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रामनवमी पर डीजे बैन को लेकर झारखंड विधानसभा में जोरदार हंगामा, भाजपा-जेएमएम आमने-सामने

रामनवमी पर डीजे बैन को लेकर झारखंड विधानसभा में जोरदार हंगामा, भाजपा-जेएमएम आमने-सामने
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झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान रामनवमी में डीजे बजाने के मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। भाजपा विधायकों ने सरकार पर हिंदुओं को टारगेट करने का आरोप लगाया, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे राजनीतिक मुद्दा बताया। शोरगुल के बीच स्पीकर ने सदन में व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।

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Dipali Kumari
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Jharkhand News: झारखंड विधानसभा में आज बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया. दरअसल रामनवमी पर डीजे बजाने पर रोक लगाने को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. भाजपा विधायकों ने सरकार को घेरते हुए विरोध जताया.

सदन के बीच वेल में गए विधायक

भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने सदन में सवाल उठाते हुए कहा कि अक्सर हिंदू पर्व-त्योहारों के दौरान ही डीजे बजाने पर रोक लगा दी जाती है, जबकि अन्य धर्मों के त्योहारों पर ऐसी कोई पाबंदी नहीं लगाई जाती. इसी मुद्दे को लेकर भाजपा के विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और वेल में चले गए.

झारखंड सरकार ने नहीं सुप्रीम कोर्ट ने लगाया प्रतिबंध

हंगामे के बीच विधायक प्रदीप यादव ने भाजपा के आरोपों का खंडन किया. इस पर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि देर रात तक डीजे बजाने पर रोक झारखंड सरकार ने नहीं लगाया है, बल्कि यह आदेश सुप्रीम कोर्ट का है कि रात 10 बजे के बाद तेज आवाज में डीजे बजाना मना है. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में भी डीजे बजाने पर रोक लागू है।

मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि आज पूरा भारत देश कई तरह की गंभीर परेशानियों से जूझ रहा है. गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम आदमी को परेशानी हो रही है. यह वक्त हिंदू-मुस्लिम करने का नहीं बल्कि एकता है. मंत्री ने देश की वर्तमान स्थिति को लेकर चिंता जताई.

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दीपाली कुमारी सक्रिय पत्रकार और हिंदी कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन वर्षों का अनुभव है। उन्होंने रांची के गोस्सनर कॉलेज से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। सामाजिक सरोकारों, जन-जागरूकता और जमीनी मुद्दों पर तथ्यपरक एवं संवेदनशील लेखन उनकी प्रमुख पहचान है। आम लोगों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाना और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य है। अनुभव : पिछले तीन वर्षों से वे सक्रिय पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों, जनहित विषयों और स्थानीय समस्याओं पर लगातार लेखन किया है। उनकी रिपोर्टिंग और लेखन शैली जमीनी समझ, स्पष्ट प्रस्तुति और पाठक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। वर्तमान फोकस : वे समाज, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, जन-जागरूकता और सामाजिक बदलाव से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं। उनकी प्राथमिकता ऐसी खबरें और लेख तैयार करना है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव बनाएं और सकारात्मक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करें। मुख्य विशेषज्ञता (Core Expertise) : • सामाजिक मुद्दों पर लेखन : जनहित, सामाजिक बदलाव और आम लोगों से जुड़े विषयों पर संवेदनशील और प्रभावशाली रिपोर्टिंग। • जमीनी रिपोर्टिंग : स्थानीय समस्याओं और वास्तविक परिस्थितियों को सरल एवं स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करना। • जन-जागरूकता आधारित कंटेंट : शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर जानकारीपूर्ण लेखन। • हिंदी कंटेंट निर्माण : पाठकों के लिए सहज, विश्वसनीय और प्रभावी हिंदी कंटेंट तैयार करने में विशेषज्ञता। विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : जमीनी मुद्दों की गहरी समझ, निष्पक्ष दृष्टिकोण और समाज-केंद्रित लेखन शैली ने दीपाली कुमारी को एक संवेदनशील और भरोसेमंद हिंदी पत्रकार के रूप में स्थापित किया है। जनहित से जुड़े विषयों पर उनकी निरंतर सक्रियता और तथ्यपरक लेखन उनकी विश्वसनीयता को मजबूत बनाते हैं।