैसला उन दस लाख अभ्यर्थियों के लिए निराशाजनक साबित हुआ है जो महीनों से इस परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। आयोग ने आधिकारिक नोटिस जारी कर इस फैसले की जानकारी दी है। परीक्षा स्थगन की आधिकारिक घोषणा बिहार लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने आधिकारिक सूचना जारी करते हुए बताया कि अपरिहार्य कारणों से एईडीओ

बीपीएससी एईडीओ परीक्षा स्थगित: दस लाख अभ्यर्थियों की तैयारी पर लगा ब्रेक बिहार लोक सेवा आयोग ने राज्य भर के लाखों युवाओं को बड़ा झटका देते हुए सहायक ग्रामीण विकास अधिकारी यानी एईडीओ परीक्षा को स्थगित कर दिया है। यह फैसला उन दस लाख अभ्यर्थियों के लिए निराशाजनक साबित हुआ है जो महीनों से इस परीक्षा की तैयारी में जुटे थे। आयोग ने आधिकारिक नोटिस जारी कर इस फैसले की जानकारी दी है। परीक्षा स्थगन की आधिकारिक घोषणा बिहार लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने आधिकारिक सूचना जारी करते हुए बताया कि अपरिहार्य कारणों से एईडीओ

साल के आखिरी दिनों में बिहार में एक बार फिर रेल हादसा हो गया है। जसीडीह-झाझा रेल मार्ग पर सीमेंट से भरी मालगाड़ी के कई डिब्बे पटरी से उतरकर नदी में जा गिरे। यह भयानक हादसा बिहार के जमुई जिले में हुआ है। पूर्व रेलवे के सूत्रों के मुताबिक, कल रात करीब साढ़े ग्यारह बजे जब मालगाड़ी बरुआ नदी के ऊपर से गुजर रही थी, तभी कम से कम छह डिब्बे पटरी से उतर गए। इनमें से तीन डिब्बे सीधे नदी में जा गिरे, जबकि दो डिब्बे पुल से लटके हुए खतरनाक हालत में दिखाई दिए। इस हादसे के बाद

साल के आखिरी दिनों में बिहार में एक बार फिर रेल हादसा हो गया है। जसीडीह-झाझा रेल मार्ग पर सीमेंट से भरी मालगाड़ी के कई डिब्बे पटरी से उतरकर नदी में जा गिरे। यह भयानक हादसा बिहार के जमुई जिले में हुआ है। पूर्व रेलवे के सूत्रों के मुताबिक, कल रात करीब साढ़े ग्यारह बजे जब मालगाड़ी बरुआ नदी के ऊपर से गुजर रही थी, तभी कम से कम छह डिब्बे पटरी से उतर गए। इनमें से तीन डिब्बे सीधे नदी में जा गिरे, जबकि दो डिब्बे पुल से लटके हुए खतरनाक हालत में दिखाई दिए। इस हादसे के बाद

Vaibhav Sooryavanshi: बिहार के लिए यह गर्व और भावुकता का क्षण है, जब राज्य के एक होनहार बेटे वैभव सूर्यवंशी को देश के सर्वोच्च बाल सम्मानों में से एक प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वैभव को यह पुरस्कार प्रदान किया। यह सम्मान केवल एक पदक या प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि उस संघर्ष, समर्पण और अनुशासन की पहचान है, जिसने एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर वैभव को राष्ट्रीय पहचान दिलाई। वैभव सूर्यवंशी आज सिर्फ एक क्रिकेट खिलाड़ी नहीं, बल्कि उन हजारों बच्चों के लिए प्रेरणा

Vaibhav Sooryavanshi: बिहार के लिए यह गर्व और भावुकता का क्षण है, जब राज्य के एक होनहार बेटे वैभव सूर्यवंशी को देश के सर्वोच्च बाल सम्मानों में से एक प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वैभव को यह पुरस्कार प्रदान किया। यह सम्मान केवल एक पदक या प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि उस संघर्ष, समर्पण और अनुशासन की पहचान है, जिसने एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर वैभव को राष्ट्रीय पहचान दिलाई। वैभव सूर्यवंशी आज सिर्फ एक क्रिकेट खिलाड़ी नहीं, बल्कि उन हजारों बच्चों के लिए प्रेरणा

Vaibhav Sooryavanshi: विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के प्लेट ग्रुप में बिहार और अरुणाचल प्रदेश का मुकाबला कागजों में भले ही एक साधारण घरेलू मैच रहा हो, लेकिन रांची की पिच पर जो कहानी लिखी गई, उसने भारतीय क्रिकेट के भविष्य की ओर इशारा कर दिया। यह मुकाबला सिर्फ रन, ओवर और विकेट की गणना तक सीमित नहीं था। यह कहानी थी एक 14 साल के बल्लेबाज की, जिसने अपने बल्ले से उम्र की सीमाएं तोड़ दीं। नाम है वैभव सूर्यवंशी। अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन न कर पाने का मलाल लेकर वैभव

Vaibhav Sooryavanshi: विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के प्लेट ग्रुप में बिहार और अरुणाचल प्रदेश का मुकाबला कागजों में भले ही एक साधारण घरेलू मैच रहा हो, लेकिन रांची की पिच पर जो कहानी लिखी गई, उसने भारतीय क्रिकेट के भविष्य की ओर इशारा कर दिया। यह मुकाबला सिर्फ रन, ओवर और विकेट की गणना तक सीमित नहीं था। यह कहानी थी एक 14 साल के बल्लेबाज की, जिसने अपने बल्ले से उम्र की सीमाएं तोड़ दीं। नाम है वैभव सूर्यवंशी। अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन न कर पाने का मलाल लेकर वैभव

बिहार में महागठबंधन में दरार: कांग्रेस और राजद के बीच तनातनी बिहार की राजनीति में एक बार फिर से महागठबंधन की एकता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। चुनाव के बाद से ही गठबंधन के दो प्रमुख दलों कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के बीच तनाव की स्थिति बनती जा रही है। पिछले दो दिनों में दोनों दलों के प्रदेश अध्यक्षों और प्रवक्ताओं के बयान सामने आए हैं जो साफ तौर पर इस बात का संकेत दे रहे हैं कि महागठबंधन की डोर कमजोर पड़ती जा रही है। शनिवार को राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने बिहार में

बिहार में महागठबंधन में दरार: कांग्रेस और राजद के बीच तनातनी बिहार की राजनीति में एक बार फिर से महागठबंधन की एकता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। चुनाव के बाद से ही गठबंधन के दो प्रमुख दलों कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के बीच तनाव की स्थिति बनती जा रही है। पिछले दो दिनों में दोनों दलों के प्रदेश अध्यक्षों और प्रवक्ताओं के बयान सामने आए हैं जो साफ तौर पर इस बात का संकेत दे रहे हैं कि महागठबंधन की डोर कमजोर पड़ती जा रही है। शनिवार को राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने बिहार में

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली करारी हार के बाद महागठबंधन के भीतर गहरे मतभेद सामने आने लगे हैं। कांग्रेस के कई नेताओं ने राष्ट्रीय जनता दल से गठबंधन को ही इस हार की मुख्य वजह बताते हुए आलाकमान से इसे तोड़ने की मांग कर डाली है। इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या कांग्रेस और लालू-तेजस्वी यादव की पार्टी के रास्ते अब अलग हो जाएंगे। महागठबंधन को मिली शर्मनाक हार बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने महागठबंधन के सभी घटक दलों को झकझोर कर

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली करारी हार के बाद महागठबंधन के भीतर गहरे मतभेद सामने आने लगे हैं। कांग्रेस के कई नेताओं ने राष्ट्रीय जनता दल से गठबंधन को ही इस हार की मुख्य वजह बताते हुए आलाकमान से इसे तोड़ने की मांग कर डाली है। इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या कांग्रेस और लालू-तेजस्वी यादव की पार्टी के रास्ते अब अलग हो जाएंगे। महागठबंधन को मिली शर्मनाक हार बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने महागठबंधन के सभी घटक दलों को झकझोर कर

बिहार की राजनीति में एक बार फिर राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नीतीश कुमार की सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास खाली करने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद राष्ट्रीय जनता दल ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और आवास खाली न करने की धमकी दी है। इसी बीच बिहार के गृह मंत्री और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आरजेडी को करारा जवाब देते हुए साफ कर दिया है कि सरकारी आवास किसी की निजी संपत्ति नहीं है। सम्राट चौधरी का सख्त संदेश

बिहार की राजनीति में एक बार फिर राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नीतीश कुमार की सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास खाली करने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद राष्ट्रीय जनता दल ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और आवास खाली न करने की धमकी दी है। इसी बीच बिहार के गृह मंत्री और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आरजेडी को करारा जवाब देते हुए साफ कर दिया है कि सरकारी आवास किसी की निजी संपत्ति नहीं है। सम्राट चौधरी का सख्त संदेश

बिहार विधानसभा चुनाव में मिली निराशाजनक हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल ने अपने ही पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच छिपे भितरघातियों की पहचान करने का अभियान शुरू कर दिया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि कई सीटों पर अपने ही लोगों की गद्दारी के कारण हार का सामना करना पड़ा। इसी कारण बुधवार से राजद के प्रदेश कार्यालय में प्रमंडलवार समीक्षा बैठकों का दौर शुरू हो गया है। समीक्षा बैठकों का आयोजन राजद ने अपनी समीक्षा प्रक्रिया को दो चरणों में बांटा है। पहले चरण में चार दिसंबर तक सभी प्रमंडलों के जीते हुए विधायकों और हारे

बिहार विधानसभा चुनाव में मिली निराशाजनक हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल ने अपने ही पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच छिपे भितरघातियों की पहचान करने का अभियान शुरू कर दिया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि कई सीटों पर अपने ही लोगों की गद्दारी के कारण हार का सामना करना पड़ा। इसी कारण बुधवार से राजद के प्रदेश कार्यालय में प्रमंडलवार समीक्षा बैठकों का दौर शुरू हो गया है। समीक्षा बैठकों का आयोजन राजद ने अपनी समीक्षा प्रक्रिया को दो चरणों में बांटा है। पहले चरण में चार दिसंबर तक सभी प्रमंडलों के जीते हुए विधायकों और हारे

बिहार एनडीए की जीत पर अमित शाह की खास बैठक बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की शानदार जीत के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना है केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का बिहार भाजपा नेताओं को दिया गया संदेश। नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर आयोजित बैठक में अमित शाह ने बिहार के भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं को विजय के घमंड से बचने की नसीहत दी है। यह बैठक केवल औपचारिक बधाई का कार्यक्रम नहीं थी बल्कि आने वाले समय की रणनीति और संगठन

बिहार एनडीए की जीत पर अमित शाह की खास बैठक बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की शानदार जीत के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना है केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का बिहार भाजपा नेताओं को दिया गया संदेश। नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर आयोजित बैठक में अमित शाह ने बिहार के भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं को विजय के घमंड से बचने की नसीहत दी है। यह बैठक केवल औपचारिक बधाई का कार्यक्रम नहीं थी बल्कि आने वाले समय की रणनीति और संगठन

बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार की सरकार ने एक बार फिर नई कैबिनेट का गठन किया है और अब सभी 26 मंत्रियों को उनके सरकारी बंगले आवंटित कर दिए गए हैं। इस आवंटन में 13 पुराने मंत्रियों को उनके पुराने बंगले ही दिए गए हैं जबकि 13 नए मंत्रियों को नए बंगलों का आवंटन किया गया है। यह व्यवस्था बिहार सरकार के प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए जरूरी मानी जा रही है। बिहार में मंत्रियों को सरकारी बंगले आवंटित करना एक सामान्य प्रक्रिया है जो हर नई कैबिनेट के गठन के बाद की जाती है।

बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार की सरकार ने एक बार फिर नई कैबिनेट का गठन किया है और अब सभी 26 मंत्रियों को उनके सरकारी बंगले आवंटित कर दिए गए हैं। इस आवंटन में 13 पुराने मंत्रियों को उनके पुराने बंगले ही दिए गए हैं जबकि 13 नए मंत्रियों को नए बंगलों का आवंटन किया गया है। यह व्यवस्था बिहार सरकार के प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए जरूरी मानी जा रही है। बिहार में मंत्रियों को सरकारी बंगले आवंटित करना एक सामान्य प्रक्रिया है जो हर नई कैबिनेट के गठन के बाद की जाती है।

बिहार में तकनीकी विकास और युवाओं के लिए बड़े रोजगार की घोषणा नई सरकार का लक्ष्य, युवा बनेंगे विकास की मुख्य ताकत बिहार में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के आर्थिक और औद्योगिक भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं। उनके अनुसार राज्य के विकास की सबसे मजबूत नींव युवा होंगे, क्योंकि बिहार में युवा जनसंख्या तेज़ी से बढ़ रही है।सीएम ने एक्स पोस्ट के माध्यम से कहा कि यदि युवाओं को सही दिशा दी जाए, तो बिहार आने वाले वर्षों में देश के सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाले राज्यों में शामिल हो सकता

बिहार में तकनीकी विकास और युवाओं के लिए बड़े रोजगार की घोषणा नई सरकार का लक्ष्य, युवा बनेंगे विकास की मुख्य ताकत बिहार में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के आर्थिक और औद्योगिक भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं। उनके अनुसार राज्य के विकास की सबसे मजबूत नींव युवा होंगे, क्योंकि बिहार में युवा जनसंख्या तेज़ी से बढ़ रही है।सीएम ने एक्स पोस्ट के माध्यम से कहा कि यदि युवाओं को सही दिशा दी जाए, तो बिहार आने वाले वर्षों में देश के सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाले राज्यों में शामिल हो सकता

बिहार कैबिनेट की पहली बैठक में विकास के दस बड़े फैसले बैठक में रोजगार और उद्योग पर विशेष जोर पटना में नई बनी राज्य सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में दस बड़े फैसले लिए गए। इन फैसलों में सबसे महत्वपूर्ण फैसला युवाओं के लिए रोजगार और उद्योगों के विस्तार का है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सरकार ने यह साफ कर दिया कि वह आने वाले समय में रोजगार, तकनीक, उद्योग और शहर विकास पर तेज काम करेगी। सरकार का मुख्य लक्ष्य युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देना है। इसके लिए उद्योग लगाने की

बिहार कैबिनेट की पहली बैठक में विकास के दस बड़े फैसले बैठक में रोजगार और उद्योग पर विशेष जोर पटना में नई बनी राज्य सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में दस बड़े फैसले लिए गए। इन फैसलों में सबसे महत्वपूर्ण फैसला युवाओं के लिए रोजगार और उद्योगों के विस्तार का है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सरकार ने यह साफ कर दिया कि वह आने वाले समय में रोजगार, तकनीक, उद्योग और शहर विकास पर तेज काम करेगी। सरकार का मुख्य लक्ष्य युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देना है। इसके लिए उद्योग लगाने की

बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को मिली करारी हार ने पार्टी के आंतरिक ढांचे और रणनीति पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। संगठनात्मक असंतुलन, जिला और प्रखंड स्तर के नेताओं की उपेक्षा, तथा पेड टीम की सक्रियता ने पार्टी की चुनावी स्थिति को कमजोर कर दिया। संगठनात्मक असंतुलन का प्रभाव जिलास्तरीय नेताओं का मानना है कि हार का मुख्य कारण संगठन और प्रत्याशियों के बीच तालमेल का अभाव है। कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर, विशेष पेड टीम ने चुनाव में अपनी रणनीति के तहत काम किया। इस टीम की कमान सांसद एवं तेजस्वी प्रसाद यादव के

बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को मिली करारी हार ने पार्टी के आंतरिक ढांचे और रणनीति पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। संगठनात्मक असंतुलन, जिला और प्रखंड स्तर के नेताओं की उपेक्षा, तथा पेड टीम की सक्रियता ने पार्टी की चुनावी स्थिति को कमजोर कर दिया। संगठनात्मक असंतुलन का प्रभाव जिलास्तरीय नेताओं का मानना है कि हार का मुख्य कारण संगठन और प्रत्याशियों के बीच तालमेल का अभाव है। कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर, विशेष पेड टीम ने चुनाव में अपनी रणनीति के तहत काम किया। इस टीम की कमान सांसद एवं तेजस्वी प्रसाद यादव के

सम्राट चौधरी और बिहार पुलिस पर उनका नया अधिकार बिहार सरकार के नए गृह मंत्री सम्राट चौधरी के पास राज्य की पुलिस का सम्पूर्ण नियंत्रण आ गया है। हालांकि, आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की नियुक्ति और ट्रांसफर का अधिकार अभी भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास सुरक्षित है। यह बदलाव बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ लेकर आया है, क्योंकि गृह विभाग पारंपरिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण विभागों में से एक माना जाता है। नया राजनीतिक परिदृश्य दो दशक के भीतर पहली बार यह देखा गया है कि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने भाजपा को सबसे शक्तिशाली विभाग

सम्राट चौधरी और बिहार पुलिस पर उनका नया अधिकार बिहार सरकार के नए गृह मंत्री सम्राट चौधरी के पास राज्य की पुलिस का सम्पूर्ण नियंत्रण आ गया है। हालांकि, आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की नियुक्ति और ट्रांसफर का अधिकार अभी भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास सुरक्षित है। यह बदलाव बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ लेकर आया है, क्योंकि गृह विभाग पारंपरिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण विभागों में से एक माना जाता है। नया राजनीतिक परिदृश्य दो दशक के भीतर पहली बार यह देखा गया है कि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने भाजपा को सबसे शक्तिशाली विभाग

सीमांचल के विकास के लिए ओवैसी ने रखी शर्त बिहार के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित सीमांचल क्षेत्र हमेशा से राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता आया है। यह क्षेत्र न केवल अपने प्राकृतिक आपदाओं के लिए जाना जाता है, बल्कि यहाँ की सामाजिक संरचना और विकास संबंधी असमानताओं ने हमेशा ही राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बनाए रखा है। हाल ही में AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन देने की बात कही। हालांकि, इसके लिए उन्होंने एक स्पष्ट शर्त रखी है – सीमांचल क्षेत्र में विकास

सीमांचल के विकास के लिए ओवैसी ने रखी शर्त बिहार के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित सीमांचल क्षेत्र हमेशा से राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता आया है। यह क्षेत्र न केवल अपने प्राकृतिक आपदाओं के लिए जाना जाता है, बल्कि यहाँ की सामाजिक संरचना और विकास संबंधी असमानताओं ने हमेशा ही राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बनाए रखा है। हाल ही में AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन देने की बात कही। हालांकि, इसके लिए उन्होंने एक स्पष्ट शर्त रखी है – सीमांचल क्षेत्र में विकास

बिहार की सत्ता संतुलन में सम्राट चौधरी की नई भूमिका बिहार में एनडीए की प्रचंड विजय के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने सत्ता-संतुलन के नए समीकरण पेश किए हैं। इस बार भाजपा को राज्य की राजनीति में unprecedented अर्थात अभूतपूर्व बढ़त हासिल हुई है। भाजपा की इसी बढ़त को मजबूत और स्थायी स्वरूप देने के लिए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बिहार का गृह मंत्री बनाया जाना राजनीतिक विश्लेषकों के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है। भाजपा के इतिहास में यह पहली बार है जब बिहार में गृह मंत्रालय जैसी सबसे सशक्त जिम्मेदारी पार्टी के किसी नेता को

बिहार की सत्ता संतुलन में सम्राट चौधरी की नई भूमिका बिहार में एनडीए की प्रचंड विजय के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने सत्ता-संतुलन के नए समीकरण पेश किए हैं। इस बार भाजपा को राज्य की राजनीति में unprecedented अर्थात अभूतपूर्व बढ़त हासिल हुई है। भाजपा की इसी बढ़त को मजबूत और स्थायी स्वरूप देने के लिए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बिहार का गृह मंत्री बनाया जाना राजनीतिक विश्लेषकों के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है। भाजपा के इतिहास में यह पहली बार है जब बिहार में गृह मंत्रालय जैसी सबसे सशक्त जिम्मेदारी पार्टी के किसी नेता को

उपेंद्र कुशवाहा के निर्णय पर उठे प्रश्न और उनका आत्मस्वीकार बिहार की राजनीति में बीते कुछ दिनों से सबसे अधिक चर्चा जिस विषय पर हो रही है, वह है राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा द्वारा अपने पुत्र दीपक प्रकाश को नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल करवाने का निर्णय। यह कदम न केवल राजनीतिक गलियारों में बहस का विषय बना, बल्कि इससे जुड़े तमाम आरोप—विशेषकर परिवारवाद—ने इस मुद्दे को और अधिक विवादास्पद बना दिया। इसी पृष्ठभूमि में कुशवाहा ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने यह निर्णय अत्यंत भारी मन से लिया और इसे ‘जहर पीने’ जैसा

उपेंद्र कुशवाहा के निर्णय पर उठे प्रश्न और उनका आत्मस्वीकार बिहार की राजनीति में बीते कुछ दिनों से सबसे अधिक चर्चा जिस विषय पर हो रही है, वह है राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा द्वारा अपने पुत्र दीपक प्रकाश को नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल करवाने का निर्णय। यह कदम न केवल राजनीतिक गलियारों में बहस का विषय बना, बल्कि इससे जुड़े तमाम आरोप—विशेषकर परिवारवाद—ने इस मुद्दे को और अधिक विवादास्पद बना दिया। इसी पृष्ठभूमि में कुशवाहा ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने यह निर्णय अत्यंत भारी मन से लिया और इसे ‘जहर पीने’ जैसा

बिहार मंत्रिमंडल में व्यापक फेरबदल बिहार सरकार ने मंत्रालयों के बड़े बंटवारे की घोषणा कर दी है। इस पुनर्वितरण में राजनीतिक संतुलन, प्रशासनिक दक्षता और आने वाले चुनावी परिदृश्य की झलक साफ दिखाई देती है। इस बार का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि राज्य के इतिहास में पहली बार गृह विभाग भाजपा को मिला है, जिसे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी संभालेंगे। अब तक यह विभाग स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास रहता था, ऐसे में यह निर्णय राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्राट चौधरी के हाथ में गृह विभाग उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को गृह मंत्रालय सौंपे

बिहार मंत्रिमंडल में व्यापक फेरबदल बिहार सरकार ने मंत्रालयों के बड़े बंटवारे की घोषणा कर दी है। इस पुनर्वितरण में राजनीतिक संतुलन, प्रशासनिक दक्षता और आने वाले चुनावी परिदृश्य की झलक साफ दिखाई देती है। इस बार का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि राज्य के इतिहास में पहली बार गृह विभाग भाजपा को मिला है, जिसे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी संभालेंगे। अब तक यह विभाग स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास रहता था, ऐसे में यह निर्णय राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्राट चौधरी के हाथ में गृह विभाग उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को गृह मंत्रालय सौंपे

नीतीश कुमार की नई सरकार के गठन के साथ ही विभागों का बंटवारा भी पूरी तरह से तय कर दिया गया है। 20 नवंबर को पटना स्थित गांधी मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ 26 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। शपथ ग्रहण समारोह के अगले ही दिन राज्य में मंत्रालयों का जिम्मा सौंपा गया। इस बार विभागों का बंटवारा खास रहा क्योंकि एनडीए सरकार में कई ऐसे नाम सामने आए जिन्हें पहली बार बड़े मंत्रालयों की जिम्मेदारी मिली। इनमें सबसे प्रमुख नाम उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के हैं। विभागों के

नीतीश कुमार की नई सरकार के गठन के साथ ही विभागों का बंटवारा भी पूरी तरह से तय कर दिया गया है। 20 नवंबर को पटना स्थित गांधी मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ 26 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। शपथ ग्रहण समारोह के अगले ही दिन राज्य में मंत्रालयों का जिम्मा सौंपा गया। इस बार विभागों का बंटवारा खास रहा क्योंकि एनडीए सरकार में कई ऐसे नाम सामने आए जिन्हें पहली बार बड़े मंत्रालयों की जिम्मेदारी मिली। इनमें सबसे प्रमुख नाम उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के हैं। विभागों के

नीतीश कुमार ने एक बार फिर बिहार की सत्ता संभाली है और इसके साथ ही राज्य में नई मंत्रिपरिषद का गठन पूरा हो चुका है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में हुई शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके साथ शामिल मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। यह कैबिनेट सिर्फ राजनीतिक समीकरणों की वजह से नहीं, बल्कि कई मायनों में चर्चा में है। खासकर मंत्रियों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है। नए कैबिनेट में पीएचडी धारक, इंजीनियर, स्नातक, स्नातकोत्तर और यहां तक कि 12वीं पास तक के नेता शामिल हैं। यह

नीतीश कुमार ने एक बार फिर बिहार की सत्ता संभाली है और इसके साथ ही राज्य में नई मंत्रिपरिषद का गठन पूरा हो चुका है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में हुई शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके साथ शामिल मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। यह कैबिनेट सिर्फ राजनीतिक समीकरणों की वजह से नहीं, बल्कि कई मायनों में चर्चा में है। खासकर मंत्रियों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है। नए कैबिनेट में पीएचडी धारक, इंजीनियर, स्नातक, स्नातकोत्तर और यहां तक कि 12वीं पास तक के नेता शामिल हैं। यह

नीतीश नेतृत्व वाली नई सरकार के शपथ ग्रहण पर छत्तीसगढ़ से बधाइयों की बौछारराष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेतृत्व में बिहार में बनी नई सरकार को लेकर देशभर में राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ नीतीश कुमार ने ली और उनके साथ उपमुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी व विजय सिन्हा ने पदभार ग्रहण किया। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव ने बधाई भेजते हुए बिहार की नई सरकार के भविष्य को लेकर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और नीतीश कुमार

नीतीश नेतृत्व वाली नई सरकार के शपथ ग्रहण पर छत्तीसगढ़ से बधाइयों की बौछारराष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेतृत्व में बिहार में बनी नई सरकार को लेकर देशभर में राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ नीतीश कुमार ने ली और उनके साथ उपमुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी व विजय सिन्हा ने पदभार ग्रहण किया। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव ने बधाई भेजते हुए बिहार की नई सरकार के भविष्य को लेकर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और नीतीश कुमार

बिहार मंत्रिमंडल 2025 में नई तस्वीर, बदलाव से बना संतुलन बिहार की राजनीति में मंत्रिमंडल का गठन हमेशा एक रणनीतिक कदम माना जाता है और इस बार भी नीतीश कुमार ने नई सरकार के गठन के साथ एक ऐसा संदेश दे दिया है जिसमें राजनीतिक संतुलन, जातीय समीकरण और गठबंधन की मजबूती सबसे अहम तत्व बन कर उभर रहे हैं। नई कैबिनेट में जहां नए चेहरों पर भरोसा जताया गया, वहीं लंबे समय से सत्ता में बैठे कई नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाते हुए यह तय कर दिया गया कि अब चेहरों से ज्यादा काम और सियासी उपयोगिता मायने

बिहार मंत्रिमंडल 2025 में नई तस्वीर, बदलाव से बना संतुलन बिहार की राजनीति में मंत्रिमंडल का गठन हमेशा एक रणनीतिक कदम माना जाता है और इस बार भी नीतीश कुमार ने नई सरकार के गठन के साथ एक ऐसा संदेश दे दिया है जिसमें राजनीतिक संतुलन, जातीय समीकरण और गठबंधन की मजबूती सबसे अहम तत्व बन कर उभर रहे हैं। नई कैबिनेट में जहां नए चेहरों पर भरोसा जताया गया, वहीं लंबे समय से सत्ता में बैठे कई नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाते हुए यह तय कर दिया गया कि अब चेहरों से ज्यादा काम और सियासी उपयोगिता मायने

नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी नई एनडीए सरकार की कैबिनेट बिहार में एक बार फिर परिवारवाद को लेकर चर्चा के केंद्र में आ गई है। 26 मंत्रियों के इस मंत्रिमंडल में 10 ऐसे चेहरे शामिल हैं, जिनकी राजनीति किसी न किसी रूप में विरासत का परिणाम है। इनमें कुछ अपने माता-पिता की राजनीतिक राह पर चलकर सत्ता तक पहुंचे हैं, तो कुछ अपने पति या पारिवारिक प्रभाव के कारण इस स्थान तक पहुंचे। यह स्थिति बताती है कि बिहार की राजनीति में परिवार का असर कितना गहरा है और यह परंपरा वर्षों से लगातार जारी है। बिहार कैबिनेट में

नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी नई एनडीए सरकार की कैबिनेट बिहार में एक बार फिर परिवारवाद को लेकर चर्चा के केंद्र में आ गई है। 26 मंत्रियों के इस मंत्रिमंडल में 10 ऐसे चेहरे शामिल हैं, जिनकी राजनीति किसी न किसी रूप में विरासत का परिणाम है। इनमें कुछ अपने माता-पिता की राजनीतिक राह पर चलकर सत्ता तक पहुंचे हैं, तो कुछ अपने पति या पारिवारिक प्रभाव के कारण इस स्थान तक पहुंचे। यह स्थिति बताती है कि बिहार की राजनीति में परिवार का असर कितना गहरा है और यह परंपरा वर्षों से लगातार जारी है। बिहार कैबिनेट में

बिहार में नई राजनीतिक पारी की शुरुआत हो चुकी है और इसी अवसर पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक पुरानी तस्वीर साझा कर बिहार के नए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को शुभकामनाएं दी हैं। नई सरकार के गठन के बाद जहां बधाइयों का दौर जारी है वहीं अखिलेश यादव के इस संदेश ने सोशल मीडिया पर राजनीतिक हलचल भी तेज कर दी है। अखिलेश ने अपने एक्स हैंडल पर जो तस्वीर साझा की है, उसे इंडिया गठबंधन के शुरुआती दौर की अहम बैठक से जुड़ा बताया जा रहा है जिसमें नीतीश

बिहार में नई राजनीतिक पारी की शुरुआत हो चुकी है और इसी अवसर पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक पुरानी तस्वीर साझा कर बिहार के नए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को शुभकामनाएं दी हैं। नई सरकार के गठन के बाद जहां बधाइयों का दौर जारी है वहीं अखिलेश यादव के इस संदेश ने सोशल मीडिया पर राजनीतिक हलचल भी तेज कर दी है। अखिलेश ने अपने एक्स हैंडल पर जो तस्वीर साझा की है, उसे इंडिया गठबंधन के शुरुआती दौर की अहम बैठक से जुड़ा बताया जा रहा है जिसमें नीतीश

उपशीर्षक: बिहार की नई सत्ता, पुरानी उम्मीदों की परीक्षा बिहार की राजनीति एक बार फिर अहम मोड़ पर आ खड़ी हुई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दसवीं बार पद की शपथ लेकर इतिहास बनाया, लेकिन इस राजनीतिक अध्याय में विपक्ष की ओर से उठने वाली आवाजें भी कम नहीं हुईं। चुनावी हार के बाद पहली बार सामने आए राजद नेता तेजस्वी यादव ने नई सरकार को जनता की उम्मीदों का आईना दिखाते हुए रोजगार, शिक्षा, और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर तत्काल और गंभीर प्रयास की मांग की है। पटना के गांधी मैदान में हुए शपथ समारोह की भव्यता जितनी चर्चाओं

उपशीर्षक: बिहार की नई सत्ता, पुरानी उम्मीदों की परीक्षा बिहार की राजनीति एक बार फिर अहम मोड़ पर आ खड़ी हुई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दसवीं बार पद की शपथ लेकर इतिहास बनाया, लेकिन इस राजनीतिक अध्याय में विपक्ष की ओर से उठने वाली आवाजें भी कम नहीं हुईं। चुनावी हार के बाद पहली बार सामने आए राजद नेता तेजस्वी यादव ने नई सरकार को जनता की उम्मीदों का आईना दिखाते हुए रोजगार, शिक्षा, और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर तत्काल और गंभीर प्रयास की मांग की है। पटना के गांधी मैदान में हुए शपथ समारोह की भव्यता जितनी चर्चाओं

बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत देखने को मिली है, जहां अनुभवी नेताओं की भीड़ के बीच युवा और तकनीकी सोच रखने वाले चेहरे को आगे बढ़ाने की पहल की जा रही है। उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र और तकनीकी पृष्ठभूमि वाले दीपक प्रकाश को मंत्रिमंडल में शामिल कर नीतीश कुमार की नई एनडीए सरकार ने इस संकेत को स्पष्ट कर दिया है कि अब अगली पीढ़ी के साथ राजनीति में परिवर्तन की राह खोली जाएगी। एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर से मंत्री तक का सफर तय करने वाले दीपक बिहार के उस आधुनिक राजनीतिक वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं,

बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत देखने को मिली है, जहां अनुभवी नेताओं की भीड़ के बीच युवा और तकनीकी सोच रखने वाले चेहरे को आगे बढ़ाने की पहल की जा रही है। उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र और तकनीकी पृष्ठभूमि वाले दीपक प्रकाश को मंत्रिमंडल में शामिल कर नीतीश कुमार की नई एनडीए सरकार ने इस संकेत को स्पष्ट कर दिया है कि अब अगली पीढ़ी के साथ राजनीति में परिवर्तन की राह खोली जाएगी। एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर से मंत्री तक का सफर तय करने वाले दीपक बिहार के उस आधुनिक राजनीतिक वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं,

नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद संभालते ही बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। इस बार कैबिनेट गठन में कुछ नाम पहले से तय माने जा रहे थे, परंतु जिन 12 नए चेहरों को मंत्री पद मिला, उन्होंने पूरे राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी। रामकृपाल यादव, दीपक, रमा, श्रेयसी और अन्य नेताओं की एंट्री को नीतीश कुमार और बीजेपी नेतृत्व की संयुक्त रणनीति बताया जा रहा है। यह नयी टीम सामाजिक समीकरणों को संतुलित करने के साथ आने वाले राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित करेगी। नीतीश कैबिनेट में बदलता जातीय और क्षेत्रीय

नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद संभालते ही बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। इस बार कैबिनेट गठन में कुछ नाम पहले से तय माने जा रहे थे, परंतु जिन 12 नए चेहरों को मंत्री पद मिला, उन्होंने पूरे राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी। रामकृपाल यादव, दीपक, रमा, श्रेयसी और अन्य नेताओं की एंट्री को नीतीश कुमार और बीजेपी नेतृत्व की संयुक्त रणनीति बताया जा रहा है। यह नयी टीम सामाजिक समीकरणों को संतुलित करने के साथ आने वाले राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित करेगी। नीतीश कैबिनेट में बदलता जातीय और क्षेत्रीय

बिहार मंत्रिमंडल 2025 का गठन और राजनीतिक संदेश बिहार में नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर अपने राजनीतिक अनुभव और कौशल को एक बार फिर साबित कर दिया है. पटना के गांधी मैदान में एनडीए सरकार के भव्य शपथ समारोह के साथ ही 26 सदस्यीय मंत्रिमंडल की घोषणा ने राज्य की राजनीति को एक नया संतुलन देने का संकेत दिया. इस मंत्रिमंडल में जातीय समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और राजनीतिक सौदेबाजी का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है. सबसे खास बात यह रही कि भाजपा को सबसे अधिक 14 मंत्रियों का स्थान मिला, जिसने राज्य की

बिहार मंत्रिमंडल 2025 का गठन और राजनीतिक संदेश बिहार में नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर अपने राजनीतिक अनुभव और कौशल को एक बार फिर साबित कर दिया है. पटना के गांधी मैदान में एनडीए सरकार के भव्य शपथ समारोह के साथ ही 26 सदस्यीय मंत्रिमंडल की घोषणा ने राज्य की राजनीति को एक नया संतुलन देने का संकेत दिया. इस मंत्रिमंडल में जातीय समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और राजनीतिक सौदेबाजी का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है. सबसे खास बात यह रही कि भाजपा को सबसे अधिक 14 मंत्रियों का स्थान मिला, जिसने राज्य की

बिहार की नई सरकार ने ली शपथ, नीतीश कुमार दसवीं बार बने मुख्यमंत्री पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में बिहार की नई सरकार ने शपथ ली। राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। यह इस बात का ऐतिहासिक क्षण था कि नीतीश कुमार दसवीं बार मुख्यमंत्री बने और इस समारोह में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मौजूद रहे। समारोह के दौरान राज्यभर से राजनीतिक कार्यकर्ता, समर्थक और प्रमुख हस्तियां एकत्रित हुईं और बिहार की नई राजनीतिक दिशा का स्वागत किया। समारोह में शामिल बड़ी संख्या में पहुंचे दर्शकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस

बिहार की नई सरकार ने ली शपथ, नीतीश कुमार दसवीं बार बने मुख्यमंत्री पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में बिहार की नई सरकार ने शपथ ली। राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। यह इस बात का ऐतिहासिक क्षण था कि नीतीश कुमार दसवीं बार मुख्यमंत्री बने और इस समारोह में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मौजूद रहे। समारोह के दौरान राज्यभर से राजनीतिक कार्यकर्ता, समर्थक और प्रमुख हस्तियां एकत्रित हुईं और बिहार की नई राजनीतिक दिशा का स्वागत किया। समारोह में शामिल बड़ी संख्या में पहुंचे दर्शकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस

बिहार में सत्ता की नई पटकथा: नीतीश कुमार की वापसी पर जनादेश से आगे राजनीति की गणित पटना के गांधी मैदान ने एक बार फिर इतिहास को दर्ज किया, जब बिहार की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेता नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह उनका दसवां कार्यकाल है, जो उन्हें न केवल राज्य के सबसे बड़े राजनीतिक व्यक्तित्व के रूप में स्थापित करता है, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी उनके प्रभाव और बदलते समीकरणों को उजागर करता है। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति ने इस पूरे घटनाक्रम को एक विशेष राजनीतिक महत्व प्रदान किया,

बिहार में सत्ता की नई पटकथा: नीतीश कुमार की वापसी पर जनादेश से आगे राजनीति की गणित पटना के गांधी मैदान ने एक बार फिर इतिहास को दर्ज किया, जब बिहार की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेता नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह उनका दसवां कार्यकाल है, जो उन्हें न केवल राज्य के सबसे बड़े राजनीतिक व्यक्तित्व के रूप में स्थापित करता है, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी उनके प्रभाव और बदलते समीकरणों को उजागर करता है। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति ने इस पूरे घटनाक्रम को एक विशेष राजनीतिक महत्व प्रदान किया,

नीतीश कैबिनेट विस्तार: बिहार की नई राजनीतिक तस्वीर बिहार की राजनीति एक बार फिर नए समीकरणों के साथ बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार के गठन की औपचारिकता पूरी होने जा रही है, और इसके साथ ही मंत्रिमंडल के स्वरूप को लेकर राजनीतिक गलियारों में तेजी से चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि नई कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत 18 मंत्री शपथ ले सकते हैं। देर रात तक संभावित मंत्रियों को फोन के माध्यम से सूचनाएं भेजने की तैयारी चलती रही और बड़े नामों की सूची लगभग तय

नीतीश कैबिनेट विस्तार: बिहार की नई राजनीतिक तस्वीर बिहार की राजनीति एक बार फिर नए समीकरणों के साथ बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार के गठन की औपचारिकता पूरी होने जा रही है, और इसके साथ ही मंत्रिमंडल के स्वरूप को लेकर राजनीतिक गलियारों में तेजी से चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि नई कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत 18 मंत्री शपथ ले सकते हैं। देर रात तक संभावित मंत्रियों को फोन के माध्यम से सूचनाएं भेजने की तैयारी चलती रही और बड़े नामों की सूची लगभग तय

पीएम-किसान की 21वीं किस्त से किसानों में नई उम्मीदों का संचार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को तमिलनाडु के कोयम्बटूर से पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त जारी कर दी। इस मौके पर लगभग 18,000 करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए, जिससे करीब 9 करोड़ किसानों को सीधा लाभ मिला। अब तक इस योजना के तहत 11 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को 3.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है। यह एक ऐसा क्षण था जिसने देशभर के किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी। आर्थिक दबाव से जूझ

पीएम-किसान की 21वीं किस्त से किसानों में नई उम्मीदों का संचार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को तमिलनाडु के कोयम्बटूर से पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त जारी कर दी। इस मौके पर लगभग 18,000 करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए, जिससे करीब 9 करोड़ किसानों को सीधा लाभ मिला। अब तक इस योजना के तहत 11 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को 3.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है। यह एक ऐसा क्षण था जिसने देशभर के किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी। आर्थिक दबाव से जूझ

झूम उठा धमदाहा, लेशी सिंह दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल होने को तैयार समर्थकों में माहौल उल्लासपूर्ण, पटना में जुटे कार्यकर्ता पूर्णिया जिले में जदयू समर्थकों का उत्सव चरम पर पहुंच गया है, क्योंकि जदयू की वरिष्ठ नेत्री और धमदाहा से लगातार छठी बार जीत हासिल करने वाली लेशी सिंह एक बार फिर मंत्री पद की शपथ लेने जा रही हैं। जैसे ही यह सूचना सामने आई, उनके समर्थकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और कई कार्यकर्ता पटना के लिए रवाना हो चुके हैं। क्षेत्र में जश्न के कार्यक्रम लगातार जारी हैं, जो यह संकेत देते हैं कि सीमांचल में

झूम उठा धमदाहा, लेशी सिंह दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल होने को तैयार समर्थकों में माहौल उल्लासपूर्ण, पटना में जुटे कार्यकर्ता पूर्णिया जिले में जदयू समर्थकों का उत्सव चरम पर पहुंच गया है, क्योंकि जदयू की वरिष्ठ नेत्री और धमदाहा से लगातार छठी बार जीत हासिल करने वाली लेशी सिंह एक बार फिर मंत्री पद की शपथ लेने जा रही हैं। जैसे ही यह सूचना सामने आई, उनके समर्थकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और कई कार्यकर्ता पटना के लिए रवाना हो चुके हैं। क्षेत्र में जश्न के कार्यक्रम लगातार जारी हैं, जो यह संकेत देते हैं कि सीमांचल में

नीतीश कुमार पुनः एनडीए विधायक दल के नेता निर्वाचित, बिहार में पुनः बनेगी सरकार बिहार विधान सभा में सर्वसम्मति से नेतृत्व का चयन पटना, 19 नवम्बर। बिहार की राजनीति में एक बार फिर सत्ता परिवर्तन के कगार पर निर्णायक क्षण आया, जब एनडीए के विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बिहार विधान सभा भवन के केंद्रीय हाल में आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान सर्वसम्मति से जनता दल (यू) के प्रमुख नीतीश कुमार को पुनः विधायक दल का नेता चुना गया। इसके साथ ही उनका मार्ग एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की ओर प्रशस्त हो गया है। शपथ ग्रहण की

नीतीश कुमार पुनः एनडीए विधायक दल के नेता निर्वाचित, बिहार में पुनः बनेगी सरकार बिहार विधान सभा में सर्वसम्मति से नेतृत्व का चयन पटना, 19 नवम्बर। बिहार की राजनीति में एक बार फिर सत्ता परिवर्तन के कगार पर निर्णायक क्षण आया, जब एनडीए के विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बिहार विधान सभा भवन के केंद्रीय हाल में आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान सर्वसम्मति से जनता दल (यू) के प्रमुख नीतीश कुमार को पुनः विधायक दल का नेता चुना गया। इसके साथ ही उनका मार्ग एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की ओर प्रशस्त हो गया है। शपथ ग्रहण की

बिहार में नई सरकार बनाने की प्रक्रिया तेज, नीतीश कुमार का इस्तीफा और शपथ की तैयारी इस्तीफे के बाद सत्ता परिवर्तन का नया अध्याय बिहार की राजनीति एक बार फिर इतिहास के अहम पन्नों पर दर्ज होती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है और इसके साथ ही नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। यह इस्तीफा न सिर्फ सत्ता परिवर्तन का प्रतीक है, बल्कि राज्य में बदलते राजनीतिक समीकरणों, नई रणनीतियों और लगातार सक्रिय हो रहे गठबंधन राजनीति की दिशा में भी बड़ा संकेत देता है। राजनीतिक हलचलों

बिहार में नई सरकार बनाने की प्रक्रिया तेज, नीतीश कुमार का इस्तीफा और शपथ की तैयारी इस्तीफे के बाद सत्ता परिवर्तन का नया अध्याय बिहार की राजनीति एक बार फिर इतिहास के अहम पन्नों पर दर्ज होती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है और इसके साथ ही नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। यह इस्तीफा न सिर्फ सत्ता परिवर्तन का प्रतीक है, बल्कि राज्य में बदलते राजनीतिक समीकरणों, नई रणनीतियों और लगातार सक्रिय हो रहे गठबंधन राजनीति की दिशा में भी बड़ा संकेत देता है। राजनीतिक हलचलों

नीतीश कुमार का फिर से मुख्यमंत्री पद पर वापसी का ऐतिहासिक क्षण एनडीए विधायकों की बैठक से तय हुआ नया नेतृत्व पटना में आयोजित एनडीए विधायकों की बैठक ने राजनीतिक रूप से एक बड़ा संदेश दिया। बैठक में सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री पद के लिए नीतीश कुमार का नाम प्रस्तावित किया गया। बीजेपी नेता सम्राट चौधरी ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने समर्थन दिया। इससे यह साफ हो गया कि बिहार की सत्ता में नीतीश कुमार एक बार फिर केंद्रीय भूमिका निभाएंगे। हिंदुस्तान की राजनीति में नीतीश कुमार को इतने लंबे समय तक सक्रिय और प्रभावशाली बने

नीतीश कुमार का फिर से मुख्यमंत्री पद पर वापसी का ऐतिहासिक क्षण एनडीए विधायकों की बैठक से तय हुआ नया नेतृत्व पटना में आयोजित एनडीए विधायकों की बैठक ने राजनीतिक रूप से एक बड़ा संदेश दिया। बैठक में सर्वसम्मति से मुख्यमंत्री पद के लिए नीतीश कुमार का नाम प्रस्तावित किया गया। बीजेपी नेता सम्राट चौधरी ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने समर्थन दिया। इससे यह साफ हो गया कि बिहार की सत्ता में नीतीश कुमार एक बार फिर केंद्रीय भूमिका निभाएंगे। हिंदुस्तान की राजनीति में नीतीश कुमार को इतने लंबे समय तक सक्रिय और प्रभावशाली बने

प्रशांत किशोर: चुनावी हार से बेचैनी, मगर संघर्ष जारी रहने का ऐलान बिहार में जन सुराज की करारी हार और पीके का दर्द पटना/नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 ने कई राजनीतिक समीकरण बदल दिए। इन बदलावों में सबसे प्रमुख नाम है जन सुराज पार्टी के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार के रूप में पहचान बना चुके प्रशांत किशोर। चुनाव में एक भी सीट न जीत पाने के बाद अब उन्होंने चुनावी नतीजों पर अपनी पीड़ा और संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता सार्वजनिक की है। नींद न आना, सदमे में होना और आत्मविश्लेषण जैसे भावनात्मक पहलुओं को व्यक्त करते हुए प्रशांत

प्रशांत किशोर: चुनावी हार से बेचैनी, मगर संघर्ष जारी रहने का ऐलान बिहार में जन सुराज की करारी हार और पीके का दर्द पटना/नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 ने कई राजनीतिक समीकरण बदल दिए। इन बदलावों में सबसे प्रमुख नाम है जन सुराज पार्टी के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार के रूप में पहचान बना चुके प्रशांत किशोर। चुनाव में एक भी सीट न जीत पाने के बाद अब उन्होंने चुनावी नतीजों पर अपनी पीड़ा और संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता सार्वजनिक की है। नींद न आना, सदमे में होना और आत्मविश्लेषण जैसे भावनात्मक पहलुओं को व्यक्त करते हुए प्रशांत

बिहार की सत्ता में वापसी की तैयारी और राजनीतिक हलचल नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। प्रदेश में नई सरकार गठन की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपने का निर्णय किया है, जिसके बाद विधानसभा भंग करने की औपचारिक प्रक्रिया प्रारंभ होगी। इसके बाद गठबंधन दलों के बीच सहमति के अनुरूप नई मंत्रिपरिषद का गठन होगा, जिसकी शपथ 20 नवंबर को होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

बिहार की सत्ता में वापसी की तैयारी और राजनीतिक हलचल नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। प्रदेश में नई सरकार गठन की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंपने का निर्णय किया है, जिसके बाद विधानसभा भंग करने की औपचारिक प्रक्रिया प्रारंभ होगी। इसके बाद गठबंधन दलों के बीच सहमति के अनुरूप नई मंत्रिपरिषद का गठन होगा, जिसकी शपथ 20 नवंबर को होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद महागठबंधन के घटक दलों की चुप्पी ने राज्य की सियासत में नए सवाल खड़े कर दिए हैं। चार दिन बीत जाने के बाद भी न तेजस्वी यादव सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं और न ही कांग्रेस की ओर से कोई ठोस बयान दिया गया है। यह मौन सिर्फ पराजय का असर नहीं, बल्कि गठबंधन के भीतर बढ़ती खींचतान, नेतृत्व की उलझन और आगे की रणनीति पर गहराते संशय का संकेत माना जा रहा है। तेजस्वी यादव की खामोशी के पीछे क्या है कारण राजद की ओर से सबसे ज्यादा चर्चा

बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद महागठबंधन के घटक दलों की चुप्पी ने राज्य की सियासत में नए सवाल खड़े कर दिए हैं। चार दिन बीत जाने के बाद भी न तेजस्वी यादव सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं और न ही कांग्रेस की ओर से कोई ठोस बयान दिया गया है। यह मौन सिर्फ पराजय का असर नहीं, बल्कि गठबंधन के भीतर बढ़ती खींचतान, नेतृत्व की उलझन और आगे की रणनीति पर गहराते संशय का संकेत माना जा रहा है। तेजस्वी यादव की खामोशी के पीछे क्या है कारण राजद की ओर से सबसे ज्यादा चर्चा