Kolkata News: मध्यरात्रि में पाटुली में गोलीबारी, छत पर हमला, तृणमूल समर्थक की हत्या

Patuli Jadavpur shooting TMC supporter killed Kolkata: कोलकाता के पाटुली में देर रात छत पर हुई गोलीबारी में एक तृणमूल समर्थक की मौत हो गई और एक व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस के अनुसार यह घटना दो गुटों के बीच पैसे के विवाद के कारण हुई। अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और मामले की जांच जारी है।
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पाटुली में आधी रात गोलीकांड, छत पर हमला कर तृणमूल समर्थक की हत्या
Patuli Jadavpur shooting TMC supporter killed Kolkata: कोलकाता के यादवपुर विधानसभा क्षेत्र के पाटुली इलाके में बुधवार की आधी रात दो गुटों के बीच हुई गोलीबारी में एक तृणमूल समर्थक की मौत हो गई। घटना कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 101 में हुई। मृतक की पहचान राहुल दे (36) के रूप में हुई है, जबकि जीत मुखोपाध्याय नाम का एक व्यक्ति घायल हुआ है।

घटना क्या हुई?

जीत मुखोपाध्याय ने बुधवार रात अपने घर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया था, जिसमें पुराने परिचित राहुल दे को आमंत्रित किया गया था। रात करीब साढ़े बारह बजे जब दोनों अपनी आवासीय इमारत की छत पर बैठे थे, तभी एक प्रतिद्वंद्वी गुट के बदमाश इमारत में घुसे और छत पर पहुंचकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। पड़ोसियों ने करीब तीन राउंड गोलीबारी की आवाज़ सुनी। छत पर मौजूद बाकी लोग मौके से भाग गए और राहुल के परिजनों को सूचित किया।

राहुल के भाई और मां जब घटनास्थल पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि राहुल गोली लगने से लहूलुहान हालत में पड़े हैं और उनके पास ही जीत भी घायल अवस्था में हैं। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने राहुल को मृत घोषित कर दिया। जीत फिलहाल ईएम बाईपास के निकट एक निजी अस्पताल में इलाजाधीन हैं।

घटना के पीछे विवाद और पुलिस की कार्रवाई

जीत का आपराधिक इतिहास

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जीत मुखोपाध्याय वर्ष 2021 से पाटुली छोड़ चुके थे। उन पर विभिन्न असामाजिक गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में पाटुली थाने द्वारा कई बार गिरफ्तारी की जा चुकी है। जीत पहले इलाके के तृणमूल पार्षद बप्पादित्य दासगुप्ता के करीबी माने जाते थे, लेकिन बाद में पार्षद के नाम पर ही असामाजिक कार्य करने लगे – जिसके बाद खुद पार्षद ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।

इसके बाद जीत को तृणमूल खेमे से बाहर निकाल इलाका छोड़ने पर मजबूर किया गया। वे पड़ोसी वार्ड 99 में किराये पर रहने लगे, जहां भी इसी तरह के अपराधों में नेताजी नगर थाने द्वारा कई बार उनकी गिरफ्तारी हुई। बीते 15 से 20 दिनों से जीत फुलबागान स्थित अपने माता-पिता के फ्लैट में वापस आकर रह रहे थे।

पुलिस जांच

प्रारंभिक जांच में पुलिस ने पाया है कि यह घटना सिंडिकेट और धन बंटवारे को लेकर दो गुटों के बीच विवाद का नतीजा है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि दोनों गुट तृणमूल के आश्रित हैं। पुलिस इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। आगे की जांच जारी है।
रिपोर्ट: एकबाल, पश्चिम बंगाल

