Durga Puja Grant Bengal: कॉर्पोरेट पंडालों पर कसेगा शिकंजा, छोटी पूजा कमेटियों को राहत की तैयारी

Durga Puja Grant Bengal: राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद पहली दुर्गापूजा पर बड़ा फैसला10 लाख से कम बजट वाली छोटी कमेटियों को मिल सकता है1.20 लाख का अनुदान। जानें टैक्स छूट, बिजली बिल में राहत और नए नियमों की पूरी रिपोर्ट।
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पीएम मोदी और अमित शाह के कोलकाता आने की सुगबुगाहट
Durga Puja Grant Bengal: राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बार आयोजित होने जा रही दुर्गापूजा को लेकर इस बार सरकारी अनुदान का गणित पूरी तरह बदलने वाला है। सचिवालय नवान्न के सूत्रों के मुताबिक इस बार सरकार का ध्यान ‘ब्रांडेड उत्सव’ के बजाय ‘जमीनी और आर्थिक रूप से कमजोर’ पूजा कमेटियों को संबल देने पर है।
बजट आधारित अनुदान: 10 लाख की लक्ष्मण रेखा
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छोटे आयोजकों को प्राथमिकता: जिन दुर्गापूजा कमेटियों का कुल बजट 10 लाख से कम है उन्हें ही मुख्य रूप से सरकारी अनुदान दिया जाएगा।
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संभावित राशि: सूत्रों का कहना है कि आर्थिक सहायता की राशि को पिछले साल के 1,10,000 से बढ़ाकर 1,20,000 रुपये किया जा सकता है।
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कॉर्पोरेट स्पॉन्सरशिप वाली कमेटियां बाहर: करोड़ों रुपये के बजट और भारी-भरकम विज्ञापनों से संपन्न बड़ी पूजा कमेटियों को इस बार अनुदान सूची से बाहर रखा जाएगा ताकि जरूरतमंद और नई कमेटियों को फंड मिल सके।
कर और बिजली बिल राहत पर बनी सहमति
हाल ही में मुख्यमंत्री खेल व युवा कल्याण मंत्री इंद्रनील खां और ‘फोरम फॉर दुर्गोत्सव’ के प्रतिनिधियों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में अनुदान के अलावा प्रशासनिक राहत पर भी चर्चा हुई।
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नगर निगम टैक्स: होर्डिंग्स और बैनर पर लगने वाले कर में छूट देने का आश्वासन दिया गया है।
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बिजली दरें: पूजा पंडालों के लिए बिजली की रियायती दरों को लेकर संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
वीआईपी मौजूदगी और सुरक्षा के बड़े इंतजाम
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि उत्सव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कोलकाता के प्रमुख पंडालों का दौरा कर सकते हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर राज्य स्तर पर अलग से रणनीति बनाई जा रही है। नवान्न के अधिकारियों का मानना है कि इस बार भले ही बड़े बजट की कमेटियों को सरकारी पैसा न मिले, लेकिन करों और बिजली में राहत देकर उत्सव के आकर्षण को बनाए रखा जाएगा।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

