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भारत में नहीं आएगा WhatsApp Username फीचर! सरकार ने लगाई रोक, Meta को भेजा नोटिस

भारत में नहीं आएगा WhatsApp Username फीचर! सरकार ने लगाई रोक, Meta को भेजा नोटिस
भारत में नहीं आएगा WhatsApp Username फीचर! सरकार ने लगाई रोक, Meta को भेजा नोटिस

WhatsApp जल्द ही Username फीचर लॉन्च करने की तैयारी में था, लेकिन भारत में इसकी एंट्री फिलहाल रुक गई है। केंद्र सरकार ने Meta को नोटिस भेजकर फीचर पर कई सवाल उठाए हैं। सरकार का कहना है कि इससे ऑनलाइन ठगी और फर्जी पहचान के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है।

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Dipali Kumari
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WhatsApp Username: Meta अपने मैसेजिंग ऐप WhatsApp में एक नया Username फीचर लाने की तैयारी कर रहा था। इस फीचर के आने के बाद यूजर्स बिना अपना मोबाइल नंबर बताए सिर्फ एक यूनिक यूजरनेम के जरिए दूसरे लोगों से जुड़ सकेंगे। लेकिन भारत में इस फीचर की लॉन्चिंग फिलहाल रोक दी गई है। केंद्र सरकार ने Meta को नोटिस जारी कर साफ कहा है कि जब तक सरकार की सभी चिंताओं का समाधान नहीं होता, तब तक WhatsApp भारत में Username फीचर लॉन्च नहीं कर सकता।

सरकार ने Meta को तीन दिनों के भीतर इस फीचर पर विस्तृत जवाब देने का निर्देश दिया है। नोटिस में कहा गया है कि कंपनी यह बताए कि नए फीचर से यूजर्स की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी और इसका गलत इस्तेमाल कैसे रोका जाएगा।

सरकार को क्यों है चिंता?

सरकार का मानना है कि Username फीचर का फायदा साइबर ठग उठा सकते हैं। अगर लोग मोबाइल नंबर की जगह सिर्फ यूजरनेम से संपर्क कर पाएंगे, तो अपराधियों के लिए अपनी पहचान छिपाना आसान हो जाएगा। इससे ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी पहचान बनाकर लोगों को धोखा देने जैसे मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है।

फर्जी पहचान बनाकर कर सकते हैं ठगी

सरकार को यह भी डर है कि कोई भी व्यक्ति किसी मशहूर कंपनी, बैंक, सरकारी विभाग या अधिकारी से मिलता-जुलता यूजरनेम बनाकर लोगों को आसानी से गुमराह कर सकता है। ठग खुद को पुलिस, सीबीआई, बैंक अधिकारी या सरकारी कर्मचारी बताकर लोगों से पैसे ऐंठने की कोशिश कर सकते हैं।

Meta से पूछा- कार्रवाई क्यों न की जाए?

सरकार ने नोटिस में Meta से यह भी पूछा है कि जब कंपनी को पहले से पता है कि इस फीचर का गलत इस्तेमाल हो सकता है, तो उसके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और अन्य नियमों के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए। कंपनी को इसका लिखित और विस्तृत जवाब देना होगा।

फिलहाल भारत में WhatsApp का Username फीचर शुरू नहीं होगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि Meta के जवाब और दोनों पक्षों के बीच बातचीत पूरी होने के बाद ही इस फीचर को लॉन्च करने पर फैसला लिया जाएगा। यानी फिलहाल भारतीय यूजर्स को इस नए फीचर के लिए इंतजार करना होगा।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।