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ट्विशा शर्मा मौत मामला: गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट पहुंचा फरार पति समर्थ सिंह, पुलिस ने बढ़ाई इनाम की राशि

ट्विशा शर्मा मौत मामला: गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट पहुंचा फरार पति समर्थ सिंह, पुलिस ने बढ़ाई इनाम की राशि
Twisha Death Case: सास गिरिबाला सिंह के घर पहुंची CBI, खंगाला क्राइम सीन

ट्विशा शर्मा मौत मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। फरार चल रहे पति समर्थ सिंह ने अब गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट का रुख किया है। वहीं पुलिस ने उस पर इनाम राशि बढ़ा दी है। दूसरी तरफ वायरल ऑडियो और सीबीआई जांच की चर्चा ने मामले को और गर्मा दिया है।

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Dipali Kumari
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Twisha Death Case: नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की भोपाल स्थित ससुराल में हुई संदिग्ध मौत का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस केस में अब एक नया मोड़ सामने आया है। मामले के मुख्य आरोपी और ट्विशा के पति समर्थ सिंह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बताया जा रहा है कि समर्थ सिंह फिलहाल फरार है और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही है।

इनाम की राशि 30 हजार रुपये

इसी बीच पुलिस ने उस पर घोषित इनाम की राशि भी बढ़ा दी है। पहले समर्थ पर 10 हजार रुपये का इनाम था, जिसे अब बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश कई जगहों पर की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, समर्थ सिंह ने सबसे पहले भोपाल की अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, लेकिन वहां से उसे राहत नहीं मिली। अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद अब उसने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया है।

ट्विशा के मायके वाले कर रहे दोबारा पोस्टमार्टम की मांग

दूसरी तरफ ट्विशा शर्मा का परिवार भी इस मामले में लगातार न्याय की मांग कर रहा है। परिवार दोबारा पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग कर रहा था, लेकिन सत्र न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर दी। अब ट्विशा के परिजन इस फैसले को जबलपुर हाई कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। मामले में सीबीआई जांच की मांग भी तेज होती जा रही है।

ट्विशा के परिजनों ने की सीएम मोहन यादव से मुलाकात

सूत्रों के अनुसार, ट्विशा के परिजनों ने हाल ही में मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की थी। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच की मांग पर सहमति जताई है। इसके बाद से चर्चा तेज हो गई है कि मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेज सकती है। परिवार का कहना है कि उन्हें स्थानीय जांच पर भरोसा नहीं है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

ट्विशा की सास का ऑडियो वायरल

इसी बीच इस केस में एक और नया मोड़ तब आया, जब ट्विशा की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल ऑडियो में ट्विशा को लेकर कई गंभीर बातें कही जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने इसे भी जांच के दायरे में शामिल कर लिया है। सोशल मीडिया पर यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है और लोग पूरे मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।

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Dipali Kumari

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।