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Emergency Alert: क्या आपके फोन पर भी बजी “Alert” की घंटी? जानिए क्या है और क्यों आया यह मैसेज

Emergency Alert: क्या आपके फोन पर भी बजी “Alert” की घंटी? जानिए क्या है और क्यों आया यह मैसेज
Emergency Alert: क्या आपके फोन पर भी बजी "Alert” की घंटी? जानिए क्या है और क्यों आया यह मैसेज (Pic Credit- X @Ankittt410)

आज सुबह अचानक तेज आवाज के साथ स्मार्टफोन पर आए “Emergency Severe Alert” ने कई लोगों को चौंका दिया। किसी ने इसे खतरा समझा तो किसी ने स्कैम। आखिर यह मैसेज क्यों आया और क्या यह किसी बड़े खतरे का संकेत है? जानिए आपके फोन पर क्यों बजा यह अलर्ट।

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Dipali Kumari
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Emergency Alert: आज 2 मई की सुबह अचानक देशभर में हजारों लोगों के स्मार्टफोन एक साथ तेज और असामान्य अलार्म टोन के साथ बज उठे। फोन स्क्रीन पर “Emergency Severe Alert” लिखा देख कई लोग घबरा गए। कुछ को लगा कि फोन हैक हो गया है, तो कई लोगों ने इसे किसी साइबर फ्रॉड या स्कैम का हिस्सा समझ लिया। सोशल मीडिया पर भी देखते ही देखते सवालों की बाढ़ आ गई “क्या ये कोई खतरे की चेतावनी है?”, “फोन में दिक्कत तो नहीं?”, “क्या करना चाहिए?”

आखिर क्या है ये अलर्ट ?

लेकिन राहत की बात यह है कि यह कोई खतरे की घंटी नहीं, बल्कि भारत सरकार द्वारा किया गया एक आधिकारिक टेस्ट था। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) देशभर में नए वायरलेस इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम की जांच कर रहा है, ताकि भविष्य में किसी भी प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदा के दौरान लोगों तक समय रहते जरूरी सूचना पहुंचाई जा सके।

दरअसल, यह सेल ब्रॉडकास्टिंग तकनीक पर आधारित एक सैंपल टेस्ट मैसेज था, जिसे खास तौर पर सिस्टम की क्षमता परखने के लिए भेजा गया। इसका मतलब साफ है कि अगर आपके फोन पर भी यह अलर्ट आया, तो घबराने या कोई विशेष कदम उठाने की जरूरत नहीं है। यह सिर्फ यह जांचने के लिए था कि आपात स्थिति में सरकार कितनी तेजी से प्रभावित क्षेत्र के लोगों तक संदेश पहुंचा सकती है।

आपदा के वक्त मिलेगी चेतावनी

इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी एक मोबाइल नंबर पर निर्भर नहीं करती। जिस क्षेत्र में खतरा होगा, वहां मौजूद सभी स्मार्टफोन्स पर एक साथ अलर्ट भेजा जा सकेगा। यानी बाढ़, भूकंप, सुनामी, चक्रवात, आकाशीय बिजली, गैस रिसाव या रासायनिक दुर्घटना जैसी स्थिति में लोगों को कुछ ही सेकंड में चेतावनी मिल सकेगी।

आज के दौर में जब लगभग हर व्यक्ति के हाथ में स्मार्टफोन है, ऐसे में यह तकनीक टीवी या रेडियो से कहीं ज्यादा तेज और प्रभावी साबित हो सकती है। खास बात यह भी है कि भविष्य में युद्ध, आतंकी खतरे या राष्ट्रीय आपातकाल जैसी गंभीर परिस्थितियों में भी इसी सिस्टम का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।