Abhishek Banerjee PA: दो महीने की फरारी के बाद सीआईडी के सामने पेश हुए सुमित रॉय

Abhishek Banerjee PA: अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय 2 महीने बाद सीआईडी के समक्ष पेश हुए। शालबोनी जमीन घोटाले और धोखाधड़ी के मामलों में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद शुरू हुई पूछताछ।
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कलकत्ता हाई कोर्ट से झटका, सुप्रीम कोर्ट से राहत
Abhishek Banerjee PA: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। लगभग दो महीने तक जांच एजेंसियों की पहुंच से दूर रहने के बाद सुमित रॉय शनिवार सुबह कोलकाता स्थित भवानी भवन में सीआईडी के समक्ष पूछताछ के लिए प्रस्तुत हुए। सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम सुरक्षा के बीच वे अपना पक्ष दर्ज कराने पहुंचे हैं। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को सीआईडी अधिकारियों ने उनके घर जाकर ताजा समन जारी किया था।
कई गंभीर मामलों में घेरे में हैं सुमित रॉय
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भूमि कब्जा मामला: डायमंड हार्बर क्षेत्र में उनके खिलाफ जमीन हड़पने और असामाजिक तत्वों को संरक्षण देने के आरोप में चार अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज हैं।
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शालबोनी प्लॉट घोटाला: पश्चिम मिदनापुर के शालबोनी में हुए चर्चित जमीन घोटाले में भी उनका नाम मुख्य आरोपियों में शामिल है।
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फर्जी नौकरी रैकेट: डेबरा क्षेत्र में युवाओं से नौकरी का वादा कर धन उगाही करने के आरोप में भी उन पर मामला चल रहा है।
अदालती प्रक्रिया और सुप्रीम कोर्ट का आदेश
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कलकत्ता हाई कोर्ट: उच्च न्यायालय के जस्टिस तीर्थंकर घोष की पीठ ने सह-आरोपियों के बयानों का अध्ययन करने के बाद सुमित रॉय को एक मामले में राहत दी लेकिन शालबोनी मामले में अग्रिम जमानत देने से साफ इंकार कर दिया।
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सुप्रीम कोर्ट की राहत: हाई कोर्ट से राहत न मिलने पर वे शीर्ष अदालत पहुंचे। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अस्थायी रोक लगाते हुए उन्हें सीआईडी की जांच प्रक्रिया में शामिल होने और सहयोग करने का स्पष्ट निर्देश दिया।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

