Kolkata News: सरकारी डॉक्टरों के लिए नए नियम, हफ्ते में तीन दिन प्राइवेट प्रैक्टिस पर पाबंदी

Kolkata News: पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग का बड़ा फैसला। अब सरकारी और शिक्षक डॉक्टर एडमिशन डे और उसके बाद के दो दिनों तक यानी लगातार तीन दिन नहीं कर सकेंगे प्राइवेट प्रैक्टिस। जानिए इस नए नियम से जुड़े सभी अपडेट्स।
विषयसूची
सरकारी डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस नियम
Kolkata News: पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था और मरीज की स्वास्थ्य सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए एक बेहद अहम निर्देश जारी किया है।नए नियमों के तहत अब सरकारी डॉक्टर और शिक्षक डॉक्टर सप्ताह में लगातार तीन दिनों तक प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे।
नियम कैसे होगा लागू
स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह प्रतिबंध संबंधित डॉक्टर के एडमिशन डे और उसके बाद के दो दिनों यानी कुल 72 घंटे (लगातार तीन दिन) प्रभावी रहेगा। एडमिशन डे यह वह दिन होता है जिस दिन किसी डॉक्टर की आउटडोर ड्यूटी होती है उनके यूनिट में मरीज भर्ती होते हैं वे वार्ड में मरीजों को देखते हैं तथा ऑपरेशन या अन्य प्रोसीजर करते हैं।अधिकांश प्रोफेसर और शिक्षक डॉक्टरों का यह एडमिशन डे हफ्ते में अमूमन एक दिन होता है लेकिन इस नए निर्देश के कारण उन्हें उस दिन सहित अगले दो दिनों तक निजी क्लीनिक या चैंबर में प्रैक्टिस करने की अनुमति नहीं होगी।
क्यों उठाया गया यह कदम
स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस नए निर्देश का मुख्य उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को बेहतर और निर्बाध चिकित्सा सेवा देना है। विभाग का मानना है कि एडमिशन डे के दिन जिन मरीजों को डॉक्टर अपने अधीन भर्ती करते हैं, उनकी सेहत पर अगले 48 घंटों तक गहन निगरानी और डॉक्टर की निरंतर मौजूदगी बेहद जरूरी होती है। मरीजों के हितों और उनकी सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए ही यह निर्णय लिया गया है।
कितने डॉक्टरों पर पड़ेगा असर
फिलहाल यह निर्देश मेडिकल एजुकेशन सर्विस (चिकित्सा शिक्षा सेवा) से जुड़े डॉक्टरों और फैकल्टी सदस्यों के लिए जारी किया गया है। हालांकि, प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक बहुत जल्द स्वास्थ्य सेवा (Health Service) के गैर-शिक्षक डॉक्टर भी इस दायरे में आ जाएंगे। इन दोनों सेवाओं को मिलाकर राज्य के लगभग 12 से 13 हजार सरकारी डॉक्टर इस नए नियम के दायरे में आएंगे जिससे सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता और बढ़ने की उम्मीद है।
रिपोर्ट: शिंकी सिंह, कोलकाता

