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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय सेना की ताकत दुनिया को दिखाई, आतंकवाद के खिलाफ देश का फैसला मजबूत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय सेना की ताकत दुनिया को दिखाई, आतंकवाद के खिलाफ देश का फैसला मजबूत
Operation Sindoor: राष्ट्रपति मुर्मू ने संसद में बताया भारतीय सेना की ताकत का परिचय (Image: AIR)

Operation Sindoor: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बजट सत्र में संसद को संबोधित करते हुए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने आतंकवाद के खिलाफ मजबूत कदम उठाए हैं। रक्षा उत्पादन डेढ़ लाख करोड़ पार हुआ। नक्सलवाद 126 से घटकर 8 जिलों तक सीमित हुआ। विकसित भारत के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

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Asfi Shadab
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए देश की सुरक्षा, विकास और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बजट सत्र के पहले दिन उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय सेना ने अपनी ताकत और साहस का परिचय पूरी दुनिया को दिया है। राष्ट्रपति ने कहा कि देश ने अपने संसाधनों का उपयोग करते हुए आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट किया है।

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि सरकार ने एक मजबूत संदेश दिया है कि भारत पर होने वाले किसी भी आतंकी हमले का जवाब कड़ा और निर्णायक होगा। देश अब आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगा।

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि सिंधु जल संधि को निलंबित करना भी भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का हिस्सा है। यह फैसला देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

मिशन सुदर्शन चक्र से रक्षा प्रणाली मजबूत

राष्ट्रपति ने बताया कि देश की रक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र चल रहा है। इस मिशन के तहत भारत अपनी सुरक्षा को आधुनिक तकनीक से लैस कर रहा है। उन्होंने कहा कि साल 2025 में भारत का रक्षा उत्पादन डेढ़ लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। यह देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

रक्षा निर्यात में भी रिकॉर्ड बनाया गया है। अब तक 23 हजार करोड़ रुपये का निर्यात हो चुका है। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद मेड इन इंडिया रक्षा उपकरणों पर विश्वास और मजबूत हुआ है।

नक्सलवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई

राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार की नीति के अनुसार सुरक्षा बलों ने नक्सली आतंक के खिलाफ भी मजबूती से कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि पहले देश के 126 जिलों में असुरक्षा, डर और अविश्वास का माहौल था। नक्सली विचारधारा ने कई पीढ़ियों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया था। इससे युवा, आदिवासी और दलित सबसे ज्यादा प्रभावित हुए थे।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आज नक्सली आतंक की चुनौती 126 जिलों से घटकर सिर्फ आठ जिलों तक सीमित हो गई है। इनमें से भी सिर्फ तीन जिले ही सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पिछले साल करीब दो हजार नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इससे लाखों नागरिकों के जीवन में शांति लौटी है। पूरा देश नक्सल प्रभावित इलाकों के बदलाव को देख रहा है।

सामाजिक न्याय और गरीबी उन्मूलन

राष्ट्रपति ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर हमेशा समानता और सामाजिक न्याय पर जोर देते थे। संविधान भी इसी भावना से लोगों को प्रेरित करता है। सरकार सामाजिक न्याय के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके परिणामस्वरूप पिछले दशक में 25 करोड़ नागरिक गरीबी से बाहर आए हैं।

राष्ट्रपति मुर्मू ने बताया कि सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को सशक्त बनाने का अभियान और तेज गति से आगे बढ़ा है। साल 2014 की शुरुआत में सामाजिक सुरक्षा योजनाएं सिर्फ 25 करोड़ नागरिकों तक पहुंच पाती थीं। अब सरकार के निरंतर प्रयासों से करीब 95 करोड़ भारतीयों के पास सामाजिक सुरक्षा कवर है।

कृषि उत्पादन में वृद्धि

राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार की सही नीतियों और पहलों से देश में कृषि उत्पादन में तेजी से वृद्धि हुई है। खाद्यान्न और बागवानी फसलों का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। सरकार उन फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए भी काम कर रही है जिनमें कृषि क्षेत्र पिछड़ा हुआ था।

राष्ट्रपति मुर्मू ने बताया कि खाद्य तेल, तिलहन और दलहन पर राष्ट्रीय मिशन के माध्यम से सरकार कृषि उत्पादों के आयात को कम करना चाहती है। देश इन क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।

नवीकरणीय ऊर्जा और बुनियादी ढांचा

राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि इस दशक के अंत तक भारत 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य जरूर हासिल करेगा। उन्होंने बताया कि पिछले 11 सालों में पूर्वोत्तर क्षेत्र में सात हजार 200 किलोमीटर से ज्यादा राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए गए हैं। इससे दूरदराज, पहाड़ी, आदिवासी और सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचना आसान हो गया है।

ग्रामीण रोजगार और विकास

राष्ट्रपति ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार और विकास के लिए विकसित भारत ग्राम ग नाम से एक कानून बनाया गया है। यह नया कानून गांवों में 125 दिन के गारंटीकृत रोजगार को सुनिश्चित करेगा। साथ ही यह भ्रष्टाचार और रिसाव को रोकने में मदद करेगा। यह योजना ग्रामीण विकास को नई गति देगी और किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के लिए नई सुविधाएं बनाएगी।

न्याय व्यवस्था में सुधार

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि किसी भी न्याय व्यवस्था की सच्ची सफलता इस बात से मापी जाती है कि वह नागरिकों में डर की बजाय सुरक्षा, सहजता और सशक्तिकरण की भावना पैदा करे। इसी सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए भारतीय न्याय संहिता को तेजी से लागू किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जन विश्वास अधिनियम का एक नया संस्करण पेश किया गया है। अब तक 300 से ज्यादा प्रावधानों को आपराधिक अपराधों की श्रेणी से हटाया जा चुका है। यह कदम नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए उठाया गया है।

विकसित भारत की ओर

राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले दस से ग्यारह सालों में भारत ने हर क्षेत्र में अपनी नींव मजबूत की है। साल 2026 विकसित भारत की यात्रा के लिए एक बड़ा आधार है। सरकार विकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए सुधारों की रफ्तार को और तेज करेगी।

राष्ट्रपति मुर्मू ने विश्वास जताया कि संसद, सरकार और नागरिक मिलकर विकसित भारत के संकल्प को पूरा करेंगे। नागरिक राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च महत्व देते हुए और संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखते हुए आगे बढ़ेंगे। राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नागरिक राष्ट्रीय हित और देश के कल्याण के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे।

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असफ़ी शादाब वरिष्ठ पत्रकार और संवाददाता हैं, जो राष्ट्र भारत में महाराष्ट्र और कोलकाता से क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से जुड़े विषयों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं। उन्हें जमीनी पत्रकारिता, प्रशासनिक मामलों और समसामयिक घटनाक्रमों की गहरी समझ है। उनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक, शोध आधारित और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित होती है, जिससे पाठकों को विश्वसनीय और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है। अनुभव : पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है। प्रशासनिक कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, राजनीतिक घटनाक्रम और अपराध से जुड़े मामलों की फील्ड कवरेज उनकी प्रमुख पहचान रही है। वर्तमान भूमिका : राष्ट्र भारत में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में वे क्राइम, राजनीति, खेल और सरकारी नीतियों से संबंधित खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं। वे जमीनी सच्चाई को सरल और आम पाठक की भाषा में प्रस्तुत करने को प्राथमिकता देते हैं। भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस महाराष्ट्र और कोलकाता रहा है, जहां वे स्थानीय प्रशासन, राजनीतिक गतिविधियों, अपराध और खेल जगत से जुड़े विषयों को करीब से कवर करते हैं। उनकी क्षेत्रीय समझ और फील्ड अनुभव उनकी रिपोर्टिंग को अधिक प्रामाणिक बनाते हैं। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • क्राइम रिपोर्टिंग : अपराध, पुलिस जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की तथ्यपरक कवरेज। • राजनीति और शासन : सरकारी नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग। • खेल पत्रकारिता : खेल जगत की प्रमुख घटनाओं, खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग। • ग्राउंड रिपोर्टिंग : फील्ड विजिट, स्थानीय स्रोतों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर जमीनी सच्चाई सामने लाना। • जनहित पत्रकारिता : आम लोगों से जुड़े मुद्दों और प्रशासनिक प्रभावों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तथ्यों की सटीकता, आधिकारिक स्रोतों पर आधारित रिपोर्टिंग और जमीनी अनुभव ने असफ़ी शादाब को एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। क्राइम, राजनीति और प्रशासनिक विषयों पर उनकी निरंतर फील्ड रिपोर्टिंग पाठकों के बीच उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाती है।