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Nagpur News: धान खरीदी व्यवस्था सुधारने की तैयारी, डॉ. परिणय फुके समिति ने मंत्री को सौंपी रिपोर्ट

Nagpur News: धान खरीदी व्यवस्था सुधारने की तैयारी, डॉ. परिणय फुके समिति ने मंत्री को सौंपी रिपोर्ट
Parinay Fuke Committee Paddy Procurement Report: धान खरीदी व्यवस्था सुधारने की तैयारी, डॉ. परिणय फुके समिति ने मंत्री को सौंपी रिपोर्ट (Image: AI)

Parinay Fuke Committee Paddy Procurement Report: विधायक डॉ. परिणय फुके की अध्यक्षता वाली समिति ने धान खरीदी व्यवस्था सुधारने के लिए अपनी रिपोर्ट मंत्री छगन भुजबळ को सौंपी है। समिति ने छत्तीसगढ़ मॉडल का अध्ययन कर किसानों को 72 घंटे में भुगतान, पारदर्शी खरीदी प्रक्रिया और तकनीक आधारित व्यवस्था लागू करने की सिफारिश की है। इससे महाराष्ट्र के किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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Asfi Shadab
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धान खरीदी व्यवस्था में सुधार के लिए समिति की सिफारिशें

Parinay Fuke Committee Paddy Procurement Report: नागपुर: धान खरीदी व्यवस्था और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रणाली का अध्ययन करने के लिए गठित विधायक डॉ. परिणय फुके की अध्यक्षता वाली समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री छगन भुजबळ को सौंप दी है। समिति ने छत्तीसगढ़ की सफल धान खरीदी व्यवस्था को महाराष्ट्र में लागू करने के संबंध में अहम सुझाव दिए हैं।

विधानसभा के बजट सत्र के दौरान डॉ. फुके ने मुद्दा उठाया था कि छत्तीसगढ़ में किसानों को धान बेचने के मात्र 72 घंटे के भीतर भुगतान मिल जाता है। इसी व्यवस्था के अध्ययन के लिए राज्य सरकार ने उनके नेतृत्व में एमएसपी अध्ययन समिति बनाई थी। समिति में विधायक विनोद अग्रवाल, संजय पुराम, राजू कारेमोरे सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।

छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान समिति ने वहां के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयालदास बघेल और अधिकारियों से पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। बारदाना प्रबंधन, खरीदी केंद्रों की कार्यप्रणाली, 48 से 72 घंटे में भुगतान व्यवस्था और बैंकिंग प्रणाली के जरिए निधि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का बारीकी से अध्ययन किया गया।

छत्तीसगढ़ मॉडल से महाराष्ट्र के किसानों को मिलेगी राहत

पारदर्शिता और अनियमितता रोकने के लिए विकसित आईसीसीसी (ICCC) प्रणाली का भी अध्ययन किया गया, जिसे महाराष्ट्र में लागू करने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में दोनों राज्यों की व्यवस्थाओं की तुलना कर जरूरी सुधारों का उल्लेख किया गया है।

डॉ. परिणय फुके ने कहा, “किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य, पारदर्शी खरीदी व्यवस्था और अधिक प्रभावी समर्थन मूल्य प्रणाली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह अध्ययन दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।” उन्होंने बताया कि सिफारिशों को जल्द लागू करने पर मंत्री छगन भुजबळ से सकारात्मक चर्चा हुई है।

अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि राज्य सरकार इन सिफारिशों को कब तक अमल में लाती है।


रिपोर्ट: जस्सी, महाराष्ट्र

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