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नागपुर मनपा में ई-ऑफिस व्यवस्था पर सवाल, विकास कार्यों में देरी को लेकर कार्रवाई की मांग

नागपुर मनपा में ई-ऑफिस व्यवस्था पर सवाल, विकास कार्यों में देरी को लेकर कार्रवाई की मांग
Nagpur Municipal Corporation E-Office Delay Development Work: नागपुर मनपा में ई-ऑफिस व्यवस्था पर सवाल, विकास कार्यों में देरी को लेकर कार्रवाई की मांग (Image: AI)

Nagpur Municipal Corporation E-Office Delay Development Work: नागपुर महानगरपालिका की स्थायी समिति बैठक में ई-ऑफिस प्रणाली को लेकर कांग्रेस नगरसेवक अभिजीत झा ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना प्रशिक्षण और तैयारी के डिजिटल व्यवस्था लागू करने से विकास कार्यों की फाइलें लंबित हो रही हैं। उन्होंने आईटी विशेषज्ञों की नियुक्ति, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

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Asfi Shadab
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नागपुर मनपा की ई-ऑफिस व्यवस्था पर उठे सवाल

Nagpur Municipal Corporation E-Office Delay Development Work: नागपुर, 21 जुलाई। नागपुर महानगरपालिका की स्थायी समिति की बैठक में कांग्रेस नगरसेवक एवं समिति सदस्य अभिजीत झा ने डिजिटल वर्क मॉड्यूल (ई-ऑफिस) के क्रियान्वयन में अव्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त प्रशिक्षण और तैयारी के लागू की गई इस व्यवस्था के कारण विकास कार्यों की फाइलें अनावश्यक रूप से लंबित हो रही हैं, जिससे नागरिकों को परेशानी हो रही है।

झा के अनुसार, पहले फाइलें मैन्युअल तरीके से तैयार होती थीं, लेकिन 1 अगस्त से ई-ऑफिस लागू करने के निर्देशों के बावजूद पहले से तैयार फाइलें वापस भेजी जा रही हैं। इससे तकनीकी स्वीकृति, प्रशासनिक मंजूरी, निविदा और कार्यादेश जैसी सभी प्रक्रियाओं में देरी हो रही है।

उन्होंने प्रशासन से पूछा कि यदि व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल होगी, तो स्थायी समिति सदस्यों को फाइलें देखने के लिए डिजिटल लॉगिन या विशेष सुविधा मिलेगी या नहीं  और कहा कि इस पर अब तक कोई स्पष्ट नीति सामने नहीं आई है।

बिना प्रशिक्षण के डिजिटल प्रणाली लागू करने से विकास कार्यों में देरी का आरोप

झा ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले प्रशासनिक कार्यकाल में ई-ऑफिस लागू नहीं किया गया था और उस दौरान फाइलों में कथित अनियमितताएं हुईं, जिनकी जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उन्होंने की।

उन्होंने स्पष्ट किया कि डिजिटल व्यवस्था से उन्हें कोई आपत्ति नहीं, लेकिन बिना तैयारी के इसे लागू करना गलत है। उन्होंने हर विभाग में आईटी विशेषज्ञों की नियुक्ति, कर्मचारी प्रशिक्षण, तकनीकी खामियां दूर करने और अभियंताओं की जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई।

झा ने चेतावनी दी कि यदि फाइलें रोकने की प्रवृत्ति नहीं रुकी, तो जनहित में आंदोलन किया जाएगा। स्थायी समिति की अगली बैठक में प्रशासन के जवाब पर सबकी नजर रहेगी।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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